{"_id":"6ac560b263e8e9c8720f0096","slug":"national-health-mission-employees-boycotted-work-wore-black-bands-and-protested-maharajganj-news-c-206-1-mhg1039-186524-2026-10-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई, हजारों मरीज लौटे निराश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई, हजारों मरीज लौटे निराश
विज्ञापन
सीएचसी में धरना देतीं कर्मचारी।
महराजगंज। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों के कार्य बहिष्कार से जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो गई हैं। इसकी वजह से हजारों मरीजों को निराश होकर लौटना पड़ा।
अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में एनएचएम कर्मियों ने कार्य बहिष्कार किया। जिले के 1022 एनएचएम कर्मचारियों में 297 संविदा एएनएम और 179 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) इसमें शामिल हैं। सीएचओ के कार्य बहिष्कार से 179 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की सेवाएं बंद रहीं। सीएचओ ने सीएचसी परिसर में धरना दिया, जबकि सीएचसी और सीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।
एसीएमओ डॉ. बीर विक्रम सिंह ने बताया कि आरोग्य मंदिर बंद रहने से सामान्य दिनों की तुलना में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, स्वास्थ्य उप केंद्र पर 3380 मरीजों को ओपीडी सेवा और 845 मरीजों को टेलीमेडिसिन सेवा के तहत इलाज नहीं मिल सका। मरीजों को उपचार के लिए सीएचसी और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ा। ओपीडी, लैब जांच, परिवार नियोजन, महिला स्वास्थ्य, टीबी और किशोर-किशोरी काउंसिलिंग समेत एनएचएम से जुड़ी अन्य सेवाओं की रफ्तार भी धीमी रही।
विज्ञापन
212 टीकाकरण सत्र प्रभावित, सिर्फ 126 का ही बन सका आयुष्मान कार्ड
संविदा एएनएम के कार्य बहिष्कार का असर नियमित टीकाकरण पर भी पड़ा। सामान्य दिनों में जिले में 332 सत्र आयोजित होते हैं लेकिन अब स्थायी एएनएम के माध्यम से करीब 120 सत्र ही संचालित हो पा रहे हैं। करीब 212 सत्र प्रभावित हैं। संचालित सत्रों की रिपोर्टिंग भी नहीं हो पा रही है। एसीएमओ डॉ. नीरज कनौजिया ने बताया कि हड़ताल से विभागीय रिपोर्टिंग प्रभावित हुई है। संविदा एएनएम टीकाकरण सत्रों में काम नहीं कर रही हैं। स्थायी एएनएम के माध्यम से करीब 120 सत्र संचालित हो रहे हैं, लेकिन उनकी रिपोर्टिंग भी नहीं हो पा रही है। आयुष्मान भारत योजना पर भी इसका असर पड़ा है। सामान्य दिनों में 400 से अधिक गोल्डन कार्ड बनते हैं, जबकि मंगलवार को 126 ही बन सके।
सदर सीएचसी में सीएचओ व एनएचएम कर्मियों ने दिया धरना
सदर सीएचसी परिसर में सीएचओ और एनएचएम कर्मचारियों ने धरना दिया। संविदा कर्मचारी संघ के सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि लंबित मांगों के समाधान के लिए आंदोलन किया जा रहा है। जल्द निर्णय नहीं होने पर प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश पर आंदोलन तेज किया जाएगा। धरने में सीएचओ राधेश्याम, उमाशंकर, प्रदीप वर्मा, बबीता मौर्य, पुनीता, वंदना, मधु, रीना और अंजलि समेत अन्य शामिल रहे।
लक्ष्मीपुर में काली पट्टी बांध किया विरोध प्रदर्शन
लक्ष्मीपुर सीएचसी पर भी कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। इसमें डॉ. मनीष कश्यप, कंचन पांडेय, संदीप श्रीवास्तव, अशोक उपाध्याय, दुर्गेश, सुरेंद्र, जितेंद्र, आत्मानंद, सोनिया, पूजा सिंह, कंचन राय, प्रतिमा, डॉ. रुखसाना, ऐश्वर्या, मधु, नुजहत, काजल, रेनू और सपना आदि शामिल रहीं। कर्मचारियों ने मांगों का निस्तारण होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
एनआरएचएम कर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना जारी
फरेंदा। संघर्ष समिति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देशन में पांच सूत्री मांगों को लेकर फरेंदा ब्लॉक के एनआरएचएम कर्मियों की अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में वे लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद लंबे समय से उनकी विभिन्न समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो सका है। धरने में आरबीएसके टीम के डॉ. अनिरुद्ध पांडेय, डॉ. विशाल चतुर्वेदी, डॉ. प्रदीप यादव, डॉ. आसमा तरन्नुम, दिनेश वर्मा, सत्य प्रकाश त्रिपाठी, केशव शुक्ल, दिलीप सिंह, काउंसलर विनोद कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में एनएचएम कर्मियों ने कार्य बहिष्कार किया। जिले के 1022 एनएचएम कर्मचारियों में 297 संविदा एएनएम और 179 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ) इसमें शामिल हैं। सीएचओ के कार्य बहिष्कार से 179 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों की सेवाएं बंद रहीं। सीएचओ ने सीएचसी परिसर में धरना दिया, जबकि सीएचसी और सीएमओ कार्यालय के कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया।
विज्ञापन
एसीएमओ डॉ. बीर विक्रम सिंह ने बताया कि आरोग्य मंदिर बंद रहने से सामान्य दिनों की तुलना में हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, स्वास्थ्य उप केंद्र पर 3380 मरीजों को ओपीडी सेवा और 845 मरीजों को टेलीमेडिसिन सेवा के तहत इलाज नहीं मिल सका। मरीजों को उपचार के लिए सीएचसी और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों का रुख करना पड़ा। ओपीडी, लैब जांच, परिवार नियोजन, महिला स्वास्थ्य, टीबी और किशोर-किशोरी काउंसिलिंग समेत एनएचएम से जुड़ी अन्य सेवाओं की रफ्तार भी धीमी रही।
विज्ञापन
212 टीकाकरण सत्र प्रभावित, सिर्फ 126 का ही बन सका आयुष्मान कार्ड
संविदा एएनएम के कार्य बहिष्कार का असर नियमित टीकाकरण पर भी पड़ा। सामान्य दिनों में जिले में 332 सत्र आयोजित होते हैं लेकिन अब स्थायी एएनएम के माध्यम से करीब 120 सत्र ही संचालित हो पा रहे हैं। करीब 212 सत्र प्रभावित हैं। संचालित सत्रों की रिपोर्टिंग भी नहीं हो पा रही है। एसीएमओ डॉ. नीरज कनौजिया ने बताया कि हड़ताल से विभागीय रिपोर्टिंग प्रभावित हुई है। संविदा एएनएम टीकाकरण सत्रों में काम नहीं कर रही हैं। स्थायी एएनएम के माध्यम से करीब 120 सत्र संचालित हो रहे हैं, लेकिन उनकी रिपोर्टिंग भी नहीं हो पा रही है। आयुष्मान भारत योजना पर भी इसका असर पड़ा है। सामान्य दिनों में 400 से अधिक गोल्डन कार्ड बनते हैं, जबकि मंगलवार को 126 ही बन सके।
सदर सीएचसी में सीएचओ व एनएचएम कर्मियों ने दिया धरना
सदर सीएचसी परिसर में सीएचओ और एनएचएम कर्मचारियों ने धरना दिया। संविदा कर्मचारी संघ के सूर्य प्रताप सिंह ने कहा कि लंबित मांगों के समाधान के लिए आंदोलन किया जा रहा है। जल्द निर्णय नहीं होने पर प्रदेश कार्यकारिणी के निर्देश पर आंदोलन तेज किया जाएगा। धरने में सीएचओ राधेश्याम, उमाशंकर, प्रदीप वर्मा, बबीता मौर्य, पुनीता, वंदना, मधु, रीना और अंजलि समेत अन्य शामिल रहे।
लक्ष्मीपुर में काली पट्टी बांध किया विरोध प्रदर्शन
लक्ष्मीपुर सीएचसी पर भी कर्मचारियों ने काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन किया। इसमें डॉ. मनीष कश्यप, कंचन पांडेय, संदीप श्रीवास्तव, अशोक उपाध्याय, दुर्गेश, सुरेंद्र, जितेंद्र, आत्मानंद, सोनिया, पूजा सिंह, कंचन राय, प्रतिमा, डॉ. रुखसाना, ऐश्वर्या, मधु, नुजहत, काजल, रेनू और सपना आदि शामिल रहीं। कर्मचारियों ने मांगों का निस्तारण होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी दी है।
एनआरएचएम कर्मियों का अनिश्चितकालीन धरना जारी
फरेंदा। संघर्ष समिति राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के निर्देशन में पांच सूत्री मांगों को लेकर फरेंदा ब्लॉक के एनआरएचएम कर्मियों की अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी रहा। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उनका कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने में वे लगातार महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद लंबे समय से उनकी विभिन्न समस्याओं का अपेक्षित समाधान नहीं हो सका है। धरने में आरबीएसके टीम के डॉ. अनिरुद्ध पांडेय, डॉ. विशाल चतुर्वेदी, डॉ. प्रदीप यादव, डॉ. आसमा तरन्नुम, दिनेश वर्मा, सत्य प्रकाश त्रिपाठी, केशव शुक्ल, दिलीप सिंह, काउंसलर विनोद कुमार गुप्ता आदि मौजूद रहे।