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बाल विवाह वाले क्षेत्रों को चिह्नित करें : डीएम
maharaganj
Updated Thu, 01 Mar 2018 12:27 AM IST
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कायऱ्र्यक्रम
- फोटो : amar ujala
महराजगंज। बुधवार को जिला पंचायत सभागार में जीएनके प्लान (ग्राम नियोजन केंद्र) के तहत बाल विवाह को लेकर गोष्ठी आयोजित की गई। बतौर मुख्य अतिथि जिलाधिकारी वीरेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि जेई एईएस प्रभावित क्षेत्र की तरह बाल विवाह वाले क्षेत्र को चिह्नित करें, तथा उसके कारणों का पता लगाएं जिससे की बाल विवाह रोका जा सके। इस मौके पर बाल विवाह पर अपना विचार व्यक्त करने वाली एक छात्रा को डीएम ने सम्मानित भी किया।
डीएम ने कहा जिस तरह से जेई एईएस प्रभावित क्षेत्रों में रोक थाम के लिए एहतियात बरता जा रहा है, उसी प्रकार बाल विवाह होने वाले क्षेत्रों में भी अभियान चलाया जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि आखिर बाल विवाह का कारण क्या है? अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ला ने कहा कि अभी बाल विवाह को लेकर कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है। अगर कहीं से भी बाल विवाह की सूचना मिली तो कार्रवाई की जाएगी। सर्वहितकारी सेवा संस्थान के सचिव विनोद तिवारी ने कहा कि गांव-गांव बाल विवाह को लेकर अभी नहीं, कभी नहीं का नारा बुलंद होना चाहिए। जंगली इलाकों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे करने पर पता चला है कि कुछ लोग अनाथ बच्चों का बाल विवाह करा देते हैं। जीएनके प्लान के परियोजना निदेशक विभाश चटर्जी ने बताया कि बीते 24 जनवरी 2018 से 18 वन ग्राम सहित करीब 100 गांवों में विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया गया। जीएनके प्लान की राज्य समन्वयक चारु शुक्ला ने बाल विवाह के बारे में विस्तार से बताया।
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डीएम ने कहा जिस तरह से जेई एईएस प्रभावित क्षेत्रों में रोक थाम के लिए एहतियात बरता जा रहा है, उसी प्रकार बाल विवाह होने वाले क्षेत्रों में भी अभियान चलाया जाए। साथ ही यह भी पता लगाया जाए कि आखिर बाल विवाह का कारण क्या है? अपर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शुक्ला ने कहा कि अभी बाल विवाह को लेकर कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं कराई गई है। अगर कहीं से भी बाल विवाह की सूचना मिली तो कार्रवाई की जाएगी। सर्वहितकारी सेवा संस्थान के सचिव विनोद तिवारी ने कहा कि गांव-गांव बाल विवाह को लेकर अभी नहीं, कभी नहीं का नारा बुलंद होना चाहिए। जंगली इलाकों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे करने पर पता चला है कि कुछ लोग अनाथ बच्चों का बाल विवाह करा देते हैं। जीएनके प्लान के परियोजना निदेशक विभाश चटर्जी ने बताया कि बीते 24 जनवरी 2018 से 18 वन ग्राम सहित करीब 100 गांवों में विभिन्न माध्यमों से जागरूकता अभियान चलाया गया। जीएनके प्लान की राज्य समन्वयक चारु शुक्ला ने बाल विवाह के बारे में विस्तार से बताया।
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