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Maharajganj News: लेखपालों ने जमा किया अतिरिक्त हल्कों का बस्ता, 300 गांवों के राजस्व काम ठप

Thu, 24 Sep 2026 02:02 AM IST
Gorakhpur Bureau गोरखपुर ब्यूरो
Updated Thu, 24 Sep 2026 02:02 AM IST
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Lekhpals surrender records of additional jurisdictions; revenue work in 300 villages comes to a halt.
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अतिरिक्त प्रभार के करीब 300 गांवों में राजस्व कार्य प्रभावित

आय-जाति प्रमाणपत्र की रिपोर्ट से लेकर पैमाइश तक का काम रुका

महराजगंज। लेखपालों के अतिरिक्त प्रभार वाले गांवों का बस्ता जमा करने से जिले के करीब 300 गांवों में राजस्व संबंधी काम प्रभावित होने लगा है। आय, जाति और निवास प्रमाणपत्र की रिपोर्ट, जमीन की पैमाइश, फार्मर रजिस्ट्री, खसरा और वरासत से जुड़े काम के लिए ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। दूसरी तरफ लेखपाल अपनी परेशानी गिनाते हुए आंदोलन पर अड़े हुए हैं।
लेखपाल संघ अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहा है। संगठन के निर्देश पर लेखपालों ने अतिरिक्त क्षेत्रों का काम छोड़ते हुए बस्ता जमा कर दिया है। लेखपालों का कहना है कि मूल क्षेत्र के साथ अतिरिक्त गांवों का प्रभार मिलने से काम का दबाव बढ़ गया है। वहीं, बस्ता जमा होने से संबंधित गांवों में राजस्व कार्यों के प्रभावित होने का असर अब ग्रामीणों पर दिखाई देने लगा है।
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लेखपाल संघ के सदर तहसील अध्यक्ष अशोक त्रिपाठी ने बताया कि सदर तहसील के करीब 150 गांवों में ऑनलाइन और ऑफलाइन राजस्व कार्य प्रभावित है। सरकार लेखपालों की वर्षों से लंबित मांगों को पूरा करे, जिससे आम जनता के काम प्रभावित न हो। सदर तहसील के लेखपाल राकेश जायसवाल ने बताया कि प्रदेश कार्यकारिणी और जिले के पदाधिकारियों के निर्देश पर आंदोलन किया जा रहा है।
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लेखपाल मारुती नंदन निगम ने बताया कि संगठन की मांगें लंबे समय से लंबित होने के कारण अतिरिक्त क्षेत्रों का बस्ता जमा किया गया है। प्रांतीय पदाधिकारियों के निर्देश के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। फरेंदा तहसील अध्यक्ष उपेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। जिले के अतिरिक्त गांव से जुड़े ग्रामीण तहसील में पहुंचे तो जानकारी हुई कि लेखपालों द्वारा बस्ता जमा कर दिया गया है। इस वजह से उनके जरूरी कार्य नहीं हो सके।
इन कामों पर पड़ रहा असर

लेखपालों के जिम्मे आय, जाति व निवास प्रमाणपत्र की रिपोर्ट, वरासत, फार्मर रजिस्ट्री, आईजीआरएस, तहसील व थाना दिवस, मुख्यमंत्री जनता दर्शन, ड्रोन सर्वे, न्यायालय संबंधी रिपोर्ट, अंश निर्धारण, फसल क्षति आकलन, क्रॉप कटिंग, पराली प्रबंधन, सरकारी भूमि की निगरानी और अतिक्रमण संबंधी कार्य भी हैं। इसके अलावा रेलवे भूमि अधिग्रहण, पीडब्ल्यूडी के सड़क विस्तारीकरण और विभिन्न शिकायतों की जांच कर आख्या तैयार करने का काम भी किया जाता है
बोले ग्रामीण
पेंशन योजना का लाभ लेने के लिए आय प्रमाण पत्र बनवाना है। ऑनलाइन लेखपाल की रिपोर्ट लगनी है। इसके लिए तहसील गए थे लेकिन लेखपाल से मुलाकात नहीं हो सकी। पता चला कि वह आंदोलन कर रहे हैं।
-गणपत खोनहौली, निचलौल
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खेत के अंश निर्धारण से संबंधित कार्य के लिए तहसील गया था लेकिन लेखपाल से मुलाकात नहीं हो सकी। अंश निर्धारण नहीं होने से समस्या हो रही है। अब लगता है कि लेखपालों का आंदोलन समाप्त होने के बाद ही काम हो सकेगा।
-बबलू, निचलौल
वर्जन

लेखपालों के पास राजस्व कार्यों के साथ कई अन्य विभागीय जिम्मेदारियां भी हैं। अतिरिक्त क्षेत्र का काम संभालने से कार्यभार और बढ़ जाता है। संगठन की ओर से लंबे समय से उठाई जा रही मांगों का समाधान नहीं होने पर अतिरिक्त क्षेत्रों का बस्ता जमा किया गया है। मांगें पूरी होने पर काम व्यवस्थित तरीके से करने में सहूलियत होगी।

-ऋषिकेश शर्मा जिला, महामंत्री उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ



अतिरिक्त क्षेत्रों का प्रभार छोड़ने से संबंधित गांवों में राजस्व कार्य प्रभावित होना स्वाभाविक है। सरकार से मांग है कि लेखपालों की लंबित मांगों पर जल्द निर्णय लिया जाए ताकि व्यवस्था सुचारु हो सके। ग्रेड पे 2800 रुपये करने, मंडल से बाहर इच्छुक लेखपालों का स्थानांतरण, स्टेशनरी व साइकिल समेत अन्य भत्तों में वृद्धि और वेतन विसंगति दूर करने की मांग प्रमुख है।
-सूरज कुमार जिलाध्यक्ष उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ
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