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महराजगंजः सीमा सील होने से नेपाल के पर्यटन कारोबार को झटका 

Mon, 22 Jun 2020 02:49 AM IST
दुष्यंत शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज
अमर उजाला नेटवर्क, महराजगंज Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 22 Jun 2020 02:49 AM IST
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Nepal's tourism business in loss due to border seal
Indo nepal border - फोटो : अमर उजाला।

नेपाल में लॉकडाउन और सीमा सील होने के कारण करीब दस हजार से अधिक होटल से जुड़े कारोबारी परेशान हैं। हालात को देखते हुए पचास प्रतिशत कारोबारियों ने तो छह माह के लिए होटल बंद कर दिया है। समस्या को देखते हुए उन्होंने अपने कर्मचारियों को छुट्टी देकर घर भेज दिया है। 

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वर्ष 2020 को पर्यटन वर्ष मनाने की होड़ में होटल तो खुले, लेकिन कोरोना संक्रमण ने उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इस महामारी के कारण कारोबारियों की पूंजी फंस गई है। उन्हें चिंता सता रही है कि आगे कारोबार कैसे चलेगा। सभी लोग अब हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं। 
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अकेले काठमांडू में दो दर्जन से अधिक अंतरराष्ट्रीय स्तर के होटल हैं। कंपनी रजिस्ट्रार के कार्यालय के अनुसार नेपाल में कंपनी रजिस्ट्रार के कार्यालय में 10,700 होटल और रेस्तरां पंजीकृत हैं। इन दिनों सभी बंद पडे़ हैं। करीब करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ है। नेपाल पर्यटन उद्योग से जुड़े लोग चिंतित हैं कि आगे का कारोबार कैसे होगा। 
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होटल एसोसिएशन ऑफ नेपाल हान के पूर्व उपाध्यक्ष विनायक शाह ने बताया कि नेपाल में करीब 10,700 से अधिक छोटे और बड़े होटल, गेस्ट हाउस, लॉज पंजीकृत हैं। राजमार्गों पर खोले गए होटलों की संख्या विभाग में पंजीकृत नहीं है। उन्होंने बताया कि जब तक पर्यटन उपग्रह खाता प्रचालन में नहीं आता है, तब तक नेपाल में प्रवेश करने वाले पर्यटकों की संख्या, होटलों की संख्या में वृद्धि आदि की सही जानकारी नहीं हो सकती है। 

टूर एंड ट्रैवेल्स एसोसिएशन रूपनदेही के अध्यक्ष श्रीचन्द्र गुप्ता ने बताया कि रूपनदेही जिले में 210 होटल और लाज के साथ 100 से अधिक रेस्टोरेंट हैं, जिसमें थ्री स्टार, पांच सितारा होटल भी शामिल है। भैरहवा, पोखरा और काठमांडू का होटल पूरी तरह भारतीय पर्यटकों पर निर्भर है, जबकि लुम्बिनी विदेशी पर्यटकों से गुलजार रहता था। 

होटल व्यवसायी प्रशांत शर्मा ने बताया कि होटल का कारोबार ठप है। नेपाल का पर्यटन विदेशी पर्यटकों पर निर्भर था, जो भारत से ही आते थे। हाल के दिनों में होटल व्यवसाय से जुड़े हजारों लोग बेरोजगार हो गए हैं। लॉकडाउन के पूर्व प्रतिमाह तीन लाख का कारोबार हो जाता था, जो इन दिनों बंद है। 

होटल व्यवसायी रमेश जोशी ने बताया कि रूपनदेही, नवलपरासी और लुम्बिनी जिले में करीब एक हजार होटल, रेस्टोरेंट और बार हैं, जो बंद हैं। इससे जुड़े करीब पचास हजार लोगों के सामने रोजी रोटी की समस्या हो गई है। समस्या के समाधान के लिए सरकार को निर्णय लेना चाहिए। भारत के साथ हम लोगों का पुराना रिश्ता है। मतभेद नहीं होना चाहिए।


पांच हजार से ज्यादा आते थे पर्यटक 
नेपाल स्थित बेलहिया के आब्रजन अधिकारी गिरिराज ने बताया कि सामान्य दिनों में श्रीलंका, थाईलैंड, फ्रांस, स्पेन, आस्ट्रेलिया, नीदरलैंड, रूस, भूटान, अमेरिका, चीन सहित दो दर्जन देशों के करीब 500 विदेशी पर्यटक आते थे। इसके अलावा भारत के गोरखपुर, लखनऊ, आगरा, दिल्ली, महाराष्ट्र, गुजरात, समेत कई प्रदेशों के पांच हजार भारतीय पर्यटक प्रतिदिन सोनौली सीमा से नेपाल पहुंचते थे। लॉकडाउन के बाद आवागमन बंद है।

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