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Maharajganj News: नकली पेट्रोल-डीजल के धंधेबाजों की कई जिलों में पैठ
Thu, 06 Feb 2025 01:00 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 06 Feb 2025 01:00 AM IST
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महराजगंज/निचलौल। पूर्वांचल के कई जिलों में नकली पेट्रोल और डीजल के धंधेबाज सक्रिय हैं। उनकी गहरी पैठ है। जांच में इनके काले कारनामे की पोल परत दर परत खुल रही है। कार्रवाई के बाद से नकली तेल बेचकर मोटी कमाई करने वाले धंधेबाजों में खलबली मची हुई है।
जांच अधिकारी जरूरी बिंदुओं की पड़ताल कर रहे हैं। धंधेबाजों की सक्रियता से नकली पेट्रोल और डीजल का धंधा आसानी से फल-फूल रहा था। पोल खुलने के बाद इससे जुड़े धंधेबाज अपना दामन बचाने में जुटे हैं।
जानकारी के अनुसार निचलौल थाना गेट के पास से पुलिस ने दो फरवरी को एक टैंकर में नौ हजार लीटर नकली पेट्रोल और डीजल (सॉल्वेंट) बरामद की थी। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी तरीके से टैंकर पर ऑयल कंपनी का लोगो और बैतालपुर डिपो से संबंधित जानकारी लिखकर चिह्नित पेट्रोल पंपों पर बेच रहे थे, जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस धंधेबाजों की तलाश में जुट गई थी।
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इसी बीच नौतनवा में नकली पेट्रोल और डीजल बेचने आए आरोपी को टैंकर सहित पुलिस ने पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि ये गैंग पूर्वांचल के कई जिलों में सक्रिय हैं। निचलौल के पूर्ति निरीक्षक इंद्रभान पटेल बताते हैं कि वैसे तो अब तक मिलावटी डीजल और पेट्रोलियम पदार्थ बेचने की शिकायत नहीं मिल रही थी, लेकिन टैंकर नकली तेल (सॉल्वेंट) की बरामदगी के बाद से अब शक गहराता जा रहा है।
इससे जुड़े लोगों से पूछताछ करने और जांच के बाद धंधेबाजों की पोल खुलती चली जा रही है। यह गैंग पूर्वांचल के कई जिलों में सक्रिय हैं। धंधे में शामिल मुख्य आरोपी के पास करीब 15 से 18 ऐसे टैंकर हैं, जिससे नकली पेट्रोल और डीजल के अवैध धंधे को अंजाम दिया जाता है।
पूर्ति निरीक्षक ने बताया कि ऐसा नहीं है कि बरामद नकली पेट्रोल और डीजल (सॉल्वेंट) को कोई भी खरीद सकता है। इसके लिए भी लाइसेंस होना चाहिए। ऐसे में इसकी भी जांच हो रही है कि इन्हें सॉल्वेंट की सप्लाई कहां से हो रही है।
उन्होंने कहा कि टैंकर चालक से पूछताछ के मुताबिक ये गैंग महराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, देवरिया समेत कई जिलों में सक्रिय हैं। अब हर बिंदु पर जांच पड़ताल की जा रही है, जिससे अवैध धंधे का भंडाफोड़ किया जा सके। दूसरी ओर तेल का नमूना जांच के लिए वाराणसी स्थित टेस्ट लैब में भेज दिया गया है। करीब एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट भी आ जाएगी।
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जांच अधिकारी जरूरी बिंदुओं की पड़ताल कर रहे हैं। धंधेबाजों की सक्रियता से नकली पेट्रोल और डीजल का धंधा आसानी से फल-फूल रहा था। पोल खुलने के बाद इससे जुड़े धंधेबाज अपना दामन बचाने में जुटे हैं।
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जानकारी के अनुसार निचलौल थाना गेट के पास से पुलिस ने दो फरवरी को एक टैंकर में नौ हजार लीटर नकली पेट्रोल और डीजल (सॉल्वेंट) बरामद की थी। जांच में सामने आया कि आरोपी फर्जी तरीके से टैंकर पर ऑयल कंपनी का लोगो और बैतालपुर डिपो से संबंधित जानकारी लिखकर चिह्नित पेट्रोल पंपों पर बेच रहे थे, जिसकी सूचना मिलते ही पुलिस धंधेबाजों की तलाश में जुट गई थी।
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इसी बीच नौतनवा में नकली पेट्रोल और डीजल बेचने आए आरोपी को टैंकर सहित पुलिस ने पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि ये गैंग पूर्वांचल के कई जिलों में सक्रिय हैं। निचलौल के पूर्ति निरीक्षक इंद्रभान पटेल बताते हैं कि वैसे तो अब तक मिलावटी डीजल और पेट्रोलियम पदार्थ बेचने की शिकायत नहीं मिल रही थी, लेकिन टैंकर नकली तेल (सॉल्वेंट) की बरामदगी के बाद से अब शक गहराता जा रहा है।
इससे जुड़े लोगों से पूछताछ करने और जांच के बाद धंधेबाजों की पोल खुलती चली जा रही है। यह गैंग पूर्वांचल के कई जिलों में सक्रिय हैं। धंधे में शामिल मुख्य आरोपी के पास करीब 15 से 18 ऐसे टैंकर हैं, जिससे नकली पेट्रोल और डीजल के अवैध धंधे को अंजाम दिया जाता है।
पूर्ति निरीक्षक ने बताया कि ऐसा नहीं है कि बरामद नकली पेट्रोल और डीजल (सॉल्वेंट) को कोई भी खरीद सकता है। इसके लिए भी लाइसेंस होना चाहिए। ऐसे में इसकी भी जांच हो रही है कि इन्हें सॉल्वेंट की सप्लाई कहां से हो रही है।
उन्होंने कहा कि टैंकर चालक से पूछताछ के मुताबिक ये गैंग महराजगंज, कुशीनगर, सिद्धार्थनगर, गोरखपुर, देवरिया समेत कई जिलों में सक्रिय हैं। अब हर बिंदु पर जांच पड़ताल की जा रही है, जिससे अवैध धंधे का भंडाफोड़ किया जा सके। दूसरी ओर तेल का नमूना जांच के लिए वाराणसी स्थित टेस्ट लैब में भेज दिया गया है। करीब एक सप्ताह में जांच रिपोर्ट भी आ जाएगी।