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पांचवीं बार जिला पंचायत अध्यक्ष भाजपा का
अमर उजाला/महराजगंज
Updated Fri, 08 Jan 2016 12:48 AM IST
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महराजगंज। जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव के चलते बृहस्पतिवार सुबह से ही
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कलेक्ट्रेट परिसर छावनी में तब्दील हो गया। सुबह 10.53 बजे सबसे पहले
वार्ड नंबर 15 की जिला पंचायत सदस्य सत्यावती पहुंची। समय पूर्व पहुंचने के
कारण उन्हें कुछ देर इंतजार करना पड़ा।
भाजपा और सांसद पंकज चौधरी का जिला पंचायत पर दबदबा इस बार भी कामयाब रहा। लगातार लगातार पांचवीं बार भाजपा समर्थित प्रत्याशी को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी मिली। 11 बजे वोटिंग शुरू हुई। शुरूआती एक घंटे में नौ वोट पड़े। जबकि अपराह्न दो बजे तक सभी 49 जिला पंचायत सदस्य मतदान कर चुके थे। तीन बजे मतगणना शुरू हुई और करीब आधे घंटे की गणना के बाद परिणाम सामने आ गया।
भाजपा और सांसद पंकज चौधरी का जिला पंचायत पर दबदबा इस बार भी कामयाब रहा। लगातार लगातार पांचवीं बार भाजपा समर्थित प्रत्याशी को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी मिली। नव निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभुदयाल ने कहा कि सांसद पंकज चौधरी के साथ मिलकर जो अधूरे विकास कार्य हैं। उन्हें पूरा किया जाएगा। सड़कों को दुरुस्त कराया जाएगा। जिले में सिर्फ विकास कार्य ही दिखेगा।
वहीं सपा प्रत्याशी रहे जितेंद्र यादव ने अपनी हार के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अंत तक प्रशासन जिला पंचायत सदस्यों को सहेज नहीं सका और खरीद फरोख्त होती रही।वहीं सांसद पंकज चौधरी का कहना है कि यह जनता की जीत है। जिस तरह पुलिस की मौजूदगी में सपा कार्यकर्ताओं ने तांडव किया। सदस्यों ने उनका करारा जवाब दिया।
दरअसल, 1995 में सबसे पहले जिला पंचायत अध्यक्ष के रुप में प्रदीप चौधरी चुनाव में उतरे। उन्हें जीत मिली। प्रदीप सांसद पंकज चौधरी के बड़े भाई थे। उसके बाद उनकी माता उज्जवला चौधरी लगातार दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं।
उनके बाद धर्मा देवी जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। इस बार के जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में पंकज चौधरी ने अपने भतीजे राहुल चौधरी को चुनाव उतारा लेकिन उन्हें जीत नहीं दिला सके।
वहीं नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभुदयाल का कोई राजनीतिक पकड़ नहीं है। भाजपा समर्थित प्रभुदयाल एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
बृहस्पतिवार को हुए जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में प्रभुदयाल को 36 और जितेंद्र यादव को 13 मत मिले।
भाजपा और सांसद पंकज चौधरी का जिला पंचायत पर दबदबा इस बार भी कामयाब रहा। लगातार लगातार पांचवीं बार भाजपा समर्थित प्रत्याशी को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी मिली। 11 बजे वोटिंग शुरू हुई। शुरूआती एक घंटे में नौ वोट पड़े। जबकि अपराह्न दो बजे तक सभी 49 जिला पंचायत सदस्य मतदान कर चुके थे। तीन बजे मतगणना शुरू हुई और करीब आधे घंटे की गणना के बाद परिणाम सामने आ गया।
भाजपा और सांसद पंकज चौधरी का जिला पंचायत पर दबदबा इस बार भी कामयाब रहा। लगातार लगातार पांचवीं बार भाजपा समर्थित प्रत्याशी को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी मिली। नव निर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभुदयाल ने कहा कि सांसद पंकज चौधरी के साथ मिलकर जो अधूरे विकास कार्य हैं। उन्हें पूरा किया जाएगा। सड़कों को दुरुस्त कराया जाएगा। जिले में सिर्फ विकास कार्य ही दिखेगा।
वहीं सपा प्रत्याशी रहे जितेंद्र यादव ने अपनी हार के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि अंत तक प्रशासन जिला पंचायत सदस्यों को सहेज नहीं सका और खरीद फरोख्त होती रही।वहीं सांसद पंकज चौधरी का कहना है कि यह जनता की जीत है। जिस तरह पुलिस की मौजूदगी में सपा कार्यकर्ताओं ने तांडव किया। सदस्यों ने उनका करारा जवाब दिया।
दरअसल, 1995 में सबसे पहले जिला पंचायत अध्यक्ष के रुप में प्रदीप चौधरी चुनाव में उतरे। उन्हें जीत मिली। प्रदीप सांसद पंकज चौधरी के बड़े भाई थे। उसके बाद उनकी माता उज्जवला चौधरी लगातार दो बार जिला पंचायत अध्यक्ष रहीं।
उनके बाद धर्मा देवी जिला पंचायत अध्यक्ष बनीं। इस बार के जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में पंकज चौधरी ने अपने भतीजे राहुल चौधरी को चुनाव उतारा लेकिन उन्हें जीत नहीं दिला सके।
वहीं नवनिर्वाचित जिला पंचायत अध्यक्ष प्रभुदयाल का कोई राजनीतिक पकड़ नहीं है। भाजपा समर्थित प्रभुदयाल एक सामान्य परिवार से ताल्लुक रखते हैं।
बृहस्पतिवार को हुए जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में प्रभुदयाल को 36 और जितेंद्र यादव को 13 मत मिले।