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Maharajganj News: तेल-मसाले में भी डुप्लिकेसी का खेल, ब्रांड की आड़ में लगा रहे चूना

Thu, 24 Jul 2025 12:39 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज
संवाद न्यूज एजेंसी, महाराजगंज Updated Thu, 24 Jul 2025 12:39 AM IST
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Duplication game in oil and spices too, cheating in the name of brand
महराजगंज। बाजारों में डुप्लीकेट सामानों की भरमार है। बीते दिन स्टील पाइप में डुप्लीकेट मिला था। अब तेल में मिलती-जुलती कंपनी के नाम पर खेल किया जा रहा है। सिसवा कस्बे में एक कंपनी के अधिकारियों की छापामारी में इसका खुलासा हुआ तो खाद्य विभाग की टीम ने नमूना लेकर जांच के लिए भेजा। चक्र के नाम पर वक्र का सरसों तेल बेचा जा रहा था।
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जानकारी के अनुसार, सिसवा कस्बे में तेल बनाने वाली कंपनी के संचालक विरुद्ध 12 अक्टूबर 2023 को धोखाधड़ी एवं कॉपी राइट एक्ट में केस दर्ज हुआ था। बरेली जनपद से चक्र नाम से सरसों तेल बनाने वाली कंपनी कंपनी के मैनेजर स्वतंत्र कुमार यादव ने खाद्य सुरक्षा को विभाग को गड़बड़झाले की जानकारी दी थी। यहां लंबे समय से यह खेल चल रहा था।
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जिले में अन्य स्थानों पर यहीं से आपूर्ति किए जाने की चर्चा है। डूप्लीकेट नाम का प्रयोग कर धंधा करोड़ों में पहुंच गया था। खराब सरसों के तेल की वजह से पेट संबंधी बीमारियां बढ़ गई हैं। रोजाना 40 से 50 हजार लीटर की खपत हो रही है। सूत्रों की माने तो धंधेबाज पॉम ऑयल युक्त सरसों तेल बल्क में पहुंचा रहे हैं। मिलावटी सरसों तेल की खपत होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर ज्यादा होती है।
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खुले बाजार में 145 से 150 रुपये प्रति लीटर बिकने वाला सरसों तेल टिन के डिब्बे में 165-150 रुपये लीटर मिल रहा है। इसमें कारोबारियों की अच्छी बचत हो रही है। अधिकतर होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर ब्रांडेड सरसों तेल का प्रयोग नहीं किया जा रहा है।
खुले या टिन के डिब्बे में आने वाले तेल का ही उपयोग किया जा रहा है, जिसके सेवन से ग्राहकों की सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। सूत्र बतातें हैं मसाला, बिस्किट, चाकलेट समेत अन्य सामाग्रियों से मिलते जुलते नाम का खेल कर बिक्री की जा रही है।

नामी कंपनियों के लगाते हैं नकली रैपर : सूत्रों की माने तो टीन में पैक किए गए नकली सरसों तेल की टीन में नामी गिरामी कंपनियों के रैपर कारोबारियों द्वारा लगाए जाते हैं। इनमें प्रमुख रूप से कच्चीघानी, कोल्हू, श्याम, झूला, बावर्ची ब्रांड के रैपर शामिल हैं।
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