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हार्वेस्टर मालिक कंबाइन में एसएमएस अवश्य लगाएं
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हार्वेस्टर मालिक कंबाइन में एसएमएस अवश्य लगाएं
महराजगंज। जिले के हार्वेस्टर मालिक अपने कंबाइन में पुआल प्रबंधन प्रणाली (एसएमएस) अवश्य लगवाएं। इसके बिना उसका संचालन न किया जाए। यदि कहीं पर भी ऐसा पाया जाएगा तो संबंधित कंबाइन को सीज किया जाएगा।
ये बातें अपर जिलाधिकारी डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हार्वेस्टर मालिकों की बैठक में कही। उन्होंने कहा कि किसान किसी भी दशा में पराली न जलाएं, इससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचता है। इसकी अनदेखी कर किसान जुर्माना भरने के साथ कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। पराली प्रबंधन में किसान सहयोग करें, यदि वे पराली नहीं रखना चाहते तो अपने खेतों के बाहर रखते हुए प्रधान को सूचित कर दें, जिससे कि उन्हें नजदीकी गोशालाओं में भेजा जा सके। परिवहन के खर्च का भुगतान मनरेगा के माध्यम से किया जाएगा।
उन्होंने बताया कि गोरखपुर के एक बायो एनर्जी प्लांट की ओर से जिले में किसानों से पराली खरीद की योजना बनाई जा रही है, संभवत: यह खरीद शीघ्र ही शुरु हो जाएगी। इस दौरान उप जिलाधिकारी सत्यप्रकाश मिश्रा, उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी रविशंकर पांडेय आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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महराजगंज। जिले के हार्वेस्टर मालिक अपने कंबाइन में पुआल प्रबंधन प्रणाली (एसएमएस) अवश्य लगवाएं। इसके बिना उसका संचालन न किया जाए। यदि कहीं पर भी ऐसा पाया जाएगा तो संबंधित कंबाइन को सीज किया जाएगा।
ये बातें अपर जिलाधिकारी डॉ. पंकज कुमार वर्मा ने रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित हार्वेस्टर मालिकों की बैठक में कही। उन्होंने कहा कि किसान किसी भी दशा में पराली न जलाएं, इससे पर्यावरण को गंभीर नुकसान पहुंचता है। इसकी अनदेखी कर किसान जुर्माना भरने के साथ कार्रवाई की जद में आ सकते हैं। पराली प्रबंधन में किसान सहयोग करें, यदि वे पराली नहीं रखना चाहते तो अपने खेतों के बाहर रखते हुए प्रधान को सूचित कर दें, जिससे कि उन्हें नजदीकी गोशालाओं में भेजा जा सके। परिवहन के खर्च का भुगतान मनरेगा के माध्यम से किया जाएगा।
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उन्होंने बताया कि गोरखपुर के एक बायो एनर्जी प्लांट की ओर से जिले में किसानों से पराली खरीद की योजना बनाई जा रही है, संभवत: यह खरीद शीघ्र ही शुरु हो जाएगी। इस दौरान उप जिलाधिकारी सत्यप्रकाश मिश्रा, उप निदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार, भूमि संरक्षण अधिकारी रविशंकर पांडेय आदि अधिकारी मौजूद रहे।
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