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Maharajganj News: अब 10 हजार रुपये में रजिस्टर्ड हो जाएगा पारिवारिक बंटवारा
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कोर्ट में दर्ज नहीं कराना होगा केस, तत्काल मिल जाएगी डीड
पांच सितंबर से नियम लागू, उद्योग, ट्रस्ट और फर्म पर यह छूट नहीं मिलेगी
दानपत्र के जरिये लगता है पांच हजार रुपये का स्टांप व संपत्ति मूल्य का एक प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क
गोरखपुर। अब पारिवारिक बंटवारा को निबंधन कार्यालय में रजिस्टर्ड करना आसान हो गया है। प्रदेश सरकार ने शुल्क में छूट प्रदान की है। नए नियम के मुताबिक कुल 10 हजार रुपये खर्च करने होंगे। इसमें पांच हजार रुपये स्टांप शुल्क और पांच हजार रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क शामिल है। इस नियम के तहत तत्काल बंटवारे की डीड मिल जाएगी। यह छूट कृषि, आवासीय या वाणिज्यिक संपत्तियों के बंटवारे पर ही लागू है। फर्म, सोसायटी, ट्रस्ट व कंपनी के मामले में यह मान्य नहीं होगा।
इस संबंध में प्रमुख सचिव, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन अमित गुप्ता ने चार सितंबर 2025 को शासनादेश जारी कर इसे सभी निबंधन कार्यालयों में लागू करने का निर्देश दिया है। शासनादेश के मुताबिक, अधिकतम तीन पीढ़ी की पैतृक अचल संपत्ति के बंटवारे को रजिस्टर्ड कराया जा सकेगा। यह छूट केवल उन विभाजन विलेखों पर ही उपलब्ध होगी जिसमें परिवार के सदस्यों के बीच पैतृक अचल संपत्ति का बंटवारा, विद्यमान उत्तराधिकार विधियों से वंशजों को संपत्ति-हस्तांतरण के अनुसार किया गया हो।
पैतृक संबंध स्थापित करने के लिए पक्षकारों को उपर्युक्त तीन पीढ़ियों का उल्लेख करते हुए विलेख में एक पारिवारिक वंशावली प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता उपेंद्रधर दूबे ने बताया कि अभी तक पारिवारिक बंटवारे को दो तरह से लोग अधिकृत कराते थे। एक तो दानपत्र के माध्यम से परिवार में आपसी सहमति के आधार पर लोग रजिस्टर्ड कराते थे, इसमें पांच हजार रुपये का स्टांप और संपत्ति के मूल्य का एक प्रति स्टांप शुल्क देना होता है। इसके अलावा एसडीएम कोर्ट में धारा 116 के तहत वाद दाखिल किया जाता है लेकिन सुनवाई और निर्णय में बहुत ज्यादा समय लग जाता है। नए नियम से लोगों को आसानी होगी। स्टांप पर ही बंटवारे को लिखा जाएगा।
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वर्जन
शासनादेश के मुताबिक नए नियम को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
मनोज शुक्ल, डीआईजी स्टांप
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पांच सितंबर से नियम लागू, उद्योग, ट्रस्ट और फर्म पर यह छूट नहीं मिलेगी
दानपत्र के जरिये लगता है पांच हजार रुपये का स्टांप व संपत्ति मूल्य का एक प्रतिशत रजिस्ट्रेशन शुल्क
गोरखपुर। अब पारिवारिक बंटवारा को निबंधन कार्यालय में रजिस्टर्ड करना आसान हो गया है। प्रदेश सरकार ने शुल्क में छूट प्रदान की है। नए नियम के मुताबिक कुल 10 हजार रुपये खर्च करने होंगे। इसमें पांच हजार रुपये स्टांप शुल्क और पांच हजार रुपये रजिस्ट्रेशन शुल्क शामिल है। इस नियम के तहत तत्काल बंटवारे की डीड मिल जाएगी। यह छूट कृषि, आवासीय या वाणिज्यिक संपत्तियों के बंटवारे पर ही लागू है। फर्म, सोसायटी, ट्रस्ट व कंपनी के मामले में यह मान्य नहीं होगा।
इस संबंध में प्रमुख सचिव, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन अमित गुप्ता ने चार सितंबर 2025 को शासनादेश जारी कर इसे सभी निबंधन कार्यालयों में लागू करने का निर्देश दिया है। शासनादेश के मुताबिक, अधिकतम तीन पीढ़ी की पैतृक अचल संपत्ति के बंटवारे को रजिस्टर्ड कराया जा सकेगा। यह छूट केवल उन विभाजन विलेखों पर ही उपलब्ध होगी जिसमें परिवार के सदस्यों के बीच पैतृक अचल संपत्ति का बंटवारा, विद्यमान उत्तराधिकार विधियों से वंशजों को संपत्ति-हस्तांतरण के अनुसार किया गया हो।
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पैतृक संबंध स्थापित करने के लिए पक्षकारों को उपर्युक्त तीन पीढ़ियों का उल्लेख करते हुए विलेख में एक पारिवारिक वंशावली प्रस्तुत करना अनिवार्य होगा।
वरिष्ठ अधिवक्ता उपेंद्रधर दूबे ने बताया कि अभी तक पारिवारिक बंटवारे को दो तरह से लोग अधिकृत कराते थे। एक तो दानपत्र के माध्यम से परिवार में आपसी सहमति के आधार पर लोग रजिस्टर्ड कराते थे, इसमें पांच हजार रुपये का स्टांप और संपत्ति के मूल्य का एक प्रति स्टांप शुल्क देना होता है। इसके अलावा एसडीएम कोर्ट में धारा 116 के तहत वाद दाखिल किया जाता है लेकिन सुनवाई और निर्णय में बहुत ज्यादा समय लग जाता है। नए नियम से लोगों को आसानी होगी। स्टांप पर ही बंटवारे को लिखा जाएगा।
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शासनादेश के मुताबिक नए नियम को तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।
मनोज शुक्ल, डीआईजी स्टांप