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भारतीय केले पर रोक लगाने की नेपाली किसानों की मांग

Wed, 29 Sep 2021 10:36 PM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 29 Sep 2021 10:36 PM IST
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Nepali Farmers demands Indians Bananas to brack in Nepal
भारतीय केले पर रोक लगाने की नेपाली किसानों ने उठाई मांग
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महराजगंज। पिछले 15 साल से केले की खेती कर रहे सीमावर्ती क्षेत्र नवलपरासी के किसानों ने लुंबिनी प्रदेश के कृषि मंत्री से मिलकर भारत से केले के आयात को रोकने की मांग की। नहीं रोकने पर आंदोलन की चेतावनी दी। बुधवार सुबह प्रतापपुर गांवपालिका-6 के किसान मोतीलाल कोइरी के नेतृत्व में सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों का एक समूह लुंबिनी प्रदेश की कृषि खाद्य प्रौद्योगिकी और भूमि प्रबंधन मंत्री सुमन शर्मा से मिलकर ज्ञापन सौंपा।
किसानों ने कहा कि 10 एकड़ क्षेत्र में केले पकने लगे हैं और पौधे पर गिरने लगे हैं, क्योंकि उन्हें बाजार में भाव नहीं मिल रहा था। केले सड़ने के डर से उन्हें केले सस्ते में बेचने को मजबूर होना पड़ा। क्योंकि नकदी फसल केले की मेहनत और निवेश से नेपाली बाजार में कीमत नहीं मिल पा रही है। भारतीय केले नेपाली केले की तुलना में 10 रुपये प्रति किलोग्राम सस्ते हैं, इसलिए नेपाली केले का बाजार तब से गिर रहा है, जब से भारतीय केले नेपाल के विभिन्न बाजारों में उपलब्ध होने लगे हैं।
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केला उत्पादक संघ के अध्यक्ष लाखू यादव ने बताया कि इस साल त्योहार के दौरान नेपाली बाजार में भारतीय केले 25 रुपये से 28 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहे हैं। किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए केला बीमा नीति में सुधार करना चाहिए, बीज, खाद पर सब्सिडी देनी चाहिए। भारतीय केले की नेपाल में बिक्री पर रोक लगनी चाहिए।
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नेपाली नागरिकों का माल्यार्पण कर स्वागत
नौतनवां। कोरोना के कारण पिछले करीब 22 महीनों से बंद भारत-नेपाल सीमा के खुलने के बाद बुधवार को नेपाल से भारत में आने वाले नेपाली नागरिकों को फूलमाला पहनाकर कांग्रेसियों द्वारा उनका स्वागत किया गया। वरिष्ठ कांग्रेसी नेता विजय सिंह एडवोकेट ने कहा कि सीमा पर कोरोना के कारण प्रतिबंध लगने से दोनों देशों के नागरिकों के बीच दूरी और खटास भी काफी बढ़ गई थी। अब नेपाल सीमा खुलने के बाद एक बार फिर से रोटी-बेटी के संबंधों को मजबूती मिली है। कांग्रेसी नेता नागेंद्र प्रसाद शुक्ला ने कहा कि दोनों देशों के नागरिकों का आवागमन सुचारू होने से विश्व के पटल पर एक बेहतर संदेश जाएगा। इस दौरान गंगाजल चौरसिया, राजीव शुक्ला, उमेश साहनी, केसी पांडेय, दिलीप कुमार, इंद्रेश चौधरी, प्रेम लाल साहनी, इसरार खान आदि मौजूद रहे।

प्रतिबंधों को समाप्त करने की मांग
नौतनवां। भाजपा सैनिक प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष एवं भूतपूर्व सैनिक मनोज कुमार राना ने जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन एसडीएम राम सजीवन मौर्य को सौंपा। भारत-नेपाल सीमा पर आवागमन को लेकर जारी सभी प्रतिबंधों को समाप्त करने की मांग की। उनका कहना है कि कहने को भारत-नेपाल की दोनों सीमाएं खोल दी गई हैं, लेकिन निजी वाहनों का आवागमन न होने के कारण दोनों देशों में इलाज एवं अन्य जरूरी कार्यों को लेकर आने-जाने वाले लोगों को तमाम परेशानी हो रही है। संवाद
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