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Maharajganj News: शिक्षित होंगे 15 वर्ष से अधिक के निरक्षर
Wed, 01 Mar 2023 12:43 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 01 Mar 2023 12:43 AM IST
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नव साक्षर भारत अभियान के तहत सर्वे करेंगे शिक्षक
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नव साक्षर भारत अभियान के तहत जिले में 15 वर्ष से अधिक उम्र के निरक्षरों को साक्षर बनाने की पहल होगी। शिक्षकों से इनका सर्वे कराया जाएगा। सर्वे में चिह्नित लोगों का विवरण शिक्षक प्रधानाध्यापक को देंगे, जिसे वह अपने लॉगिन से अपलोड करेंगे।
निरक्षरों को साक्षर करने के लिए पहले साक्षरता मिशन की ओर से पहल की जा रही थी। उसके तहत चलने वाले अभियान 31 मार्च 2022 को बंद कर दिया गया था। एक वर्ष तक कोई अभियान नहीं चला। अब फिर से निरक्षरों को साक्षर बनाने की कवायद शुरू की गई है। इसके तहत 75 प्रतिशत महिलाओं व 25 प्रतिशत पुरुषों को साक्षर बनाने का कार्य किया जाना है।
शिक्षित किए जाने वाले लोगों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों, दिव्यांगों व श्रमिकों को प्राथमिकता दी जानी है। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता केके सिंह ने बताया कि निरक्षरों को बुनियादी सारक्षरता, गणितीय ज्ञान के साथ-साथ डिजिटल, वित्तीय, कानूनी, आपदा प्रबंधन, कौशल, स्वास्थ्य व स्वच्छता, परिवार कल्याण, सड़क सुरक्षा आदि विषयों पर शिक्षित किया जाएगा।
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कोट
15 वर्ष से अधिक उम्र के निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए शिक्षकों के माध्यम से सर्वे कराने की योजना है। 1695 विद्यालयों के शिक्षक इस कार्य को करेंगे।
-आशीष कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। नव साक्षर भारत अभियान के तहत जिले में 15 वर्ष से अधिक उम्र के निरक्षरों को साक्षर बनाने की पहल होगी। शिक्षकों से इनका सर्वे कराया जाएगा। सर्वे में चिह्नित लोगों का विवरण शिक्षक प्रधानाध्यापक को देंगे, जिसे वह अपने लॉगिन से अपलोड करेंगे।
निरक्षरों को साक्षर करने के लिए पहले साक्षरता मिशन की ओर से पहल की जा रही थी। उसके तहत चलने वाले अभियान 31 मार्च 2022 को बंद कर दिया गया था। एक वर्ष तक कोई अभियान नहीं चला। अब फिर से निरक्षरों को साक्षर बनाने की कवायद शुरू की गई है। इसके तहत 75 प्रतिशत महिलाओं व 25 प्रतिशत पुरुषों को साक्षर बनाने का कार्य किया जाना है।
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शिक्षित किए जाने वाले लोगों में अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अल्पसंख्यकों, दिव्यांगों व श्रमिकों को प्राथमिकता दी जानी है। जिला समन्वयक सामुदायिक सहभागिता केके सिंह ने बताया कि निरक्षरों को बुनियादी सारक्षरता, गणितीय ज्ञान के साथ-साथ डिजिटल, वित्तीय, कानूनी, आपदा प्रबंधन, कौशल, स्वास्थ्य व स्वच्छता, परिवार कल्याण, सड़क सुरक्षा आदि विषयों पर शिक्षित किया जाएगा।
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कोट
15 वर्ष से अधिक उम्र के निरक्षरों को साक्षर बनाने के लिए शिक्षकों के माध्यम से सर्वे कराने की योजना है। 1695 विद्यालयों के शिक्षक इस कार्य को करेंगे।
-आशीष कुमार सिंह, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी