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Maharajganj News: सीएससी संचालक को झांसा देकर 80 हजार की धोखाधड़ी
Sun, 06 Jul 2025 12:54 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sun, 06 Jul 2025 12:54 AM IST
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घुघली। भुवनी स्थित कॉमन सर्विस सेंटर संचालक के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जालसाज ने बीमार बेटी के इलाज का हवाला देकर संचालक को पहले झांसे में लिया। फिर सीएससी संचालक के खाते में यूपीआई से पहले 50 हजार और फिर 30 हजार रुपये भेजकर, 80 हजार रुपये नकद लेकर फरार हो गया। कुछ समय बाद साइबर सेल की कार्रवाई में उसके खाते को होल्ड कर दिया गया। खाता होल्ड होने की वजह से सीएससी संचालक परेशान है।
पुलिस अधीक्षक को दी प्रार्थना पत्र में सीएससी संचालक पिंटू मद्धेशिया ने लिखा है कि बीते आठ मई को एक व्यक्ति ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती अपनी बेटी की बीमारी का हवाला देकर कहा कि पर्स घर पर छूट गया है। उसने अपने अपने यूपीआई भुगतान के बदले नकद धन देने के लिए कहा, जिसे संचालक ने दे दिया। पिंटू का कहना है कि उस व्यक्ति ने खाते में 50 हजार और 30 हजार रुपये भेजा। उसके बदले मैंने उसको नकद 80 हजार रुपये दे दिए। पैसा देने के कुछ समय बाद हमारे बैंक खाते को होल्ड कर दिया गया। इस बारे बैंक में पूरा डिटेल पता करने पर बताया गया कि उक्त खाताधारक का नाम अजीत कुमार सिंह है। उसका पता नहीं मिल रहा है। जिस खाते से उसने यूपीआई के जरिए भुगतान किया है। वह भी संदिग्ध है। संचालक ने प्रार्थना पत्र में लिखा है कि लंबे समय से क्षेत्र में डिजिटल सेवाएं प्रदान कर रहा है। मगर कहीं कोई ऐसी शिकायत नहीं आई है। संवाद
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पुलिस अधीक्षक को दी प्रार्थना पत्र में सीएससी संचालक पिंटू मद्धेशिया ने लिखा है कि बीते आठ मई को एक व्यक्ति ने मेडिकल कॉलेज में भर्ती अपनी बेटी की बीमारी का हवाला देकर कहा कि पर्स घर पर छूट गया है। उसने अपने अपने यूपीआई भुगतान के बदले नकद धन देने के लिए कहा, जिसे संचालक ने दे दिया। पिंटू का कहना है कि उस व्यक्ति ने खाते में 50 हजार और 30 हजार रुपये भेजा। उसके बदले मैंने उसको नकद 80 हजार रुपये दे दिए। पैसा देने के कुछ समय बाद हमारे बैंक खाते को होल्ड कर दिया गया। इस बारे बैंक में पूरा डिटेल पता करने पर बताया गया कि उक्त खाताधारक का नाम अजीत कुमार सिंह है। उसका पता नहीं मिल रहा है। जिस खाते से उसने यूपीआई के जरिए भुगतान किया है। वह भी संदिग्ध है। संचालक ने प्रार्थना पत्र में लिखा है कि लंबे समय से क्षेत्र में डिजिटल सेवाएं प्रदान कर रहा है। मगर कहीं कोई ऐसी शिकायत नहीं आई है। संवाद
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