{"_id":"65d5086f6bdc92b06a026089","slug":"got-land-deeded-on-the-pretext-of-getting-government-grant-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-116213-2024-02-21","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: सरकारी अनुदान दिलाने का झांसा देकर जमीन बैनामा करा लिया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: सरकारी अनुदान दिलाने का झांसा देकर जमीन बैनामा करा लिया
Wed, 21 Feb 2024 01:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Wed, 21 Feb 2024 01:45 AM IST
विज्ञापन
महराजगंज।
फर्जी तरीके से जमीन बैनामा कराने के मामले में मंगलवार को पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर जिला पंचायत सदस्य समेत पांच लोगों पर केस दर्ज किया। मामला घुघली थाना क्षेत्र के घुघली बुर्जुग गांव का है। आरोप है कि पंचायत सदस्य ने अपने साथियों के साथ मिलकर गांव के ही एक बुजुर्ग को इलाज के लिए सरकारी मदद दिलाने की बात कहते हुए धोखे से उसकी 20 डिसमिल जमीन अपने नाम करा ली।
घुघली बुजुर्ग की रहने वाले प्रमिला पत्नी बिकाऊ के अनुसार, 25 जून 2022 को उसके पति को फालिज मार दिया। इससे उनका आधा अंग निष्क्रिय हो गया। पति ही परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य हैं। फालिज मारने के कारण घर की आर्थिक हालत बिगड़ गई। किसी तरह वह अपने पति का इलाज करा रही थीं। इसी बीच गांव का मुन्ना यादव उनके घर आया और पति का इलाज कराने के लिए अपने चाचा जिला पंचायत सदस्य प्रभुनाथ यादव से सरकारी अनुदान दिलाने की बात कही। उसने कहा कि सरकारी अनुदान लेने के लिए पति की फोटो व आधार कार्ड लगेगा। वे लोग मुन्ना की बातों में आ गए। 27 अगस्त 2022 को मुन्ना प्रमिला और बिकाऊ को अपने साथ लेकर जिला पंचायत कार्यालय पहुंचा और सादे कागज पर पति के अंगूठे का निशान व हस्ताक्षर बनवा लिया। पति की फोटो व आधार कार्ड भी ले लिए। शाम को उसने दोनों को घर छोड़ दिया और कहा कि 10-15 दिन में सरकारी अनुदान आ जाएगा।
दो सितंबर 2022 को प्रमिला अपने खेत में काम कर रही थी। उसी दौरान मुन्ना व प्रभुनाथ पहुंचे और उसे काम करने से रोकने लगे। उसने विरोध किया तो दोनों ने कहा कि उसकी 20 डिसमिल जमीन उन्होंने उसके पति से 27 अगस्त 2022 को बैनामा करवा लिया है। यह सुन प्रमिला चकित रह गई। रजिस्ट्री कार्यालय जाकर पता किया तो बात सही निकली। इसके बाद प्रमिला ने कई बार थाने का चक्कर लगाया आरोपियों पर केस दर्ज कराने के लिए लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। प्रमिला ने रजिस्टर्ड डाक से पुलिस अधीक्षक को जानकारी दी, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रमिला का आरोप है कि जब उसने आरोपियों के खिलाफ थाने में तहरीर दी तो मुन्ना यादव व उसके चाचा प्रभुनाथ यादव ने उसे धमकी दी कि फिर कभी उस जमीन पर जाओगी तो उसे और उसके पति को जान से मार देंगे।
विज्ञापन
इसके बाद प्रमिला ने 19 सितंबर 2022 को न्यायालय में वाद दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई। जिस पर सुनवाई के बाद न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महराजगंज असगर अली प्रथम ने 19 फरवरी को 2024 को आरोपियों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी मुन्ना यादव, प्रभुनाथ यादव जिला पंचायत सदस्य निवासी घुघली बुजुर्ग, जयप्रकाश यादव निवासी कोटवा, ब्रह्मा साहनी निवासी बिरैचा व दिग्विजय कुमार बसीका नवीस पर धोखाधड़ी समेत अन्य धारा में केस दर्ज किया।
विज्ञापन
फर्जी तरीके से जमीन बैनामा कराने के मामले में मंगलवार को पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर जिला पंचायत सदस्य समेत पांच लोगों पर केस दर्ज किया। मामला घुघली थाना क्षेत्र के घुघली बुर्जुग गांव का है। आरोप है कि पंचायत सदस्य ने अपने साथियों के साथ मिलकर गांव के ही एक बुजुर्ग को इलाज के लिए सरकारी मदद दिलाने की बात कहते हुए धोखे से उसकी 20 डिसमिल जमीन अपने नाम करा ली।
घुघली बुजुर्ग की रहने वाले प्रमिला पत्नी बिकाऊ के अनुसार, 25 जून 2022 को उसके पति को फालिज मार दिया। इससे उनका आधा अंग निष्क्रिय हो गया। पति ही परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य हैं। फालिज मारने के कारण घर की आर्थिक हालत बिगड़ गई। किसी तरह वह अपने पति का इलाज करा रही थीं। इसी बीच गांव का मुन्ना यादव उनके घर आया और पति का इलाज कराने के लिए अपने चाचा जिला पंचायत सदस्य प्रभुनाथ यादव से सरकारी अनुदान दिलाने की बात कही। उसने कहा कि सरकारी अनुदान लेने के लिए पति की फोटो व आधार कार्ड लगेगा। वे लोग मुन्ना की बातों में आ गए। 27 अगस्त 2022 को मुन्ना प्रमिला और बिकाऊ को अपने साथ लेकर जिला पंचायत कार्यालय पहुंचा और सादे कागज पर पति के अंगूठे का निशान व हस्ताक्षर बनवा लिया। पति की फोटो व आधार कार्ड भी ले लिए। शाम को उसने दोनों को घर छोड़ दिया और कहा कि 10-15 दिन में सरकारी अनुदान आ जाएगा।
विज्ञापन
दो सितंबर 2022 को प्रमिला अपने खेत में काम कर रही थी। उसी दौरान मुन्ना व प्रभुनाथ पहुंचे और उसे काम करने से रोकने लगे। उसने विरोध किया तो दोनों ने कहा कि उसकी 20 डिसमिल जमीन उन्होंने उसके पति से 27 अगस्त 2022 को बैनामा करवा लिया है। यह सुन प्रमिला चकित रह गई। रजिस्ट्री कार्यालय जाकर पता किया तो बात सही निकली। इसके बाद प्रमिला ने कई बार थाने का चक्कर लगाया आरोपियों पर केस दर्ज कराने के लिए लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। प्रमिला ने रजिस्टर्ड डाक से पुलिस अधीक्षक को जानकारी दी, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। प्रमिला का आरोप है कि जब उसने आरोपियों के खिलाफ थाने में तहरीर दी तो मुन्ना यादव व उसके चाचा प्रभुनाथ यादव ने उसे धमकी दी कि फिर कभी उस जमीन पर जाओगी तो उसे और उसके पति को जान से मार देंगे।
विज्ञापन
इसके बाद प्रमिला ने 19 सितंबर 2022 को न्यायालय में वाद दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई। जिस पर सुनवाई के बाद न्यायालय अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट महराजगंज असगर अली प्रथम ने 19 फरवरी को 2024 को आरोपियों पर केस दर्ज करने का आदेश दिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी मुन्ना यादव, प्रभुनाथ यादव जिला पंचायत सदस्य निवासी घुघली बुजुर्ग, जयप्रकाश यादव निवासी कोटवा, ब्रह्मा साहनी निवासी बिरैचा व दिग्विजय कुमार बसीका नवीस पर धोखाधड़ी समेत अन्य धारा में केस दर्ज किया।