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Maharajganj News: सोनौली सीमा पर आठ किमी लंबा जाम, दो के बजाय पांच दिन में पूरा हो रहा सफर

Wed, 07 Oct 2026 02:14 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 07 Oct 2026 02:14 AM IST
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Nepal Customs yard is too small, demand for two shifts for vehicles with green and yellow forms
सोनौली। नेपाल-भारत के प्रमुख व्यापारिक मार्ग सोनौली-भैरहवा-बेलहिया सीमा पर मालवाहक वाहनों का दबाव अब धीरे-धीरे कम हो रहा है।करीब 14 से 15 किलोमीटर तक लगी वाहनों की कतार अब घटकर लगभग आठ किमी रह गई है। इसके बावजूद सीमा पार करने में कारण पांच दिन या उससे अधिक समय लग जा रहा है।
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जानकारी के अनुसार, छह लेन के वाणिज्यिक मार्ग पर वाहन घंटों नहीं बल्कि कई दिनों से फंसे हैं। इसका सीधा असर भारत-नेपाल व्यापार और आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति पर पड़ रहा है। लंबे समय तक वाहन खड़े रहने से आयातकों को अतिरिक्त डैमेज शुल्क देना पड़ रहा है, जबकि परिवहन लागत बढ़ने से कारोबारियों का खर्च भी लगातार बढ़ रहा है।
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भैरहवा भंसार कार्यालय के अनुसार, बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई मार्गों के अवरुद्ध होने से भारत के विभिन्न हिस्सों से नेपाल आने वाले मालवाहक वाहन लंबे समय तक रास्ते में फंसे रहे। अब इन वाहनों का दबाव बेलहिया सीमा पर बढ़ गया है। त्योहारों के नजदीक आने के कारण खाद्य सामग्री, दैनिक उपयोग की वस्तुओं और औद्योगिक कच्चे माल की आवाजाही बढ़ने से स्थिति और गंभीर हो गई है।
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भैरहवा भंसार कार्यालय के प्रमुख भंसार अधिकारी हरिहर पौडेल ने बताया कि मार्ग अवरुद्ध होने के कारण रुके वाहन अब धीरे-धीरे नेपाल पहुंच रहे हैं। रात में भी वाहनों को भंसार परिसर में प्रवेश कराकर उनकी जांच की जा रही है। सामान्य दिनों में करीब 400 मालवाहक वाहन प्रतिदिन भैरहवा भंसार से गुजरते हैं। दबाव कम करने के लिए रात एक बजे तक वाहनों को परिसर में प्रवेश देने की व्यवस्था की गई है।
वहीं, वाहन चालकों धीरज कुमार निवासी खजनी, दीपक सिंह निवासी बांसगांव, रामसहाय निवासी गाजीपुर का कहना है कि सीमा मार्ग देर रात तक खुला रहने के बावजूद नियमित जांच प्रक्रिया अपेक्षित गति से नहीं चल रही है। उनका आरोप है कि वाहनों को रात में भंसार परिसर में प्रवेश तो दिया जा रहा है लेकिन मुख्य जांच प्रक्रिया धीमी होने के कारण वाहन लंबे समय तक खड़े रहते हैं।

यार्ड की क्षमता बढ़ाने से ही समाधान संभव
नेपाल भंसार एजेंट संघ, रूपनदेही के अध्यक्ष मधु पंथी ने बताया कि भंसार परिसर की सीमित क्षमता भी इस समस्या का बड़ा कारण है। प्रतिदिन करीब 400 से 500 वाहनों की जांच करनी पड़ती है, जबकि मौजूदा यार्ड में केवल करीब 350 वाहनों को खड़ा करने की क्षमता है। ऐसे में रोजाना 100 से 150 वाहनों को यार्ड के बाहर रोकना पड़ रहा है। समस्या का स्थायी समाधान यार्ड की क्षमता बढ़ाने से ही संभव है। उन्होंने मांग की कि सुबह से दो पालियों में जांच कर येलो और ग्रीन चैनल वाले वाहनों को जल्द बाहर निकाला जाए तो भारत की ओर खड़े वाहनों को नेपाल में प्रवेश दिया जा सकता है। ।



बोले अधिकारीमार्ग अवरुद्ध होने के कारण रुके वाहन अब धीरे-धीरे नेपाल पहुंच रहे हैं। रात में भी वाहनों को भंसार परिसर में प्रवेश कराकर उनकी जांच की जा रही है। सामान्य दिनों में करीब 400 मालवाहक वाहन प्रतिदिन भैरहवा भंसार से गुजरते हैं। दबाव कम करने के लिए रात दस बजे के अतिरिक्त तीन घंटे यानी रात एक बजे तक वाहनों को परिसर में प्रवेश देने की व्यवस्था की गई है।
- हरिहर पौडेल, मुख्य, भैरहवा भंसार कार्यालय
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