फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Maharajganj News ›   Farmer dead on portal, alive in reality

Maharajganj News: पोर्टल पर किसान मृत, हकीकत में जिंदा, बंद कर दी सम्मान निधि

Thu, 18 May 2023 12:35 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Thu, 18 May 2023 12:35 AM IST
विज्ञापन
Farmer dead on portal, alive in reality
 किसान जयश्री गुप्ता।संवाद
फोटो
विज्ञापन

खुद को जिंदा साबित करने के लिए सरकारी दफ्तरों का चक्कर काट रहे जयश्री गुप्ता
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज/परतावल। सरकारी महकमे के खेल निराले हैं। कृषि विभाग की ओर से परतावल ब्लॉक के श्यामदेउरवां गांव के 43 वर्षीय किसान जयश्री गुप्ता को पोर्टल पर मृत दिखाकर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत मिलने वाली राशि रोक दी गई है। किसान दो साल से खुद को पोर्टल पर जीवित घोषित करने के लिए सरकारी दफ्तरों का चक्कर काट रहा है। इसके बावजूद न तो किसान को निधि मिली और न ही पोर्टल पर सुधार किया गया।
किसान जयश्री ने जिलाधिकारी, जिला कृषि अधिकारी तथा कृषि निदेशक को शिकायती पत्र देकर प्रधानमंत्रभ् किसान सम्मान निधि की राशि दिलाने की मांग की है। किसान जयश्री गुप्ता ने बताया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना शुरू होने के बाद से दो हजार रुपये मिल रहे थे। आखिरी बार उन्हें मई 2021 में योजना के तहत किस्त मिली थी। इसके बाद बंद कर दी गई।
विज्ञापन

उसने बताया कि जब अधिकारियों से सम्मान निधि बंद करने की जानकारी मांगी तो पता चला कि पोर्टल पर उसे मृत दिखाया गया है। किसान ने आधार कार्ड के साथ कृषि अधिकारी को जीवित होने का प्रमाण भी दिया, लेकिन दो वर्ष बाद भी राशि जारी नहीं की गई। जिला कृषि अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि मामले की जांच कराई जाएगी। सभी जरूरी प्रपत्रों की जांच के बाद ही कुछ कहा जा सकता है।
विज्ञापन
विज्ञापन

...
उच्चाधिकारियों से शिकायत की, नहीं हुई कार्रवाई
किसान जयश्री गुप्ता ने बताया कि दो साल से अधिकारियों के कार्यालय का चक्कर काट रहा हूं। अधिकारियों को बता रहा हूं कि साहब मैं जिंदा हूं और आपके सामने खड़ा हुआ हूं, पर अधिकारी मानने के लिए तैयार नहीं हैं। जून 2021 के बाद से उसका सम्मान निधि बंद है। एक वर्ष बाद जून 2022 में जिला कृषि अधिकारी को शिकायती पत्र दिया था, अगस्त 2022 को डीएम, एडीएम को शिकायती पत्र दिया, लेकिन हर जगह से सिर्फ आश्वासन मिला। सितंबर 2022 को सचिव कृषि सहकारिता किसान कल्याण विभाग कृषि भवन नई दिल्ली को डाक से शिकायती पत्र भेजा गया, लेकिन वहां से भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।

...
पकौड़ा बेचकर करते हैं गुजारा
जयश्री गुप्ता के पास 15 डिस्मिल कृषि भूमि है। उसी से परिवार का भरण-पोषण होता है। सरकारी अनाज इस परिवार के लिए संजीवनी है। जयश्री के परिवार में पत्नी सावित्री, बेटा श्याम, पंकज, नीरज, बेटी ज्योति, प्रिया आदि हैं। जयश्री बेटों के साथ ठेले पर पकौड़ा बेचकर जीवन यापन करते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed