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Maharajganj News: मनोज ने नहीं मानी हार... औरों को भी दिखाई राह

Thu, 02 Jan 2025 01:08 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 02 Jan 2025 01:08 AM IST
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Manoj did not accept defeat... showed the path to others too
महराजगंज। सवा पांच साल पहले नेशनल हाईवे-730 के निर्माण के दौरान हुई ज्यादती के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट तक लंबी लड़ाई लड़ने वाले मनोज टिबड़ेवाल का सफर मुश्किलों भरा रहा। मनोज ने हार नहीं मानी और डटे रहे। बिना नोटिस मकान तोड़ने के जिम्मेदारों के खिलाफ केस और मुआवजे के सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अन्य पीड़ितों को भी उम्मीद जगी है और उन्हें भी न्याय के लिए राह दिखी है।
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मनोज कहते हैं कि 13 सितंबर 2019 को हाईवे निर्माण के दौरान 1960 में बना दो मंजिला पुश्तैनी मकान और दुकानें तत्कालीन जिला प्रशासन ने बिना नोटिस दिए तुड़वा दिया। मनोज की मां लक्ष्मी देवी ने उस वक्त डीएम को पत्र लिखकर मुआवजे की मांग की थी लेकिन जिला प्रशासन ने बिना मुआवजे के मकान तुड़वा दिया, परिजनों से बदसलूकी भी की गई। मनोज ने बताया कि पहली बार किसी प्रकरण की जांच के लिए मानवाधिकार आयोग ने सीधे टीम जिले में भेज दी, जिसने एक सप्ताह यहां रुककर विस्तृत जांच की जिसमें अफसर दोषी पाए गए। बस्ती के तत्कालीन मंडलायुक्त आईएएस अनिल कुमार सागर ने स्थलीय जांच की जिसमें तत्कालीन जिलाधिकारी दोषी मिले थे।
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मनोज ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट ने बुलडोजर की कार्रवाई को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश दिया है। इस आदेश के बाद सबसे पहला फायदा महराजगंज के कॉलेज रोड से लेकर ठूठीबारी तक के लोगों को होगा, जिनके मकान और दुकान टूटने वाले थे। नगर के बीच से पुराने बाजार को उजाड़कर हाईवे बनाने का निर्णय चंद जिम्मेदारों ने लिया। इससे शहर का कारोबार तो उजड़ा ही साथ ही साथ पुरानी चहल-पहल और रौनक भी गायब हो गई।
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अपनी कार्यप्रणाली से सुर्खियों में रहे तत्कालीन डीएम

2019 में हाईवे निर्माण के लिए मकान तुड़वाने के लिए कार्रवाई की जद में आए तत्कालीन जिलाधिकारी अमरनाथ उपाध्याय वर्तमान में विशेष सचिव दिव्यांगजन सशक्तिकरण हैं। महराजगंज में तैनाती के दौरान अपनी कार्य प्रणाली को लेकर सुर्खियों में रहते थे। मधवलिया गोसदन में मवेशियों की मौत के मामले में निलंबित कर दिए गए थे। तत्कालीन एएसपी आशुतोष शुक्ल वर्तमान में मुरादाबाद एसपी ग्रामीण हैं। तत्कालीन अपर जिलाधिकारी कुंज बिहारी अग्रवाल वर्तमान में सेवानिवृत हो चुके हैं। तत्कालीन ईओ के चार्ज पर रहे राजेश जायसवाल वर्तमान में आगरा में एसडीएम हैं। एनएचआईए के अधीक्षण अभियंता मणिकांत अग्रवाल वर्तमान में मध्य प्रदेश में हैं। उप निरीक्षक कंचन राय वर्तमान में देवरिया में तैनात हैं। प्रभारी निरीक्षक निर्भय सिंह महराजगंज जिले के पनियरा थाने के प्रभारी हैं।
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