{"_id":"5a2449bc4f1c1bca678bf6dc","slug":"give-up-the-making-stone","type":"story","status":"publish","title_hn":" गिट्टी डाल कर छोड़ दी सड़क, राहगीर परेशान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गिट्टी डाल कर छोड़ दी सड़क, राहगीर परेशान
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Mon, 04 Dec 2017 12:30 AM IST
विज्ञापन
िगगिट्टी डालकर छोड़ दी सड़क
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। घुघली-शिकारपुर मार्ग खस्ताहाल है। पटखौली के बीच सड़क को तोड़कर गिट्टी और मिट्टी डालकर छोड़ दी गई है। इसकी वजह से राहगीरों की परेशानी बढ़ गई है। बताया जा रहा है कि घुघली-शिकारपुर सड़क के चौड़ीकरण के लिए शासन स्तर से मंजूरी मिली है।
इसके लिए कुल 26.60 करोड़ की स्वीकृत भी हुए है। करीब 12 किमी लंबे घुघली-शिकारपुर सड़क के चौड़ीकरण के लिए शासन ने पिछले साल करीब छह करोड़ अवमुक्त भी किया था, इसमेें कुछ काम तो शुरू हुआ। लेकिन घुघली से पटखौली के बीच सड़क खोद कर छोड़ दी गई है।
सड़क पर मिट्टी डाल देने की वजह से लोगों को सबसे अधिक परेशानी धूल से हो रही है। इस संबंध में लोक निर्माण प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता सचिन कुमार ने बताया कि घुघली-शिकारपुर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए पिछले साल 6 करोड़ मिला था। जिससे काम कराया गया है। मगर धनाभाव में काम ठप है। धन के लिए डीएम स्तर से प्रमुख सचिव को पत्र भेजा गया है। विभागीय स्तर से भी प्रयास किया जा रहा है। धन मिलते ही काम में तेजी आ जाएगी। पांच करोड़ की मांग की गई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
इसके लिए कुल 26.60 करोड़ की स्वीकृत भी हुए है। करीब 12 किमी लंबे घुघली-शिकारपुर सड़क के चौड़ीकरण के लिए शासन ने पिछले साल करीब छह करोड़ अवमुक्त भी किया था, इसमेें कुछ काम तो शुरू हुआ। लेकिन घुघली से पटखौली के बीच सड़क खोद कर छोड़ दी गई है।
विज्ञापन
सड़क पर मिट्टी डाल देने की वजह से लोगों को सबसे अधिक परेशानी धूल से हो रही है। इस संबंध में लोक निर्माण प्रांतीय खंड के अधिशासी अभियंता सचिन कुमार ने बताया कि घुघली-शिकारपुर मार्ग के चौड़ीकरण के लिए पिछले साल 6 करोड़ मिला था। जिससे काम कराया गया है। मगर धनाभाव में काम ठप है। धन के लिए डीएम स्तर से प्रमुख सचिव को पत्र भेजा गया है। विभागीय स्तर से भी प्रयास किया जा रहा है। धन मिलते ही काम में तेजी आ जाएगी। पांच करोड़ की मांग की गई है।
विज्ञापन