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Maharajganj News: फाइलेरिया नियंत्रण अभियान...पांच ब्लॉकों में दवा वितरण शून्य
Fri, 23 Aug 2024 04:36 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Fri, 23 Aug 2024 04:36 AM IST
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महराजगंज। जिले में फाइलेरिया रोग पर नियंत्रण अभियान की शुरुआत 10 अगस्त से की गई है, जो दो सितंबर तक चलेगा। जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण अभी तक केवल 8,02,659 लोगों को ही दवा वितरण की गई है। उसमें भी धानी, फरेंदा, पनियरा, रतनपुर व मिठौरा में दवा वितरण शून्य है, जबकि 29,15,122 लोगों को दवा खिलाने का लक्ष्य है।
जिले में दवा वितरण की धीमी गति इस महामारी के खिलाफ लड़ाई को प्रभावित कर रही है। टीम में नामित आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से दवा वितरण अभियान में लापरवाही बरती जा रही है। टीमों की कमी और कुछ स्थानों पर जन जागरूकता की कमी प्रमुख कारण हैं। दवा वितरण के लिए नियुक्त टीमों की निष्ठा और कार्य क्षमता पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर पर्याप्त प्रशिक्षण और जागरूकता अभियानों की कमी से भी कार्य की प्रगति प्रभावित हो रही है, लेकिन जिम्मेदार फिर भी लापरवाह बने हैं।
फाइलेरिया दवा खिलाने के लिए ब्लॉक वार लक्ष्य निर्धारित की गई है, जिसमें धानी को 184150, फरेंदा को 241094, बृजमनगंज को 223863, पनियरा को 246233, रतनपुर को 248953, लक्ष्मीपुर को 228775, परतावल को 207302, निचलौल को 271777, घुघुली को 230929, सिसवा को 265238, मिठौरा को 231232, सदर को 218231 जबकि अर्बन हेल्थ पोस्ट को 5434 है।
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स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी अनुसार 20 अगस्त के रिपोर्ट में धानी, फरेंदा, पनियरा, रतनपुर व मिठौरा शून्य हैं। स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस अभियान को निर्धारित समय पर पूरा नहीं किया जाता है तो इसका प्रभाव फाइलेरिया के प्रसार पर पड़ेगा और यह बीमारी व्यापक रूप से फैल सकती है।
नियमित दवा वितरण अत्यंत आवश्यक
डॉक्टरों के अनुसार, फाइलेरिया एक पारासिटिक बीमारी है जो मच्छरों द्वारा फैलती है और इसके लक्षणों में गंभीर सूजन, दर्द और समय के साथ विभिन्न अंगों में असामान्य वृद्धि शामिल हो सकती है। इसके इलाज और रोकथाम के लिए नियमित दवा वितरण अत्यंत आवश्यक है।
लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया
एसीएमओ डॉ.राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि इस अभियान में लगी सभी टीमों को निर्देश दिए हैं कि सभी लोगों के घरों पर जाकर दो वर्ष तक के बच्चों को छोड़कर बाकी सभी लोगों को फाइलेरिया की दवा टीम में नामित सदस्य अपने सामने खिलाएंगे। इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। जहां पर लापरवाही बरती जा रही है। उन लोगों को लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया।
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जिले में दवा वितरण की धीमी गति इस महामारी के खिलाफ लड़ाई को प्रभावित कर रही है। टीम में नामित आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की ओर से दवा वितरण अभियान में लापरवाही बरती जा रही है। टीमों की कमी और कुछ स्थानों पर जन जागरूकता की कमी प्रमुख कारण हैं। दवा वितरण के लिए नियुक्त टीमों की निष्ठा और कार्य क्षमता पर भी सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय स्तर पर पर्याप्त प्रशिक्षण और जागरूकता अभियानों की कमी से भी कार्य की प्रगति प्रभावित हो रही है, लेकिन जिम्मेदार फिर भी लापरवाह बने हैं।
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फाइलेरिया दवा खिलाने के लिए ब्लॉक वार लक्ष्य निर्धारित की गई है, जिसमें धानी को 184150, फरेंदा को 241094, बृजमनगंज को 223863, पनियरा को 246233, रतनपुर को 248953, लक्ष्मीपुर को 228775, परतावल को 207302, निचलौल को 271777, घुघुली को 230929, सिसवा को 265238, मिठौरा को 231232, सदर को 218231 जबकि अर्बन हेल्थ पोस्ट को 5434 है।
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स्वास्थ्य विभाग से मिली जानकारी अनुसार 20 अगस्त के रिपोर्ट में धानी, फरेंदा, पनियरा, रतनपुर व मिठौरा शून्य हैं। स्वास्थ्य विभाग के विशेषज्ञों का कहना है कि यदि इस अभियान को निर्धारित समय पर पूरा नहीं किया जाता है तो इसका प्रभाव फाइलेरिया के प्रसार पर पड़ेगा और यह बीमारी व्यापक रूप से फैल सकती है।
नियमित दवा वितरण अत्यंत आवश्यक
डॉक्टरों के अनुसार, फाइलेरिया एक पारासिटिक बीमारी है जो मच्छरों द्वारा फैलती है और इसके लक्षणों में गंभीर सूजन, दर्द और समय के साथ विभिन्न अंगों में असामान्य वृद्धि शामिल हो सकती है। इसके इलाज और रोकथाम के लिए नियमित दवा वितरण अत्यंत आवश्यक है।
लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया
एसीएमओ डॉ.राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि इस अभियान में लगी सभी टीमों को निर्देश दिए हैं कि सभी लोगों के घरों पर जाकर दो वर्ष तक के बच्चों को छोड़कर बाकी सभी लोगों को फाइलेरिया की दवा टीम में नामित सदस्य अपने सामने खिलाएंगे। इसकी लगातार निगरानी की जा रही है। जहां पर लापरवाही बरती जा रही है। उन लोगों को लक्ष्य को पूर्ण करने के लिए निर्देशित किया गया।