{"_id":"5bd9fb21bdec22694c3435ac","slug":"distribution-of-ration-from-e-pos-machine-to-city-to-village","type":"story","status":"publish","title_hn":"शहर से गांव तक ई-पॉस मशीन से राशन वितरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
शहर से गांव तक ई-पॉस मशीन से राशन वितरण
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Thu, 01 Nov 2018 12:27 AM IST
विज्ञापन
शहर से गांव तक ई-पॉस मशीन से राशन वितरण
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महराजगंज। अब ग्रामीण क्षेत्र में नवंबर माह से सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों पर ई-पॉस मशीन से खाद्यान्न वितरण शुरू हो जाएगा। इसके लिए विभाग की ओर से तैयारी पूरी कर ली गई है। साफ्टवेयर में कुछ तकनीकी खामियों के वजह से समस्या हो रही है। गड़बड़ी दूर करने का प्रयास किया जा रहा है।
ई पॉस मशीन निर्धारित स्थान से 100 मीटर दूर हटाए जाने पर काम नहीं करेगी। उधर, कार्डधारकों का कहना है ई-पॉस मशीन से खाद्यान्न वितरण से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगने के साथ ही समस्या भी बढ़ जाएगी। क्योंकि अंगूठा लगाने के लिए परिवार के मुखिया को हर हाल में कोटेदार के दुकान पर जाना पडे़गा। नगरीय निकाय क्षेत्र के 54 कोटेदारों ने तो ई-पॉस मशीन से राश्न वितरण शुरू भी कर दिया है।जिला पूर्ति कार्यालय के मुताबिक महराजगंज नगर पालिका, नौतनवां नगर पालिका, नगर पंचायत घुघली, निचलौल, फरेंदा, सिसवा, सोनौली के 54 कोटेदार ई-पॉस मशीन से राशन वितरण कर रहे है। आपूर्ति निरीक्षक विद्या निवास मिश्रा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के 993 कोटेदार अब नवंबर माह से ई- पॉस मशीन से राशन वितरण करेंगे। इसके लिए विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है। कुछ तकनीकी गड़बड़ी को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। नवंबर माह से गांवों में राशन वितरण शुरू करा दिया जाएगा। इसके लिए कोटेदारों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। ई-पॉस मशीन आधुनिक तकनीक से लैस है। इसमें अंगूठा लगाने के साथ साथ आंख के जरिए पहचान करने के स्लॉट बनाए गए हैं। जीपीएस के माध्यम से मशीन का लोकेशन पता चलेगा। हर मशीन पर कोटेदार के नाम व पता अंकित हैं। एक कोटेदार की मशीन का इस्तेमाल दूसरा कोटेदार नहीं कर सकता है। निर्धारित स्थान से 100 मीटर दूर ले जाने पर भी मशीन काम करना बंद कर देगी। बंसडिला गांव के रहने वाले रामबेलास का कहना है कि सरकार ने सही कार्य किया है। लेकिन गरीबों का तो एक ही मकसद है कि राशन मिले। नई व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। गरीब परेशान नहीं होंगे। डिंगूरी गांव के रहने वाले अच्छेलाल का कहना है कि मशीन पूरी तरह से इंटरनेट से चलेगी। कहा कि सुना है कि सर्वर फेल होने पर मशीन काम नहीं करेगी। अगर ऐसी व्यवस्था रही तो राशन लेने में दिक्कत होगी। कार्डधारकों को समस्या न हो, इसके लिए सरकार को इंतजाम करना चाहिए। जिलापूर्ति अधिकारी गौरी शंकर शुक्ल ने कहा कि ई-पॉस मशीन से पारदर्शिता के साथ राशन वितरण होगा। शहर के अलावा अब गांवों में भी कोटेदारों को ई-पॉस मशीन दिए गए हैं। नवंबर माह से मशीन के माध्यम से राशन वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन
ई पॉस मशीन निर्धारित स्थान से 100 मीटर दूर हटाए जाने पर काम नहीं करेगी। उधर, कार्डधारकों का कहना है ई-पॉस मशीन से खाद्यान्न वितरण से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगने के साथ ही समस्या भी बढ़ जाएगी। क्योंकि अंगूठा लगाने के लिए परिवार के मुखिया को हर हाल में कोटेदार के दुकान पर जाना पडे़गा। नगरीय निकाय क्षेत्र के 54 कोटेदारों ने तो ई-पॉस मशीन से राश्न वितरण शुरू भी कर दिया है।जिला पूर्ति कार्यालय के मुताबिक महराजगंज नगर पालिका, नौतनवां नगर पालिका, नगर पंचायत घुघली, निचलौल, फरेंदा, सिसवा, सोनौली के 54 कोटेदार ई-पॉस मशीन से राशन वितरण कर रहे है। आपूर्ति निरीक्षक विद्या निवास मिश्रा ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्र के 993 कोटेदार अब नवंबर माह से ई- पॉस मशीन से राशन वितरण करेंगे। इसके लिए विभाग की ओर से तैयारी की जा रही है। कुछ तकनीकी गड़बड़ी को दूर करने के प्रयास किए जा रहे हैं। नवंबर माह से गांवों में राशन वितरण शुरू करा दिया जाएगा। इसके लिए कोटेदारों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। ई-पॉस मशीन आधुनिक तकनीक से लैस है। इसमें अंगूठा लगाने के साथ साथ आंख के जरिए पहचान करने के स्लॉट बनाए गए हैं। जीपीएस के माध्यम से मशीन का लोकेशन पता चलेगा। हर मशीन पर कोटेदार के नाम व पता अंकित हैं। एक कोटेदार की मशीन का इस्तेमाल दूसरा कोटेदार नहीं कर सकता है। निर्धारित स्थान से 100 मीटर दूर ले जाने पर भी मशीन काम करना बंद कर देगी। बंसडिला गांव के रहने वाले रामबेलास का कहना है कि सरकार ने सही कार्य किया है। लेकिन गरीबों का तो एक ही मकसद है कि राशन मिले। नई व्यवस्था से भ्रष्टाचार पर अंकुश लगेगा। गरीब परेशान नहीं होंगे। डिंगूरी गांव के रहने वाले अच्छेलाल का कहना है कि मशीन पूरी तरह से इंटरनेट से चलेगी। कहा कि सुना है कि सर्वर फेल होने पर मशीन काम नहीं करेगी। अगर ऐसी व्यवस्था रही तो राशन लेने में दिक्कत होगी। कार्डधारकों को समस्या न हो, इसके लिए सरकार को इंतजाम करना चाहिए। जिलापूर्ति अधिकारी गौरी शंकर शुक्ल ने कहा कि ई-पॉस मशीन से पारदर्शिता के साथ राशन वितरण होगा। शहर के अलावा अब गांवों में भी कोटेदारों को ई-पॉस मशीन दिए गए हैं। नवंबर माह से मशीन के माध्यम से राशन वितरण शुरू करा दिया जाएगा।
विज्ञापन