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Maharajganj News: सुबह धरना, शाम को मशाल जुलूस निकाल गरजे विद्युत कर्मी
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मंगलवार को सक्सेना चौराहे पर निजीकरण व अन्य मुद्दों को लेकर मशाल जुलूस निकालते विद्युत कर्मचारी
- फोटो : MAHARAJGANJ
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सुबह धरना, शाम को मशाल जुलूस निकाल गरजे विद्युत कर्मी
- 25 हजार करोड़ रुपये के मीटर खरीदने का आदेश रद्द किया जाए
- 15 सूत्री मांगे पूरी नहीं होने पर विद्युत कर्मियों में आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मंगलवार सुबह विद्युत स्टेशन पर धरना दिया। शाम को शहर में मशाल जुलूस निकालकर गुस्से का इजहार किया।
संगठन के संयोजक शैलेंद्र दूबे ने कहा कि श्रम अधिनियमों एवं मानवाधिकारों के कानूनों के इतर कार्मिकों से कार्य लिए जाने, अव्यवहारिक लक्ष्यों के आधार पर समीक्षा कर बड़े पैमाने पर मनमाने ढंग से उत्पीड़न पर रोक लगाएं। फिजूल खर्ची को रोकने के लिए लगभग 25,000 करोड़ रुपये के मीटरों की खरीद के आदेश को रद्द किया जाए। इस धनराशि का सदुपयोग उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में हो।
उन्होंने कहा कि सभी बिजली कर्मचारियों एवं अभियन्ताओं को पूर्व की भांति समयबद्ध वेतनमान प्रदान किया जाए। सभी बिजली कर्मियों/सेवानिवृत्त कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा दें तथा ट्रांसफार्मर वर्कशॉप के निजीकरण के आदेश वापस लिया जाय। आउटसोर्सिंग के माध्यम से परिचालन एवं अनुरक्षण कराने के आदेश निरस्त किया जाए। वर्ष 2000 के बाद ऊर्जा निगम की सेवा में आए समस्त कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल किया जाए।
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महासचिव जितेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि ऊर्जा निगम के समस्त कार्मिकों की सुरक्षा के लिए पावर सेक्टर इम्प्लॉइज प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए। केन्द्र के सार्वजनिक उपक्रमों की भांति उप्र के ऊर्जा निगमों में समस्त भत्तों का पुनरीक्षण, उत्पादन निगम में अप्रैल 2020 से लम्बित उत्पादन प्रोत्साहन भत्ता तत्काल जारी किया जाए। सरकार एवं विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के मध्य हुए समझौते के अनुसार बिजली कर्मियों को मिल रही रियायती बिजली की सुविधा पूर्ववत जारी रखी जाए। समस्त बिजली कर्मियों/संविदा कर्मियों को पिछले कई वर्षों से लम्बित बोनस का भुगतान किया जाय। इस दौरान जय प्रकाश, गिरीश कुमार पांडेय, महेंद्र राय, सुहैल आबिद, शशिकांत श्रीवास्तव, जीपी सिंह, सुनील प्रकाश पाल, पीके दीक्षित, रफीक अहमद, आरके सिंह आदि मौजूद रहे।
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- 25 हजार करोड़ रुपये के मीटर खरीदने का आदेश रद्द किया जाए
- 15 सूत्री मांगे पूरी नहीं होने पर विद्युत कर्मियों में आक्रोश
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने मंगलवार सुबह विद्युत स्टेशन पर धरना दिया। शाम को शहर में मशाल जुलूस निकालकर गुस्से का इजहार किया।
संगठन के संयोजक शैलेंद्र दूबे ने कहा कि श्रम अधिनियमों एवं मानवाधिकारों के कानूनों के इतर कार्मिकों से कार्य लिए जाने, अव्यवहारिक लक्ष्यों के आधार पर समीक्षा कर बड़े पैमाने पर मनमाने ढंग से उत्पीड़न पर रोक लगाएं। फिजूल खर्ची को रोकने के लिए लगभग 25,000 करोड़ रुपये के मीटरों की खरीद के आदेश को रद्द किया जाए। इस धनराशि का सदुपयोग उपभोक्ताओं को बेहतर सेवा देने के लिए आवश्यक सामग्री खरीदने में हो।
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उन्होंने कहा कि सभी बिजली कर्मचारियों एवं अभियन्ताओं को पूर्व की भांति समयबद्ध वेतनमान प्रदान किया जाए। सभी बिजली कर्मियों/सेवानिवृत्त कर्मियों को कैशलेस इलाज की सुविधा दें तथा ट्रांसफार्मर वर्कशॉप के निजीकरण के आदेश वापस लिया जाय। आउटसोर्सिंग के माध्यम से परिचालन एवं अनुरक्षण कराने के आदेश निरस्त किया जाए। वर्ष 2000 के बाद ऊर्जा निगम की सेवा में आए समस्त कार्मिकों के लिए पुरानी पेंशन व्यवस्था बहाल किया जाए।
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महासचिव जितेंद्र सिंह गुर्जर ने कहा कि ऊर्जा निगम के समस्त कार्मिकों की सुरक्षा के लिए पावर सेक्टर इम्प्लॉइज प्रोटेक्शन एक्ट लागू किया जाए। केन्द्र के सार्वजनिक उपक्रमों की भांति उप्र के ऊर्जा निगमों में समस्त भत्तों का पुनरीक्षण, उत्पादन निगम में अप्रैल 2020 से लम्बित उत्पादन प्रोत्साहन भत्ता तत्काल जारी किया जाए। सरकार एवं विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के मध्य हुए समझौते के अनुसार बिजली कर्मियों को मिल रही रियायती बिजली की सुविधा पूर्ववत जारी रखी जाए। समस्त बिजली कर्मियों/संविदा कर्मियों को पिछले कई वर्षों से लम्बित बोनस का भुगतान किया जाय। इस दौरान जय प्रकाश, गिरीश कुमार पांडेय, महेंद्र राय, सुहैल आबिद, शशिकांत श्रीवास्तव, जीपी सिंह, सुनील प्रकाश पाल, पीके दीक्षित, रफीक अहमद, आरके सिंह आदि मौजूद रहे।