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देर से स्कूल गए विद्यार्थियों को नहीं मिला प्रवेश
Fri, 15 Feb 2019 12:55 AM IST
राकेश पांडेय
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Fri, 15 Feb 2019 12:55 AM IST
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देर से स्कूल गए विद्यार्थियों को नहीं मिला प्रवेश
- फोटो : अमर उजाला
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मिठौरा (महराजगंज)। निर्मला स्कूल के बच्चों को देर से स्कूल पहुंचने पर प्रवेश नहीं दिया गया। पढ़ाई किए बगैर बच्चों को लौटना पड़ा। छात्रों के मुताबिक महज 10 मिनट की देरी हुई तो गेट बंद कर दिया गया। स्कूल प्रशासन की मनमानी पर अभिभावकों ने नाराजगी जताई है।
बृहस्पतिवार को छात्र दिव्यांश जायसवाल, शिवम मौर्या, सत्यम आदि स्कूल पहुंचे तो गेट बंद मिला। छात्रों ने गेट खोलने का अनुरोध किया लेकिन स्कूल प्रशासन की ओर से देर से आने की बात कहा गया और गेट नहीं खोला गया। इसके चलते बच्चे मायूस होकर लौट गए। इसकी शिकायत छात्रों ने अभिभावकों से की। अभिभावक सोनू जायसवाल, दिग्विजय आदि का कहना था कि विद्यालय में पठन पाठन का कार्य सुबह नौ बजे शुरू होता है। मात्र दस मिनट देर होने के कारण एक घटे तक बच्चे गेट के बाहर खडे़ रहे और उन्हें अंदर प्रवेश भी नहीं दिया गया। स्कूल प्रशासन से अनुरोध के बाद भी कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। उनका कहना था कि इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी। निर्मला स्कूल के फादर सवियो का कहना है कि नियम सबके लिए है। पढ़ाई के साथ अनुशासन भी जरूरी है। विलंब से आने के कारण कुछ छात्रों को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया गया है। ऐेसा इसलिए किया गया है ताकि बच्चे समय से स्कूल आएं।
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बृहस्पतिवार को छात्र दिव्यांश जायसवाल, शिवम मौर्या, सत्यम आदि स्कूल पहुंचे तो गेट बंद मिला। छात्रों ने गेट खोलने का अनुरोध किया लेकिन स्कूल प्रशासन की ओर से देर से आने की बात कहा गया और गेट नहीं खोला गया। इसके चलते बच्चे मायूस होकर लौट गए। इसकी शिकायत छात्रों ने अभिभावकों से की। अभिभावक सोनू जायसवाल, दिग्विजय आदि का कहना था कि विद्यालय में पठन पाठन का कार्य सुबह नौ बजे शुरू होता है। मात्र दस मिनट देर होने के कारण एक घटे तक बच्चे गेट के बाहर खडे़ रहे और उन्हें अंदर प्रवेश भी नहीं दिया गया। स्कूल प्रशासन से अनुरोध के बाद भी कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई। उनका कहना था कि इसकी शिकायत उच्चाधिकारियों से की जाएगी। निर्मला स्कूल के फादर सवियो का कहना है कि नियम सबके लिए है। पढ़ाई के साथ अनुशासन भी जरूरी है। विलंब से आने के कारण कुछ छात्रों को स्कूल में प्रवेश नहीं दिया गया है। ऐेसा इसलिए किया गया है ताकि बच्चे समय से स्कूल आएं।
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