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जिले के 44 हजार बेरोजगारों में महज 50 को मिला रोजगार
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जिले के 44 हजार बेरोजगारों में महज 50 को मिला रोजगार
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराने में सेवायोजन विभाग को पसीने छूट रहे हैं। विभाग इस साल सिर्फ 50 युवाओं को रोजगार दिलाने की पहल कर पाया है। वर्ष 2019 में 44,805 बेरोजगार पंजीकरण करा चुके हैं। लेकिन इनको आशा के अनुरूप रोजगार नहीं मिल रहा है। विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत तमाम बेरोजगार रोजगार पाने की आश लगाए बैठे हैं।
विभाग के पोर्टल पर करीब 44,805 बेरोजगार पंजीकृत हैं। इसमें से महज 50 युवा ऐसे हैं जिन्हें रोजगार मिल पाया है। जिला सेवा योजन कार्यालय में गुजरात, हरियाणा, दिल्ली के अलावा अन्य क्षेत्रों की कंपनियाें ने संपर्क किया। कंपनियों की तरफ से रोजगार के लिए शिविर लगाए गए। जिसमें तमाम बेरोजगार आए, लेकिन काम और उसके एवज में मिलने वाला मानदेय कम देख लौट गए। पंजीकृत बेरोजगारों में 30,770 पुरुष एवं 14,035 महिलाएं शामिल हैं। इन सभी को नौकरी की तलाश है। विभाग में पंजीकृत कंपनियों के माध्यम से बेरोजगारों को रोजगार दिलाने का काम किया जाता है। बेरोजगार युवाओं का कहना है कि चयन के दौरान कंपनियां बेहतर सुविधा देने के दावा करती हैं। लेकिन बाद में काम शुरू करने के दौरान दावे और हकीकत में बहुत अंतर होता है। साल में दो से चार बार ही रोजगार मेला लगता है। जिसमें आए युवाओं को रोजगार देने के लिए कंपनियां चयनित करती हैं। रोजगार दिलाने की जो गति है, उससे तो तमाम युवाओं को रोजगार मिल ही नहीं पाएगा।
सेवा योजन कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक मोहम्मद नसीम ने बताया कि पंजीकृत बेरोजगारों को प्रत्येक तीन वर्ष पर नवीनीकरण कराना होता है। ऐसा न कराने पर विभाग यह मान लेता है कि बेरोजगार युवक को रोजगार मिल गया है। इसलिए सदस्यता रद्द कर दी जाती है। जिला सेवा योजना अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि रोजगार मेले के माध्यम से रोजगार देने के लिए प्रयास किया जाता है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। जिले में बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराने में सेवायोजन विभाग को पसीने छूट रहे हैं। विभाग इस साल सिर्फ 50 युवाओं को रोजगार दिलाने की पहल कर पाया है। वर्ष 2019 में 44,805 बेरोजगार पंजीकरण करा चुके हैं। लेकिन इनको आशा के अनुरूप रोजगार नहीं मिल रहा है। विभाग के पोर्टल पर पंजीकृत तमाम बेरोजगार रोजगार पाने की आश लगाए बैठे हैं।
विभाग के पोर्टल पर करीब 44,805 बेरोजगार पंजीकृत हैं। इसमें से महज 50 युवा ऐसे हैं जिन्हें रोजगार मिल पाया है। जिला सेवा योजन कार्यालय में गुजरात, हरियाणा, दिल्ली के अलावा अन्य क्षेत्रों की कंपनियाें ने संपर्क किया। कंपनियों की तरफ से रोजगार के लिए शिविर लगाए गए। जिसमें तमाम बेरोजगार आए, लेकिन काम और उसके एवज में मिलने वाला मानदेय कम देख लौट गए। पंजीकृत बेरोजगारों में 30,770 पुरुष एवं 14,035 महिलाएं शामिल हैं। इन सभी को नौकरी की तलाश है। विभाग में पंजीकृत कंपनियों के माध्यम से बेरोजगारों को रोजगार दिलाने का काम किया जाता है। बेरोजगार युवाओं का कहना है कि चयन के दौरान कंपनियां बेहतर सुविधा देने के दावा करती हैं। लेकिन बाद में काम शुरू करने के दौरान दावे और हकीकत में बहुत अंतर होता है। साल में दो से चार बार ही रोजगार मेला लगता है। जिसमें आए युवाओं को रोजगार देने के लिए कंपनियां चयनित करती हैं। रोजगार दिलाने की जो गति है, उससे तो तमाम युवाओं को रोजगार मिल ही नहीं पाएगा।
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सेवा योजन कार्यालय में तैनात वरिष्ठ सहायक मोहम्मद नसीम ने बताया कि पंजीकृत बेरोजगारों को प्रत्येक तीन वर्ष पर नवीनीकरण कराना होता है। ऐसा न कराने पर विभाग यह मान लेता है कि बेरोजगार युवक को रोजगार मिल गया है। इसलिए सदस्यता रद्द कर दी जाती है। जिला सेवा योजना अधिकारी एपी सिंह ने बताया कि रोजगार मेले के माध्यम से रोजगार देने के लिए प्रयास किया जाता है।
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