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Maharajganj News: कामिनी ने राम मंदिर आंदोलन के लिए महिलाओं को किया था एकजुट
Mon, 22 Jan 2024 02:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Mon, 22 Jan 2024 02:27 AM IST
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फरेंदा।
राममंदिर आंदोलन में 90 के दशक में दुर्गा वाहिनी के अध्यक्ष के रूप में कामिनी श्रीवास्तव ने फरेंदा का प्रतिनिधित्व किया था। इसमें महिलाओं व युवतियों को एकत्र कर राम मंदिर आंदोलन के लिए शिलाओं को एकत्रित करने और उसको अयोध्या पहुंचाने का कार्य किया था। कामिनी इन दिनों बीमार चल रही हैं पर राम मंदिर बनते देख काफी उत्साहित हैं।
अयोध्या में श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की चर्चा जब शुरू हुई तो काफी उत्साहित भाव से उन्होंने कहा कि वर्षों से मंदिर के लिए किया जा रहा संघर्ष रंग लाया, जो यह ऐतिहासिक दिन देखने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि राममंदिर आंदोलन के दौरान पुलिस छापा मार रही थी। कारसेवकों को पकड़ कर जेल में डाल रही थी। उस समय क्षेत्र की कई महिलाओं की टोली को पुलिस थाने में बैठना पड़ा था। उस समय प्रशासन के दमनात्मक रवैये का सभी लोग पुरजोर विरोध कर रहे थे। कामिनी अयोध्या में श्रीराम चबूतरा के निर्माण के लिए 1992 में कारसेवा में शामिल हुई थी। आंदोलन के नायक पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के संपर्क में हमेशा रहकर आंदोलन को धार दी।
फरेंदा के कई लोग 14 दिनों तक जेल में काटी थी रात
श्रीराम मंदिर आंदोलन में जिले के कई कारसेवकों को 14 दिनों तक जेल में बितानी पड़ी थी। कस्बे के राम अवध चौबे, रामदेव पांडेय, अरूण शुक्ला, संजय श्रीवास्तव, सगुण श्रीवास्तव, रवि श्रीवास्तव व प्रमोद तिवारी सहित तमाम युवाओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर 14 दिनों तक फैजाबाद जेल में बंद कर रखा था। उन सभी के खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी।
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राममंदिर आंदोलन में 90 के दशक में दुर्गा वाहिनी के अध्यक्ष के रूप में कामिनी श्रीवास्तव ने फरेंदा का प्रतिनिधित्व किया था। इसमें महिलाओं व युवतियों को एकत्र कर राम मंदिर आंदोलन के लिए शिलाओं को एकत्रित करने और उसको अयोध्या पहुंचाने का कार्य किया था। कामिनी इन दिनों बीमार चल रही हैं पर राम मंदिर बनते देख काफी उत्साहित हैं।
अयोध्या में श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम की चर्चा जब शुरू हुई तो काफी उत्साहित भाव से उन्होंने कहा कि वर्षों से मंदिर के लिए किया जा रहा संघर्ष रंग लाया, जो यह ऐतिहासिक दिन देखने का अवसर मिला। उन्होंने बताया कि राममंदिर आंदोलन के दौरान पुलिस छापा मार रही थी। कारसेवकों को पकड़ कर जेल में डाल रही थी। उस समय क्षेत्र की कई महिलाओं की टोली को पुलिस थाने में बैठना पड़ा था। उस समय प्रशासन के दमनात्मक रवैये का सभी लोग पुरजोर विरोध कर रहे थे। कामिनी अयोध्या में श्रीराम चबूतरा के निर्माण के लिए 1992 में कारसेवा में शामिल हुई थी। आंदोलन के नायक पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह के संपर्क में हमेशा रहकर आंदोलन को धार दी।
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फरेंदा के कई लोग 14 दिनों तक जेल में काटी थी रात
श्रीराम मंदिर आंदोलन में जिले के कई कारसेवकों को 14 दिनों तक जेल में बितानी पड़ी थी। कस्बे के राम अवध चौबे, रामदेव पांडेय, अरूण शुक्ला, संजय श्रीवास्तव, सगुण श्रीवास्तव, रवि श्रीवास्तव व प्रमोद तिवारी सहित तमाम युवाओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर 14 दिनों तक फैजाबाद जेल में बंद कर रखा था। उन सभी के खिलाफ कार्रवाई भी हुई थी।
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