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Maharajganj News: रोजगार मिशन से खत्म होगी एजेंटों की भूमिका
Thu, 24 Jul 2025 12:50 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
Updated Thu, 24 Jul 2025 12:50 AM IST
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महराजगंज। प्रदेश सरकार ने रोजगार मिशन स्थापना को हरी झंडी देकर युवाओं के लिए एक बहुआयामी सुविधा की शुरुआत की है। इसका सबसे बड़ा लाभ विदेश जाकर नौकरी प्राप्त करने वालों को मिलेगी और विदेश में भी सरकार की तरफ से कामगार के सुरक्षा का पुख्ता इंतजाम रहेगा।
एजेंटों की भूमिका विदेश की नौकरियों में समाप्त होगी। आईटीआई के नोडल प्राचार्य मसूद इसरत के मुताबिक रोजगार मिशन के जरिये आईटीआई, पाॅलिटेक्निक व स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण के महत्व में और इजाफा होगा और विदेशी नौकरियों में एजेंटों की भूमिका पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। युवाओं को विदेशी रोजगार दिलाने में इनकी भूमिका लगातार संदेह जनक मिलती रही।
यह न सिर्फ श्रम शक्ति की डिमांड करने वाली विदेशी कंपनी से बल्कि जाने वाले युवाओं से भी कमीशन वसूलते थे। कई बार तो ऐसे भी मामले मिले कि युवा किसी अन्य क्षेत्र का जानकार होता था और उसे बढ़िया कमाई का झांसा देकर दूसरे कार्य के लिए भेज दिया जाता। ऐसे में युवा विदेश जाकर फंस जाते थे। अब यह मनमानी बिल्कुल नहीं चलेगी। विदेशी कंपनियां सीधे राज्य सरकार से श्रम शक्ति की डिमांड करेंगी।
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जिस क्षेत्र के लिए श्रम शक्ति है ऐसे युवाओं को सूक्ष्म कार्यशाला के बाद भेजा जा सकेगा। अगर ऐसे क्षेत्रों में जरूरत पड़ती है जिसमें पारंगत युवा बेरोजगार नहीं हैं तो तत्काल उस क्षेत्र में प्रशिक्षण विशेषज्ञों की सहायता से जनपद वार सेवायोजन के मार्फत दिलाया जा सकेगा।
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एजेंटों की भूमिका विदेश की नौकरियों में समाप्त होगी। आईटीआई के नोडल प्राचार्य मसूद इसरत के मुताबिक रोजगार मिशन के जरिये आईटीआई, पाॅलिटेक्निक व स्किल डेवलपमेंट प्रशिक्षण के महत्व में और इजाफा होगा और विदेशी नौकरियों में एजेंटों की भूमिका पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। युवाओं को विदेशी रोजगार दिलाने में इनकी भूमिका लगातार संदेह जनक मिलती रही।
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यह न सिर्फ श्रम शक्ति की डिमांड करने वाली विदेशी कंपनी से बल्कि जाने वाले युवाओं से भी कमीशन वसूलते थे। कई बार तो ऐसे भी मामले मिले कि युवा किसी अन्य क्षेत्र का जानकार होता था और उसे बढ़िया कमाई का झांसा देकर दूसरे कार्य के लिए भेज दिया जाता। ऐसे में युवा विदेश जाकर फंस जाते थे। अब यह मनमानी बिल्कुल नहीं चलेगी। विदेशी कंपनियां सीधे राज्य सरकार से श्रम शक्ति की डिमांड करेंगी।
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जिस क्षेत्र के लिए श्रम शक्ति है ऐसे युवाओं को सूक्ष्म कार्यशाला के बाद भेजा जा सकेगा। अगर ऐसे क्षेत्रों में जरूरत पड़ती है जिसमें पारंगत युवा बेरोजगार नहीं हैं तो तत्काल उस क्षेत्र में प्रशिक्षण विशेषज्ञों की सहायता से जनपद वार सेवायोजन के मार्फत दिलाया जा सकेगा।