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Maharajganj News: 15 दिन में निस्तारित हुआ मोटर दुर्घटना दावा, पीड़ितों को राहत
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परिजनों ने 28 नवंबर को प्रस्तुत किया था मोटर दुर्घटना दावा प्रतिकर न्यायालय में दावा
परतावल। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, महराजगंज में एक दावा प्रकरण का रिकॉर्ड समय में निस्तारित किया गया है। सड़क दुर्घटना में मृतक के परिजनों को मात्र 15 दिन के भीतर सुलह के माध्यम से प्रतिकर दिलाया गया। इसे सराहनीय पहल माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, 18 नवंबर को सड़क दुर्घटना में बसहिया बुजुर्ग टोला उर्दहनी निवासी झन्नन प्रसाद (50) की मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने 28 नवंबर को मोटर दुर्घटना दावा प्रतिकर न्यायालय में दावा प्रस्तुत किया। सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा दाखिल किए जाने के कारण प्रकरण में किसी प्रकार की देरी नहीं हुई। मृतक की पत्नी कलावती एवं अन्य आश्रितों की ओर से अधिवक्ता आशुतोष त्रिपाठी ने दावा प्रस्तुत किया था। वहीं, बीमा कंपनी की ओर से अधिवक्ता ने सुलह की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कराया। दोनों पक्षों की सहमति से मात्र 15 दिन में ही बीमा कंपनी ने सुलह राशि पर सहमति जताते हुए प्रकरण का निस्तारण कर दिया।
आमतौर पर ऐसे मामलों में महीनों का समय लग जाता है। याचीगण ने त्वरित न्याय एवं सहायता मिलने पर अपने अधिवक्ता आशुतोष त्रिपाठी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी व मोटर दुर्घटना दावा प्रतिकर न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त किया है। स्थानीय स्तर पर इस निस्तारण को एक सकारात्मक और प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
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परतावल। मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, महराजगंज में एक दावा प्रकरण का रिकॉर्ड समय में निस्तारित किया गया है। सड़क दुर्घटना में मृतक के परिजनों को मात्र 15 दिन के भीतर सुलह के माध्यम से प्रतिकर दिलाया गया। इसे सराहनीय पहल माना जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, 18 नवंबर को सड़क दुर्घटना में बसहिया बुजुर्ग टोला उर्दहनी निवासी झन्नन प्रसाद (50) की मृत्यु हो गई थी। घटना के बाद मृतक के परिजनों ने 28 नवंबर को मोटर दुर्घटना दावा प्रतिकर न्यायालय में दावा प्रस्तुत किया। सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ दावा दाखिल किए जाने के कारण प्रकरण में किसी प्रकार की देरी नहीं हुई। मृतक की पत्नी कलावती एवं अन्य आश्रितों की ओर से अधिवक्ता आशुतोष त्रिपाठी ने दावा प्रस्तुत किया था। वहीं, बीमा कंपनी की ओर से अधिवक्ता ने सुलह की प्रक्रिया को शीघ्र पूर्ण कराया। दोनों पक्षों की सहमति से मात्र 15 दिन में ही बीमा कंपनी ने सुलह राशि पर सहमति जताते हुए प्रकरण का निस्तारण कर दिया।
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आमतौर पर ऐसे मामलों में महीनों का समय लग जाता है। याचीगण ने त्वरित न्याय एवं सहायता मिलने पर अपने अधिवक्ता आशुतोष त्रिपाठी, यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी व मोटर दुर्घटना दावा प्रतिकर न्यायालय के प्रति आभार व्यक्त किया है। स्थानीय स्तर पर इस निस्तारण को एक सकारात्मक और प्रेरणादायक उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।
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