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Maharajganj News: समितियों पर लटक रहे ताले, डीएपी के लिए भटक रहे किसान

Wed, 22 Nov 2023 12:28 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Wed, 22 Nov 2023 12:28 AM IST
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Locks hanging on committees, farmers wandering for DAP
साधन सहकारी समिति अरदौना पर खाद न होने से लटक रहे ताला।संवाद
-समितियों पर ताला लटकते देख निराश होकर लौट रहे किसान, जिम्मेदारों के दावा का खुला पोल
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संवाद न्यूज एजेंसी

निचलौल। क्षेत्र में अधिकतर सहकारी समितियों पर इन दिनों डीएपी खाद खत्म हो चुकी है। इससे किसान काफी परेशान हैं। क्योंकि उन्हें गेहूं की बुआई की चिंता सता रही है। अभी बड़े पैमाने पर गेहूं की बुआई होनी शेष है। इसके अलावा अन्य फसलों की भी बुआई बाकी है।
इस समय गेहूं, तिलहन, दलहन, जौ फसल की बुआई का सीजन चल रहा है। सहकारी समितियों पर कुछ दिनों पहले मामूली बोरी डीएपी (खाद) पहुंची थी। जो इन दिनों खत्म हो चुकी है। ऐसे में खाद समाप्त होने से समितियों पर ताले लटक गए हैं। नतीजा खाद लेने पहुंचे किसान ताला लटका देख कर लौट जा रहे हैं। यह तस्वीरें मंगलवार को अमर उजाला पड़ताल में सामने देखने को मिला।
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समय 12:20 बजे, साधन सहकारी समिति रुद्रौली पर ताला लटका हुआ था। समिति के सामने चबूतरे पर कुछ लोग बैठे थे। जिन्होंने बताया कि दो दिन पहले समिति पर खाद बंटा था। जो अब समाप्त हो चुका है। ऐसे में समिति बंद है। वही समिति के सचिव अजय शंकर तिवारी ने कहा कि समिति पर 200 बोरी डीएपी (खाद) आया था, जिसे आधार कार्ड और खतौनी के आधार पर किसानों में वितरण कर दिया गया है। खाद की मांग की गई है। जल्द खाद आने पर वितरण किया जाएगा।
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समय 12:50 बजे, साधन सहकारी समिति खरचौली पर ताला खुला था। समिति पर खाद नहीं थी। समिति प्रभारी अमरेंद्र गिरी मौजूद रहे। समिति पर धान क्रय केंद्र भी बना है। समिति पर मौजूद लोगों ने कहा कि खाद न मिलने की वजह से खेतों की बुआई करने में उन्हें काफी दिक्कत हो रही। वही पूछताछ में समिति प्रभारी ने बताया कि आठ दिन पहले 280 बोरी डीएपी (खाद) आई थी। जो किसानों में वितरण हो चुकी है। खाद के लिए उच्चाधिकारियों से निरंतर संपर्क साधा जा रहा है।
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समय 1:05 बजे, साधन सहकारी समिति टीकर पर ताला लटका हुआ था। खाद के लिए समिति पर आ रहे किसान ताला लटका देख लौट रहे थे। किसानों को कोई खाद से संबंधित जानकारी देने वाला भी समिति पर मौजूद नहीं रहा। ऐसे में किसान सुभाष और अनिल ने बताया कि समिति पर कब खाद आ रही है। कब वितरण हो जा रही है। अधिकांश किसानों को पता नहीं चल पा रहा है। वही समिति के प्रभारी धीरज मिश्रा ने बताया की दो दिन पहले समिति पर आई 200 बोरी डीएपी खाद को वितरण कर दिया गया है।
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समय 1:25 बजे, साधन सहकारी समिति अरदौना पर भी कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला। यहां पर भी ताला लटका हुआ था। खाद लेने समिति पर आ रहे किसान ताला लटका देख लौट जा रहे थे। समिति पर आए किसान प्रवीण ने कहा कि वह खाद के लिए सुबह से दो बार समिति पर आ चुके हैं, लेकिन ताला लटका देख वह लौट जा रहे है। यहां कोई कुछ जानकारी भी देने वाला नहीं है। समिति के सचिव निजामुद्दीन ने कहा कि समिति पर चार दिन पहले 300 बोरी डीएपी खाद आई थी। शनिवार को दो सौ से अधिक बोरी खाद को किसानों में वितरण कर दिया है। 60 से 70 बोरी खाद बची होगी। उसे भी जल्द वितरण कर दिया जाएगा।

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बुआई पिछड़ने के डर से महंगे दामों में खरीद रहे खाद
क्षेत्र के किसान नरेंद्र पटेल, सद्दाम हुसैन, राधेश्याम, सुनील आदि ने बताया कि गेहूं फसल दिसंबर के पहले पखवाड़े तक बोई जाएगी, लेकिन किसानों के सामने खाद का संकट आ गया है। उनकी चिंता बढ़ गई है। किसानों को अपनी फसल की बुवाई के पिछड़ने का डर लगने लगा है। ऐसे में वह लोग निजी दुकान पर पहुंच 1500 से 1600 रुपये देकर खाद खरीदने को मजबूर है। क्योंकि समितियों के जिम्मेदारों का मानें तो अभी खाद की रैक को आने में चार से पांच दिन का समय लग सकता है।
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