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शौचालय बने नहीं, जगा रहे स्वच्छता की अलख
Thu, 28 Mar 2019 12:22 AM IST
राकेश पांडेय
महराजगंज (ब्यूरो)
महराजगंज (ब्यूरो)
Published by: राकेश पांडेय
Updated Thu, 28 Mar 2019 12:22 AM IST
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शौचालय बने नहीं, जगा रहे स्वच्छता की अलख
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। जिले को खुले में शौच मुक्त घोषित किया जा चुका है। बेस लाइन सर्वे के बाद जिले में 61,190 शौचालयों के निर्माण का लक्ष्य निर्धारित किया गया था लेकिन अब तक 39,603 शौचालयों के निर्माण ही पूरे हो पाए हैं। अभी 21,587 शौचालयों के निर्माण पूरे नहीं हो पाए हैं। हालांकि जिला पंचायत राज विभाग की ओर से जिम्मेदारों को शौचालयों का निर्माण जल्द पूरा कराने को कहा गया है, इसके बावजूद प्रगति काफी धीमी है। यह स्थिति तब है जबकि हर रोज निर्माण में हुई प्रगति का पर्यवेक्षण किया जा रहा है।
वैसे तो जिले में दो लाख 63 हजार 109 शौचालय बनाए जा चुके हैं। बेस लाइन सर्वे में छूटे हुए 61,190 लाभार्थियों का चयन कर उनके यहां भी शौचालयों के निर्माण की मंजूरी दी गई थी। कहा गया कि इन लाभार्थियों को शौचालयों के निर्माण के लिए किस्त जारी होने के बाद 31 मार्च तक कार्य पूरा हो जाना चाहिए। शौचालयों के निर्माण में तेजी लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए गए। इस सारी कवायद के बावजूद 26 मार्च तक 39,603 शौचालयों के निर्माण ही पूरे हो पाए हैं जबकि 21,587 शौचालय अब भी अधूरे हैं। शौचालयों के निर्माण की प्रगति हर रोज पोर्टल पर अपडेट की जा रही है। जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय के मुताबिक बृजमनगंज ब्लॉक में 3,855, धानी में 1,672, घुघली में 6,288, लक्ष्मीपुर में 3,396, महराजगंज में 2,502, मिठौरा में 2,862, नौतनवां में 2,234, निचलौल में 1,507 , पनियरा में 4,372, परतावल में 4,757, फरेंदा में 4,734, सिसवां में 1,424 शौचालय बनाए जा चुके हैं। 26 मार्च तक की यह प्रगति रिपोर्ट विभाग के पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी है। विभाग के अधिकारी गांवों में स्वच्छता अभियान तेज करने के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इसके सा ही बेस लाइन सर्वे में छूटे हुए लाभार्थियों के शौचालयों के निर्माण प्रमुखता के आधार पर पूरे कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। अपर जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज त्यागी ने बताया कि जिले को खुले में शौचमुक्त घोषित किया जा चुका है। जो लाभार्थी छूटे हुए हैं, उनके यहां शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। बेस लाइन सर्वे में मिले लक्ष्य को जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
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वैसे तो जिले में दो लाख 63 हजार 109 शौचालय बनाए जा चुके हैं। बेस लाइन सर्वे में छूटे हुए 61,190 लाभार्थियों का चयन कर उनके यहां भी शौचालयों के निर्माण की मंजूरी दी गई थी। कहा गया कि इन लाभार्थियों को शौचालयों के निर्माण के लिए किस्त जारी होने के बाद 31 मार्च तक कार्य पूरा हो जाना चाहिए। शौचालयों के निर्माण में तेजी लाने के लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश भी जारी किए गए। इस सारी कवायद के बावजूद 26 मार्च तक 39,603 शौचालयों के निर्माण ही पूरे हो पाए हैं जबकि 21,587 शौचालय अब भी अधूरे हैं। शौचालयों के निर्माण की प्रगति हर रोज पोर्टल पर अपडेट की जा रही है। जिला पंचायत राज अधिकारी कार्यालय के मुताबिक बृजमनगंज ब्लॉक में 3,855, धानी में 1,672, घुघली में 6,288, लक्ष्मीपुर में 3,396, महराजगंज में 2,502, मिठौरा में 2,862, नौतनवां में 2,234, निचलौल में 1,507 , पनियरा में 4,372, परतावल में 4,757, फरेंदा में 4,734, सिसवां में 1,424 शौचालय बनाए जा चुके हैं। 26 मार्च तक की यह प्रगति रिपोर्ट विभाग के पोर्टल पर दर्ज की जा चुकी है। विभाग के अधिकारी गांवों में स्वच्छता अभियान तेज करने के लिए लोगों को जागरूक कर रहे हैं। इसके सा ही बेस लाइन सर्वे में छूटे हुए लाभार्थियों के शौचालयों के निर्माण प्रमुखता के आधार पर पूरे कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। अपर जिला पंचायत राज अधिकारी मनोज त्यागी ने बताया कि जिले को खुले में शौचमुक्त घोषित किया जा चुका है। जो लाभार्थी छूटे हुए हैं, उनके यहां शौचालयों का निर्माण कराया जा रहा है। बेस लाइन सर्वे में मिले लक्ष्य को जल्द पूरा कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं।
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