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Maharajganj News: सोनौली में सड़क पर अतिक्रमण से जाम, 10 किमी तक ट्रकों की कतार
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सोनौली सीमा पर लगा 10 किमी जाम सर्विस लेन में खड़ी ट्रक।
सोनौली। सोनौली कस्बे में एक बार फिर भीषण जाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है। सीमा क्षेत्र में ट्रकों की लंबी कतार लगने से सड़क की एक लेन करीब 10 किलोमीटर तक वाहनों का आवागमन प्रभावित है। सड़क पर फल, सब्जी व जूस वालों के अतिक्रमण के कारण आवाजाही प्रभावित हो गई है।
जानकारी के अनुसार, कस्बे के अंदर से नेपाल जाने वाले लेन में ही ट्रक, छोटे चार पहिया वाहन, बाइक, रिक्शा के साथ ही पैदल यात्री भी आवागमन करते हैं। इसी सड़क के एक तिहाई हिस्से पर फल, सब्जी और जूस वालों ने अतिक्रमण कर रखा है। इसकी वजह से नेपाल जाने वाले मालवाहक ट्रकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
पहले जहां 500 गाड़ियां नेपाल जाती थीं अब 120 से 150 गाड़ी ही जा पा रही हैं। इसके कारण वाहनों का जाम बढ़ता जा रहा है। जाम के कारण नेपाल जाने वाले मालवाहक वाहनों की रफ्तार थम गई है, जिससे निर्यात कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। जाम से बचने के लिए कुछ चालक कतार से निकलकर आगे भाग रहे हैं। कुछ चालकों ने सर्विस लेन में भी गाड़ियों को लगा दिया है। इन कारणों से जाम की समस्या गंभीर हो गई है। सोनौली कस्बे में सड़क के दोनों किनारों पर अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहन और जगह-जगह लगे फल-सब्जी के ठेले यातायात व्यवस्था के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई स्थानों पर सड़क का बड़ा हिस्सा फल-सब्जी विक्रेताओं के कब्जे में होने से वाहनों के निकलने के लिए सीमित जगह ही बचती है। ट्रकों की संख्या बढ़ने के साथ ही जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है।
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ट्रांसपोर्ट कारोबारी अमन सिंह ने बताया कि दशहरा और दीवाली का त्योहार निकट है। वाहनों का दबाव और बढ़ेगा यदि समय रहते यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में जाम की समस्या और बढ़ सकती है।
प्रभावित हो रहा है निर्यात कारोबार : मालवाहक वाहनों के लंबे समय तक फंसे रहने से कारोबारियों और ट्रक चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, स्थानीय लोगों और राहगीरों को भी कस्बे से गुजरने में काफी दिक्कत हो रही है। नेपाल भंसार एसोसिएशन के महासचिव विष्णु भुसाल ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा से होने वाले माल के आवागमन के लिए सोनौली महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में लगातार लगने वाला जाम निर्यात कारोबार की गति को प्रभावित कर रहा है। सड़क से अतिक्रमण हटाने माल वाहक वाहनों के आवागमन की बेहतर व्यवस्था किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि गाड़ियों को टेंपो स्टैंड पर रोक दिया जाता है। पांच-पांच गाड़ी गिनती करके छोड़े जाते हैं। जिसके कारण पीछे जाम की स्थिति बढ़ रही है और चालको को नेपाल आने में तीन से चार दिन लग रहे हैं।
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जानकारी के अनुसार, कस्बे के अंदर से नेपाल जाने वाले लेन में ही ट्रक, छोटे चार पहिया वाहन, बाइक, रिक्शा के साथ ही पैदल यात्री भी आवागमन करते हैं। इसी सड़क के एक तिहाई हिस्से पर फल, सब्जी और जूस वालों ने अतिक्रमण कर रखा है। इसकी वजह से नेपाल जाने वाले मालवाहक ट्रकों की आवाजाही प्रभावित हो रही है।
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पहले जहां 500 गाड़ियां नेपाल जाती थीं अब 120 से 150 गाड़ी ही जा पा रही हैं। इसके कारण वाहनों का जाम बढ़ता जा रहा है। जाम के कारण नेपाल जाने वाले मालवाहक वाहनों की रफ्तार थम गई है, जिससे निर्यात कारोबार पर भी असर पड़ रहा है। जाम से बचने के लिए कुछ चालक कतार से निकलकर आगे भाग रहे हैं। कुछ चालकों ने सर्विस लेन में भी गाड़ियों को लगा दिया है। इन कारणों से जाम की समस्या गंभीर हो गई है। सोनौली कस्बे में सड़क के दोनों किनारों पर अव्यवस्थित तरीके से खड़े वाहन और जगह-जगह लगे फल-सब्जी के ठेले यातायात व्यवस्था के लिए परेशानी का कारण बने हुए हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक कई स्थानों पर सड़क का बड़ा हिस्सा फल-सब्जी विक्रेताओं के कब्जे में होने से वाहनों के निकलने के लिए सीमित जगह ही बचती है। ट्रकों की संख्या बढ़ने के साथ ही जाम की स्थिति और गंभीर हो जाती है।
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ट्रांसपोर्ट कारोबारी अमन सिंह ने बताया कि दशहरा और दीवाली का त्योहार निकट है। वाहनों का दबाव और बढ़ेगा यदि समय रहते यातायात व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो आने वाले दिनों में जाम की समस्या और बढ़ सकती है।
प्रभावित हो रहा है निर्यात कारोबार : मालवाहक वाहनों के लंबे समय तक फंसे रहने से कारोबारियों और ट्रक चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, स्थानीय लोगों और राहगीरों को भी कस्बे से गुजरने में काफी दिक्कत हो रही है। नेपाल भंसार एसोसिएशन के महासचिव विष्णु भुसाल ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा से होने वाले माल के आवागमन के लिए सोनौली महत्वपूर्ण मार्ग है। ऐसे में लगातार लगने वाला जाम निर्यात कारोबार की गति को प्रभावित कर रहा है। सड़क से अतिक्रमण हटाने माल वाहक वाहनों के आवागमन की बेहतर व्यवस्था किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि गाड़ियों को टेंपो स्टैंड पर रोक दिया जाता है। पांच-पांच गाड़ी गिनती करके छोड़े जाते हैं। जिसके कारण पीछे जाम की स्थिति बढ़ रही है और चालको को नेपाल आने में तीन से चार दिन लग रहे हैं।