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Maharajganj News: माता पार्वती के तप से प्रसन्न हुए भगवान शिव
Sun, 05 May 2024 02:17 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 05 May 2024 02:17 AM IST
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फरेंदा। क्षेत्र के कम्हरिया में आयोजित नौ दिवसीय रुद्र महायज्ञ में कथा वाचक पंडित कृषण मोहन त्रिपाठी ने भगवान शिव व माता पार्वती की कथा सुनाई। प्रवचनकर्ता ने कहा कि माता पार्वती भगवान शिव से विवाह करने की इच्छुक थीं। सभी देवता भी चाहते थे कि पर्वत राजकन्या पार्वती का विवाह भगवान शिव से हो। शिव को अपना वर बनाने के लिए माता पार्वती ने बहुत कठोर तपस्या की। उनकी तपस्या से बड़े-बड़े पर्वतों की नींव डगमगाने लगी। यह देखकर भगवान शंकर ने अपनी आंखें खोली और पार्वती से आह्वान किया कि वह किसी राजकुमार से शादी करें। लेकिन माता पार्वती तो अपने निर्णय पर अडिग थी, उन्होंने कहा कि वह विवाह सिर्फ भगवान शिव से ही करेंगी। पार्वती की जिद देखकर भोलेनाथ पिघल गए और उनसे विवाह करने के लिए राजी हो गए।
वहीं यज्ञ स्थल पर यजमानों द्वारा पौधरोपण किया गया। अध्यक्ष ओंकार नाथ पांडेय ने कहा कि सनातन धर्म में पेड़ को देवता का दर्जा दिया गया है। शनिवार को यजमान सुनील पांडेय व उनकी पत्नी सत्यभामा पांडेय ने रुद्राभिषेक किया। इस दौरान अष्टभुजा, चुन्नू, टोनू, योगेन्द्र,राजेश, जंसवत पांडेय मौजूद रहे।
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रामलीला कलाकारों ने किया फुलवारी का मंचन
फरेंदा। कंहरिया में आयोजित नौ दिवसीय रुद्र महा यज्ञ महोत्सव के तहत रामलीला कलाकारों द्वारा फुलवारी, राम सीता मिलन का मंचन किया। कलाकारों द्वारा दिखाया गया कि भगवान राम और लक्ष्मण, मुनि विश्वामित्र के साथ जनकपुर में आयोजित धनुष यज्ञ महोत्सव को देखने गए हैं। मुनि विश्वामित्र ने अपने पूजा के लिए राम और लक्ष्मण को फूल लाने के लिए कहा, जिस पर वे राजा जनक की पुष्प वाटिका में फूल लेने के लिए जाते हैं। इसी दौरान माता जानकी गौरी पूजन के लिए जाती हैं, वहीं पर भगवान राम और माता जानकी का मिलन होता है। कलाकारों द्वारा फुलवारी की प्रस्तुति को देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए। संवाद
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वहीं यज्ञ स्थल पर यजमानों द्वारा पौधरोपण किया गया। अध्यक्ष ओंकार नाथ पांडेय ने कहा कि सनातन धर्म में पेड़ को देवता का दर्जा दिया गया है। शनिवार को यजमान सुनील पांडेय व उनकी पत्नी सत्यभामा पांडेय ने रुद्राभिषेक किया। इस दौरान अष्टभुजा, चुन्नू, टोनू, योगेन्द्र,राजेश, जंसवत पांडेय मौजूद रहे।
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रामलीला कलाकारों ने किया फुलवारी का मंचन
फरेंदा। कंहरिया में आयोजित नौ दिवसीय रुद्र महा यज्ञ महोत्सव के तहत रामलीला कलाकारों द्वारा फुलवारी, राम सीता मिलन का मंचन किया। कलाकारों द्वारा दिखाया गया कि भगवान राम और लक्ष्मण, मुनि विश्वामित्र के साथ जनकपुर में आयोजित धनुष यज्ञ महोत्सव को देखने गए हैं। मुनि विश्वामित्र ने अपने पूजा के लिए राम और लक्ष्मण को फूल लाने के लिए कहा, जिस पर वे राजा जनक की पुष्प वाटिका में फूल लेने के लिए जाते हैं। इसी दौरान माता जानकी गौरी पूजन के लिए जाती हैं, वहीं पर भगवान राम और माता जानकी का मिलन होता है। कलाकारों द्वारा फुलवारी की प्रस्तुति को देखकर दर्शक भाव विभोर हो गए। संवाद
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