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पांच अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया
Maharajganj
Updated Wed, 04 Apr 2018 12:15 AM IST
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- फोटो : amarujala
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नौतनवां। मंगलवार को स्थानीय तहसील सभागार में जिला स्तरीय संपूर्ण समाधान दिवस जिला अधिकारी अमरनाथ उपाध्याय की अध्यक्षता में हुई। इसमें महज 19 मामलों का ही निस्तारण हो सका। 339 मामले संपूर्ण समाधान दिवस में आए। वहीं गैर हाजिर पांच अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया।
संपूर्ण समाधान दिवस में परियोजना निदेशक डूडा, अधिशासी अभियंता विद्युत ,अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई विभाग, प्रभागीय वनाधिकारी, जिला आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी अनुपस्थित रहे। इन सभी अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सोंधी गांव में पट्टा धारक को कब्जा न दिला पाने के कारण राजस्व निरीक्षक श्रीराम और हल्का लेखपाल अजय पटेल से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। मत्स्य निरीक्षक बृजेश सिंह गैरहाजिर रहे। उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को दायित्व के प्रति सचेत रहने की हिदायत देते हुए समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने का निर्देश दिया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक आरपी सिंह, एसडीएम प्रेमप्रकाश अंजोर, तहसीलदार राजेश कुमार जायसवाल, सीओ रणविजय सिंह, नायब तहसीलदार रवि कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. क्षमा शंकर पांडेय, रविंद्र वीर, जिला सेवा योजना अधिकारी संतराम, बीएन उपाध्याय, बीएसए जगदीश शुक्ल, डीपीआरओ नित्यानंद, सीडीपीओ अनीता यादव, एसओ राजेश कुमार रुहेला, अविनाश त्रिपाठी, महिला एसओ शीला यादव, बीपी सिंह, ईओ वीरेंद्र राव, एके रमन, संदीप नाथ त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
फोटो:-
आवेदकों को कार्रवाई से अवगत कराएं
सदर में 78 और निचलौल में 85 मामले आए
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जन शिकायतों की गुणवत्ता एवं पारदर्शी निस्तारण को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। सदर एसडीएम देवेश गुप्त ने संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर सख्त निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द शिकायतों का निस्तारण किया जाए। सदर तहसील में 78 मामले में मामले आए, इसमें पांच का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। सड़क, बिजली, पानी, भूमि विवाद सहित अन्य मामलों से जुड़ी शिकायतें आई। वहीं निचलौल तहसील में 85 मामले में 15 का मौके पर निस्तारण किया गया।
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एसडीएम ने कहा कि कोई भी जांच अधिकारी किसी शिकायत के निस्तारण के लिए मौके पर जाएं तो वहां आवेदकों की भी बात सुने। कार्रवाई से आवेदकों को भी अवगत कराया जाए। अगर मौके पर आवेदक उपस्थित हो तो उसका भी हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लिया जाए। अगर मौके पर आवेदक न मिले तो वहां उपस्थित दो गवाहों का हस्ताक्षर व निशान के रूप में उनका अंगूठे का निशान लिया जाए। इसके बाद कार्रवाई की कांपी आवेदक के पास डाक से भेज दिया जाए, ताकि वह कार्रवाई से अवगत हो सके। कहा कि निस्तारण निर्धारित समय सीमा के अंदर होना चाहिए। एसडीएम ने कहा कि पहले कुछ ऐसे मामलों का भी निस्तारण दर्शा दिया गया था कि जिसके निस्तारण से आवेदक अंसतुष्ट रहे। ऐसे में निस्तारण पर सवालिया निशान लगते हैं।
फोटो:-
फरेंदा में एसडीएम ने सुनी समस्याएं
फरेंदा। तहसील सभागार में मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता एसडीएम रामबहादुर सिंह ने की। संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 82 मामले आएं। इसमें तीन का निस्तारण किया गया। संपूर्ण समाधान दिवस में बृजमनगंज धरैची निवासी राजेंद्र ने जमीनी विवाद से सबंधित, बृजमनगंज के सुनीता देवी ने गांव के कुछ लोगों पर पति को बहला फुसला कर घर से ले जाकर गायब करने का आरोप लगाया है। एसडीएम ने कहा कि संपूर्ण समाधान के मामले का निस्तारण शीघ्र करें। शासन की मंशा है कि फरियादियों को त्वरित न्याय मिले। इसके लिए संबंधित अधिकारी निस्तारण कर रिपोर्ट दे। इस दौरान तहसीलदार अशोक गुप्ता, आपूर्ति निरीक्षक प्रदीप पांडेय, एसओ सत्येंद्र बहादुर सिंह व राजस्व विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।
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संपूर्ण समाधान दिवस में परियोजना निदेशक डूडा, अधिशासी अभियंता विद्युत ,अधिशासी अभियंता लघु सिंचाई विभाग, प्रभागीय वनाधिकारी, जिला आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी अनुपस्थित रहे। इन सभी अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया है। सोंधी गांव में पट्टा धारक को कब्जा न दिला पाने के कारण राजस्व निरीक्षक श्रीराम और हल्का लेखपाल अजय पटेल से भी स्पष्टीकरण मांगा गया है। मत्स्य निरीक्षक बृजेश सिंह गैरहाजिर रहे। उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को दायित्व के प्रति सचेत रहने की हिदायत देते हुए समस्याओं का त्वरित निस्तारण करने का निर्देश दिया। इस मौके पर पुलिस अधीक्षक आरपी सिंह, एसडीएम प्रेमप्रकाश अंजोर, तहसीलदार राजेश कुमार जायसवाल, सीओ रणविजय सिंह, नायब तहसीलदार रवि कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. क्षमा शंकर पांडेय, रविंद्र वीर, जिला सेवा योजना अधिकारी संतराम, बीएन उपाध्याय, बीएसए जगदीश शुक्ल, डीपीआरओ नित्यानंद, सीडीपीओ अनीता यादव, एसओ राजेश कुमार रुहेला, अविनाश त्रिपाठी, महिला एसओ शीला यादव, बीपी सिंह, ईओ वीरेंद्र राव, एके रमन, संदीप नाथ त्रिपाठी आदि मौजूद रहे।
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आवेदकों को कार्रवाई से अवगत कराएं
सदर में 78 और निचलौल में 85 मामले आए
अमर उजाला ब्यूरो
महराजगंज। जन शिकायतों की गुणवत्ता एवं पारदर्शी निस्तारण को लेकर प्रशासन सख्त हो गया है। सदर एसडीएम देवेश गुप्त ने संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर सख्त निर्देश दिया है कि जल्द से जल्द शिकायतों का निस्तारण किया जाए। सदर तहसील में 78 मामले में मामले आए, इसमें पांच का मौके पर ही निस्तारण कर दिया गया। सड़क, बिजली, पानी, भूमि विवाद सहित अन्य मामलों से जुड़ी शिकायतें आई। वहीं निचलौल तहसील में 85 मामले में 15 का मौके पर निस्तारण किया गया।
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एसडीएम ने कहा कि कोई भी जांच अधिकारी किसी शिकायत के निस्तारण के लिए मौके पर जाएं तो वहां आवेदकों की भी बात सुने। कार्रवाई से आवेदकों को भी अवगत कराया जाए। अगर मौके पर आवेदक उपस्थित हो तो उसका भी हस्ताक्षर या अंगूठे का निशान लिया जाए। अगर मौके पर आवेदक न मिले तो वहां उपस्थित दो गवाहों का हस्ताक्षर व निशान के रूप में उनका अंगूठे का निशान लिया जाए। इसके बाद कार्रवाई की कांपी आवेदक के पास डाक से भेज दिया जाए, ताकि वह कार्रवाई से अवगत हो सके। कहा कि निस्तारण निर्धारित समय सीमा के अंदर होना चाहिए। एसडीएम ने कहा कि पहले कुछ ऐसे मामलों का भी निस्तारण दर्शा दिया गया था कि जिसके निस्तारण से आवेदक अंसतुष्ट रहे। ऐसे में निस्तारण पर सवालिया निशान लगते हैं।
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फरेंदा में एसडीएम ने सुनी समस्याएं
फरेंदा। तहसील सभागार में मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस आयोजित किया गया। इसकी अध्यक्षता एसडीएम रामबहादुर सिंह ने की। संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 82 मामले आएं। इसमें तीन का निस्तारण किया गया। संपूर्ण समाधान दिवस में बृजमनगंज धरैची निवासी राजेंद्र ने जमीनी विवाद से सबंधित, बृजमनगंज के सुनीता देवी ने गांव के कुछ लोगों पर पति को बहला फुसला कर घर से ले जाकर गायब करने का आरोप लगाया है। एसडीएम ने कहा कि संपूर्ण समाधान के मामले का निस्तारण शीघ्र करें। शासन की मंशा है कि फरियादियों को त्वरित न्याय मिले। इसके लिए संबंधित अधिकारी निस्तारण कर रिपोर्ट दे। इस दौरान तहसीलदार अशोक गुप्ता, आपूर्ति निरीक्षक प्रदीप पांडेय, एसओ सत्येंद्र बहादुर सिंह व राजस्व विभाग के कर्मचारी मौजूद रहे।