Maharajganj: तीन परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़, नये साल पर पसरा मातम, जानिए पूरा मामला
महोब गांव के पास गोरखपुर-बनारस एनएच 28 फोरलेन पर हादसा हो गया। कार सवार तीन युवकों की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई। जबकि दो युवक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं।
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शनिवार आधी रात गोरखपुर जिले के बेलीपार थाना क्षेत्र के महोब गांव के पास गोरखपुर-बनारस एनएच 28 फोरलेन पर हादसा हो गया। कार सवार तीन युवकों की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई। जबकि दो युवक अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। हालांकि, हादसे में बचा एक युवक हादसे के बाद सदमें से अभी तक बाहर नहीं निकल सका है।
मृतक युवकों के घर पर सन्नाटा पसरा हुआ है। जानकारी के मुताबिक कोतवाली ठूठीबारी क्षेत्र के गड़ौरा निवासी शिवांश मिश्रा (17), निचलौल शहर के महाशय वार्ड निवासी आयुष्मान सिंह (19), गोलू उर्फ युग राजपूत (17), कोर्टवार्ड निवासी आशीष मद्देशिया (25), हर्रेडिह वार्ड निवासी अब्दुल अहद (16), अरबाज (17) शनिवार रात करीब आठ बजे एक कार में सवार होकर निचलौल से गोरखपुर के लिए निकल पड़े। जहां पर कुछ दोस्तों से मुलाकात करने के बाद कौड़ीराम के लिए जा रहे थे।
अभी गोरखपुर जिले के बेलीपार थाना क्षेत्र अंतर्गत कौड़ीराम मार्ग पर महोबा गांव के ओभर ब्रिज के निकट पहुंचे थे। इस बीच खड़े एक वाहन से कार टकरा गई। जिससे कार सवार आशीष मद्देशिया,आयुष्मान सिंह और अब्दुल अहद की मौके पर दर्दनाक मौत हो गई। जबकि घायल शिवांश मिश्रा,अरबाज और गोलू को निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। जहां पर शिवांश और अरबाज जिंदगी और मौत के बीच जंग लड़ रहे हैं। मामूली रुप से घायल गोलू हादसे के सदमें में है।
बहन को बनाना चाहता था अफसर
निचलौल के महाशय वार्ड निवासी मृत आयुष्मान सिंह बड़ी बहन आकांक्षा सिंह से छोटा था। पिता बप्पन सिंह जेएचवी शुगर मिल गड़ौरा में स्टोर कीपर के पद पर कार्य करते थे। जिससे दोनों बच्चों को पढ़ाई के साथ घर का खर्च चलता था, लेकिन शुगर मिल बंद होने के चलते उनकी आर्थिक स्थिति कमजोर हो गई। उसके बाद आयुष्मान पढ़ाई छोड़ छोटे से व्यवसाय करने लगा। जिससे घर का खर्च चलाने के साथ बड़ी बहन आकांक्षा को इलाहाबाद भेजकर तैयारी करा रहा था। पिता बप्पन का कहना है कि बेटा अपने से बड़ी बहन को पढ़ा लिखा कर अफसर बनाना चाहता था, जो अब अधूरा रह जाएगा।
निचलौल शहर के हरेडीह वार्ड निवासी मकसूद लंबे समय से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे हैं। पत्नी रेशमा बानो गृहणी हैं। मृत अब्दुल अहद तीन बहन नूरी, गुलसफा, दरक्षा और भाई अनस से छोटा था। परिवार में सभी लोग उससे बहुत प्यार करते थे। अब्दुल महराजगंज स्थित एक कॉलेज से पॉलिटेक्निक कर रहा था। उसका सपना था कि वह पढ़ लिखकर आगे बढ़ा इंजीनियर बने, लेकिन खुदा को शायद यह मंजूर नहीं था।
निचलौल शहर के कोर्ट वार्ड निवासी मृत आशीष मद्देशिया बड़े भाई विपिन से छोटा था। पिता की मौत के बाद आशीष बड़े भाई विपिन के साथ कास्मेटिक की दुकान चलाने में मदद करता था। वहीं आशीष बाइक चलाने का काफी शौकीन था। एक बाइक को कुछ दिनों तक चलाने के बाद बदल देता था।
निचलौल शहर के तीन युवकों की एक साथ सड़क हादसें में मौत की खबर पूरे शहर में तेजी से फैल गई। उसके बाद मृत युवकों के दोस्त और करीबियों द्वारा पूरे दिन सोशल मीडिया पर शोक संदेश की पोस्ट वायरल होने लगी।