बढ़ने लगे वायरल फीवर, एलर्जी के मरीज
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महराजगंज। मौसम में बदलाव लोगों को बीमार करने लगा है। ठंड शुरू होते ही वायरल फीवर के साथ एलर्जी ने भी लोगों पर अपना असर दिखाना शुरू कर दिया। जिले में तमाम लोग एलर्जी की चपेट में है। जब तक एलर्जी की दवा लोग खाते हैं तब तक ठीक रहती है और दवा बंद होते ही शरीर में दाने निकल जा रहे हैं। वायरल फीवर की चपेट में आए मरीजों की संख्या करीब दो सप्ताह से लगातार बढ़ रही है। साथ ही एलर्जी ने भी लोगों कोचपेट में लिया है, लेकिन यह एलर्जी सामान्य एलर्जी की तरह नहीं है। यह एलर्जी दवा बंद होते ही लोगों को दुबारा चपेट में ले ले रही है। जिले में तमाम लोग इसकी चपेट में है।
जिला अस्पताल से लेकर निजी अस्पतालों तक में एलर्जी और वायरल फीवर के मरीजों की भीड़ बढ़ने लगी है। जिला अस्पताल में तैनात चर्म रोग विशेषज्ञ डॉ. एके राय कहते हैं कि स्कबीज छुआछूत की बीमारी है जो एक से दूसरे व्यक्ति में फैलती है। इसलिए यदि परिवार में कोई एक व्यक्ति इसकी चपेट में है तो अन्य सदस्यों को बचाव के उपाय करने पड़ेंगे। एलर्जी से पीड़ित मरीज अपने कपड़े रोजाना गर्म पानी में धोएं और प्रतिदिन धुले कपड़े का ही प्रयोग करें। इस प्रकार करीब दस दिन तक उपचार के बाद स्कबीज के मरीज को लाभ मिलता है। एलर्जी हाथ पैर की अंगुलियों से शुरू होती है। जिसमें शुरूआत में त्वचा पर दाने निकलने शुरू होते हैं। इन दानों से पस के समान द्रव का रिसाव होता है। एंटीबायोटिक व एंटी एलर्जिक दवा के प्रयोग से यह समाप्त हो रहा है, लेकिन दवा बंद करने पर फिर दाने निकल जा रहे हैं।
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रंजन मिश्रा ने कहा कि बच्चों में ज्यादातर वायरल फीवर और निमोनिया के अलावा सर्दी - खांसी के मरीजों की संख्या बढ़ी है। ऐसे में बच्चों को ठंड से बचाव ही बेहतर उपाय है। इस मौसम में खास तौर से बच्चों को ठंड से बचा कर रखना चाहिए।