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Maharajganj News: लर्निंग लाइसेंस फेसलेस तो परमानेंट में भी बदलाव
Sat, 05 Apr 2025 12:56 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 05 Apr 2025 12:56 AM IST
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महराजगंज। परिवहन विभाग ने अपनी अधिकतर सेवाओं को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल कर दिया है। अब लर्निंग लाइसेंस कहीं भी रहकर बनवाया जा सकता है।
वहीं परमानेंट डीएल के लिए ऑनलाइन 10 स्टेप निर्धारित कर दिए हैं। परमानेंट डीएल के लिए टेस्ट ड्राइव अब आरआई या अन्य कर्मी नहीं बल्कि एआई व सेंसर युक्त कैमरे की निगरानी में होंगे। इसके लिए ट्रैक विकसित किया जा रहा है।
लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को एआरटीओ ऑफिस आने की जरूरत नहीं रह गई। अगर जिले के निवासी हैं तो देश के किसी भी हिस्से में बैठकर लर्निंग लाइसेंस का आवेदन कर सकते हैं।
वहीं परमानेंट की प्रक्रिया पूरी तरीके से कम्प्यूटराइज्ड की जा रही है। सीएसआर फंड के तहत ट्रैक डिजिटल और ऑटोमेटेड बन रहा है। ट्रैक पर 10 कैमरे और सेंसर लगाए जा रहे हैं। इसका कंट्रोल रूम भी होगा। आवेदक के वाहन पर बैठते ही उसके चेहरे की स्कैनिंग शुरू हो जाएगी।
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सेंसर उनकी गतिविधियों को ट्रैक करेंगे। यदि गाड़ी ट्रैक के सफेद पट्टी पर टच करती है तो आवेदक को अनुत्तीर्ण माना जाएगा। फेल आवेदक सिर्फ एक मौका पा सकेंगे। संभागीय निरीक्षक परिवहन आरडी प्रसाद वर्मा ने बताया कि अभी ट्रैक विकसित किया जा रहा है, इसलिए पुरानी व्यवस्था इस माह तक प्रभावी रखी जाएगी। आगामी माह से नई व्यवस्था लागू हो सकेगी।न
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वहीं परमानेंट डीएल के लिए ऑनलाइन 10 स्टेप निर्धारित कर दिए हैं। परमानेंट डीएल के लिए टेस्ट ड्राइव अब आरआई या अन्य कर्मी नहीं बल्कि एआई व सेंसर युक्त कैमरे की निगरानी में होंगे। इसके लिए ट्रैक विकसित किया जा रहा है।
लर्निंग लाइसेंस बनवाने के लिए लोगों को एआरटीओ ऑफिस आने की जरूरत नहीं रह गई। अगर जिले के निवासी हैं तो देश के किसी भी हिस्से में बैठकर लर्निंग लाइसेंस का आवेदन कर सकते हैं।
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वहीं परमानेंट की प्रक्रिया पूरी तरीके से कम्प्यूटराइज्ड की जा रही है। सीएसआर फंड के तहत ट्रैक डिजिटल और ऑटोमेटेड बन रहा है। ट्रैक पर 10 कैमरे और सेंसर लगाए जा रहे हैं। इसका कंट्रोल रूम भी होगा। आवेदक के वाहन पर बैठते ही उसके चेहरे की स्कैनिंग शुरू हो जाएगी।
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सेंसर उनकी गतिविधियों को ट्रैक करेंगे। यदि गाड़ी ट्रैक के सफेद पट्टी पर टच करती है तो आवेदक को अनुत्तीर्ण माना जाएगा। फेल आवेदक सिर्फ एक मौका पा सकेंगे। संभागीय निरीक्षक परिवहन आरडी प्रसाद वर्मा ने बताया कि अभी ट्रैक विकसित किया जा रहा है, इसलिए पुरानी व्यवस्था इस माह तक प्रभावी रखी जाएगी। आगामी माह से नई व्यवस्था लागू हो सकेगी।न