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डीएलएड की रिक्त पड़े सीटों पर सीधे प्रवेश का मौका
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डीएलएड की रिक्त पड़े सीटों पर सीधे प्रवेश का मौका
संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। डीएलएड करने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। द्वितीय चरण की काउंसिलिंग के उपरांत राजकीय व निजी शिक्षण संस्थानों में रिक्त सीटों पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने सीधे प्रवेश की छूट दी है। निजी शिक्षण संस्थानों में सीधे प्रवेश की छूट मिलने से अब सीटें रिक्त नहीं रहेंगी।
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया कठिन होने के चलते बीएड, डीएलएड आदि के प्रति लोगों में रुझान घटता जा रहा है। पहले जहां इसमें प्रवेश के लिए मारामारी होती थी, वहीं अब लोग इस क्षेत्र में आने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके चलते डीएलएड में प्रवेश के लिए सीटें ही नहीं भर पा रही हैं। राजकीय व निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा डीएलएड का कोर्स कराया जाता है। प्रथम चरण में अधिकांश राजकीय जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थाओं की सीटें भर जाती हैं। यदि सीट रिक्त रहती है तो दूसरे चरण मेंभरना तय है। वहीं निजी शिक्षण संस्थानों में लोग अपनी सुविधा को देखते हुए प्रवेश लेते हैं। उधर, दो चरणों की काउंसिलिंग के बाद जिले के निजी शिक्षण संस्थानों में सीटें अब भी बची हुई हैं। ऐसे में डीएलएड में प्रवेश के इच्छुक लोग रिक्त पड़े सीटों वाले संस्थाओं में संपर्क कर सीधे प्रवेश ले सकते हैं। जिले में ऐसे 22 शिक्षण संस्थान हैं, जिन्हें बीटीसी अथवा डीएलएड की मान्यता है। डॉयट प्राचार्य रवींद्र सिंह ने कहा कि डीएलएड 2019 में सीधे प्रवेश संबंधी परीक्षा नियामक प्राधिकारी का पत्र मिला है। निजी शिक्षण संस्थानों के जिम्मेदार 12 से 16 सितंबर तक प्रवेश लेकर उसकी ऑनलाइन रिपोर्ट 17 सितंबर तक प्राधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
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संवाद न्यूज एजेंसी
महराजगंज। डीएलएड करने के इच्छुक अभ्यर्थियों के लिए राहत भरी खबर है। द्वितीय चरण की काउंसिलिंग के उपरांत राजकीय व निजी शिक्षण संस्थानों में रिक्त सीटों पर परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय ने सीधे प्रवेश की छूट दी है। निजी शिक्षण संस्थानों में सीधे प्रवेश की छूट मिलने से अब सीटें रिक्त नहीं रहेंगी।
शिक्षक भर्ती प्रक्रिया कठिन होने के चलते बीएड, डीएलएड आदि के प्रति लोगों में रुझान घटता जा रहा है। पहले जहां इसमें प्रवेश के लिए मारामारी होती थी, वहीं अब लोग इस क्षेत्र में आने में रुचि नहीं ले रहे हैं। इसके चलते डीएलएड में प्रवेश के लिए सीटें ही नहीं भर पा रही हैं। राजकीय व निजी शिक्षण संस्थानों द्वारा डीएलएड का कोर्स कराया जाता है। प्रथम चरण में अधिकांश राजकीय जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थाओं की सीटें भर जाती हैं। यदि सीट रिक्त रहती है तो दूसरे चरण मेंभरना तय है। वहीं निजी शिक्षण संस्थानों में लोग अपनी सुविधा को देखते हुए प्रवेश लेते हैं। उधर, दो चरणों की काउंसिलिंग के बाद जिले के निजी शिक्षण संस्थानों में सीटें अब भी बची हुई हैं। ऐसे में डीएलएड में प्रवेश के इच्छुक लोग रिक्त पड़े सीटों वाले संस्थाओं में संपर्क कर सीधे प्रवेश ले सकते हैं। जिले में ऐसे 22 शिक्षण संस्थान हैं, जिन्हें बीटीसी अथवा डीएलएड की मान्यता है। डॉयट प्राचार्य रवींद्र सिंह ने कहा कि डीएलएड 2019 में सीधे प्रवेश संबंधी परीक्षा नियामक प्राधिकारी का पत्र मिला है। निजी शिक्षण संस्थानों के जिम्मेदार 12 से 16 सितंबर तक प्रवेश लेकर उसकी ऑनलाइन रिपोर्ट 17 सितंबर तक प्राधिकारी कार्यालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।
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