{"_id":"6871692cba178c88ca0d27bf","slug":"leopard-cubs-seen-in-the-gardens-of-pakriyar-and-kotia-maharajganj-news-c-206-1-mhg1007-154320-2025-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: पकड़ियार और कोटिया के बागीचे में दिखे तेंदुए के शावक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: पकड़ियार और कोटिया के बागीचे में दिखे तेंदुए के शावक
Sat, 12 Jul 2025 01:12 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 12 Jul 2025 01:12 AM IST
विज्ञापन
घुघली। पकड़ियार-बिशुनपुर और कोटिया गांव के लोगों में तेंदुए की दहशत बरकरार है। बृहस्पतिवार की रात तेंदुए के शावक बागीचे में धमा-चौकड़ी करते दिखे।
वहीं रात में कोटिया, पकड़ियार-बिशुनपुर, नारायण टोला और मेदनीपुर की सड़कों पर घूमते हैं। इससे लोगों में दहशत है।
तेंदुए के शावक रात में सड़कों पर मादा तेंदुआ के साथ खेलते दिखाई देते हैं। दिन में किसान अपनी खेती बारी तो कर ले रहे हैं, लेकिन रात में बाहर निकलना उनके लिए कठिन हो गया है। वनकर्मियों ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए घने बागीचे के बीच एक मुर्गी फार्म के पास पिंजरा लगाया और उसमें मुर्गा भी रखा।
बाद में उसी बागीचे में जाकर पटाखे भी फोड़े, ताकि उसकी सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सके। मगर यह सबकुछ बेकार चला गया। बृहस्पतिवार की रात पकड़ियार बिशुनपुर गांव के गुड्डू तिवारी कुछ लोगों के साथ घने बगीचे के उस पार अपने खेत में गए थे। उन्हें पास में ही स्थित ड्रेन के पुल के नीचे तेंदुए के दोनों शावक उछलकूद करते दिखे।
ग्रामीणों का कहना है कि घने बागीचे में खूंटा मैदान रोड पर स्थित धनंजय यादव के मुर्गी फार्म पर तेंदुआ अंधेरे में दो बार आया था। मरी हुई मुर्गियों के अवशेष को खाकर करीब डेढ़ घंटे तक रहा और फिर आबादी की ओर चला गया। छत्रसाल स्कूल के प्रबंधक रास बिहारी का कहना है कि तेंदुए और उसके शावकों से डर है। पकड़ियार बिशुनपुर के राम सनेही यादव का कहना है कि बुधवार की रात तेंदुआ घर के दरवाजे पर आया था। पत्नी ने देखकर शोर मचाया तो वह बगीचे में भाग गया। धनंजय यादव ने कहा कि शाम को बगीचे से होकर जाने वाला रास्ता बंद हो जाता है।
विज्ञापन
विज्ञापन
वहीं रात में कोटिया, पकड़ियार-बिशुनपुर, नारायण टोला और मेदनीपुर की सड़कों पर घूमते हैं। इससे लोगों में दहशत है।
तेंदुए के शावक रात में सड़कों पर मादा तेंदुआ के साथ खेलते दिखाई देते हैं। दिन में किसान अपनी खेती बारी तो कर ले रहे हैं, लेकिन रात में बाहर निकलना उनके लिए कठिन हो गया है। वनकर्मियों ने तेंदुआ को पकड़ने के लिए घने बागीचे के बीच एक मुर्गी फार्म के पास पिंजरा लगाया और उसमें मुर्गा भी रखा।
बाद में उसी बागीचे में जाकर पटाखे भी फोड़े, ताकि उसकी सक्रियता का अंदाजा लगाया जा सके। मगर यह सबकुछ बेकार चला गया। बृहस्पतिवार की रात पकड़ियार बिशुनपुर गांव के गुड्डू तिवारी कुछ लोगों के साथ घने बगीचे के उस पार अपने खेत में गए थे। उन्हें पास में ही स्थित ड्रेन के पुल के नीचे तेंदुए के दोनों शावक उछलकूद करते दिखे।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि घने बागीचे में खूंटा मैदान रोड पर स्थित धनंजय यादव के मुर्गी फार्म पर तेंदुआ अंधेरे में दो बार आया था। मरी हुई मुर्गियों के अवशेष को खाकर करीब डेढ़ घंटे तक रहा और फिर आबादी की ओर चला गया। छत्रसाल स्कूल के प्रबंधक रास बिहारी का कहना है कि तेंदुए और उसके शावकों से डर है। पकड़ियार बिशुनपुर के राम सनेही यादव का कहना है कि बुधवार की रात तेंदुआ घर के दरवाजे पर आया था। पत्नी ने देखकर शोर मचाया तो वह बगीचे में भाग गया। धनंजय यादव ने कहा कि शाम को बगीचे से होकर जाने वाला रास्ता बंद हो जाता है।
विज्ञापन