{"_id":"66a4ed7131ab3f2ce703e440","slug":"fire-is-raining-in-monsoon-people-are-getting-burnt-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-127702-2024-07-27","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: सावन में बरस रही आग, झुलस रहे लोग","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: सावन में बरस रही आग, झुलस रहे लोग
Sat, 27 Jul 2024 06:22 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Sat, 27 Jul 2024 06:22 PM IST
विज्ञापन
महराजगंज। अब सावन पहले जैसा नहीं रहा। सावन के महीने में पानी की जगह आग बरस रही है। सूर्य की तपिश से शरीर झुलस जा रहा है। आलम यह है कि लोगों को तेज धूप के कारण न तो दिन में चैन मिल रहा है और न ही उमस के कारण रात में नींद आ रही है। शनिवार को अधिकतम तापमान 36 डिग्री तो न्यूनतम 28 रिकार्ड किया गया।
सावन का महीना अच्छी बारिश के लिए जाना जाता है, लेकिन अब सावन के महीने में वो बात नहीं रही। बारिश न होने से खेत प्यासे हैं। धान की फसल सूखने लगी है। उमस से लोग बेहाल हैं। पूरा शरीर पसीना से तरबतर हो जा रहा है। पनियरा निवासी दीपचंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि पहले सावन का महीना मनभावन होता था। पूरे महीने सूर्य के दर्शन नहीं होते थे। रिमझिम फुहार के बीच लोग अपने काम में लगे रहे थे।
खेतों में हरियाली रहती थी। ऐसा कोई दिन नहीं होता था जब सावन में बारिश न हो। तीन-चार साल से सावन भी सूखा हो गया है।
शुक्रवार को दोपहर बाद से उमस बढ़ गई। लोगों को लगा की रात में बारिश होगी, लेकिन पूरी रात आसमान साफ रहा और उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे। गर्मी के चलते लोगों की नींद पूरी नहीं हुई। सुबह पांच बजे ही तेज धूप ने लोगों को और बेचैन कर दिया। पंखा-कूलर हवा बेमानी लगने लगी। शनिवार को जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया धूप तेज होती गई।
विज्ञापन
जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी काॅलेज के भूगोल विभागाध्यक्ष ने बताया कि एक दो दिन में बारिश के आसार दिख रहे हैं।
विज्ञापन
सावन का महीना अच्छी बारिश के लिए जाना जाता है, लेकिन अब सावन के महीने में वो बात नहीं रही। बारिश न होने से खेत प्यासे हैं। धान की फसल सूखने लगी है। उमस से लोग बेहाल हैं। पूरा शरीर पसीना से तरबतर हो जा रहा है। पनियरा निवासी दीपचंद्र विश्वकर्मा ने बताया कि पहले सावन का महीना मनभावन होता था। पूरे महीने सूर्य के दर्शन नहीं होते थे। रिमझिम फुहार के बीच लोग अपने काम में लगे रहे थे।
विज्ञापन
खेतों में हरियाली रहती थी। ऐसा कोई दिन नहीं होता था जब सावन में बारिश न हो। तीन-चार साल से सावन भी सूखा हो गया है।
शुक्रवार को दोपहर बाद से उमस बढ़ गई। लोगों को लगा की रात में बारिश होगी, लेकिन पूरी रात आसमान साफ रहा और उमस भरी गर्मी से लोग बेहाल रहे। गर्मी के चलते लोगों की नींद पूरी नहीं हुई। सुबह पांच बजे ही तेज धूप ने लोगों को और बेचैन कर दिया। पंखा-कूलर हवा बेमानी लगने लगी। शनिवार को जैसे-जैसे दिन चढ़ता गया धूप तेज होती गई।
विज्ञापन
जवाहर लाल नेहरू स्मारक पीजी काॅलेज के भूगोल विभागाध्यक्ष ने बताया कि एक दो दिन में बारिश के आसार दिख रहे हैं।