{"_id":"690fa99e40bd4eecc601ba17","slug":"digital-monitoring-is-being-done-to-curb-the-black-marketing-of-fertilizers-maharajganj-news-c-206-1-sgkp1021-163633-2025-11-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Maharajganj News: खाद की कालाबाजारी पर लगाम के लिए हो रही डिजिटल निगरानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Maharajganj News: खाद की कालाबाजारी पर लगाम के लिए हो रही डिजिटल निगरानी
विज्ञापन
महराजगंज। रबी सीजन की शुरुआत के साथ ही उर्वरक की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन ने व्यापक तैयारी कर ली है। शनिवार को शहर के इफको किसान सेवा केंद्र पर टोकन लेकर किसान कतार में खड़े रहे। यूरिया और डीएपी पर्याप्त भंडारण हुआ है। खाद की कालाबाजारी रोकने को डिजिटल निगरानी प्रणाली लागू की गई है।
जानकारी के अनुसार, जिले में वर्तमान समय में यूरिया की 11,943 मीट्रिक टन, डीएपी की 7,695 मीट्रिक टन और एनपीके की 5,963 मीट्रिक टन उपलब्धता है। इन उर्वरकों की आपूर्ति जिले की 96 साधन सहकारी समितियों पर सुनिश्चित की गई है। सभी समितियों में टोकन प्रणाली लागू की गई है, जिससे किसानों को निर्धारित क्रम में खाद मिले और किसी भी प्रकार की भीड़ या अफरा-तफरी की स्थिति न बने। प्रशासन ने दावा किया है कि पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होने के कारण इस बार किसी किसान को उर्वरक की कमी नहीं झेलनी पड़ेगी। निर्धारित समय तक ही समिति को खोलने का निर्देश हैं। गड़बड़ी पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
नए नियमों से बढ़ा पंजीकरण का रुझान : खाद वितरण में लागू नई प्रणाली के बाद किसानों में सदस्यता और पंजीकरण को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। जनसेवा केंद्रों और समितियों पर किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जानकारी के अनुसार, जिले में वर्तमान समय में यूरिया की 11,943 मीट्रिक टन, डीएपी की 7,695 मीट्रिक टन और एनपीके की 5,963 मीट्रिक टन उपलब्धता है। इन उर्वरकों की आपूर्ति जिले की 96 साधन सहकारी समितियों पर सुनिश्चित की गई है। सभी समितियों में टोकन प्रणाली लागू की गई है, जिससे किसानों को निर्धारित क्रम में खाद मिले और किसी भी प्रकार की भीड़ या अफरा-तफरी की स्थिति न बने। प्रशासन ने दावा किया है कि पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध होने के कारण इस बार किसी किसान को उर्वरक की कमी नहीं झेलनी पड़ेगी। निर्धारित समय तक ही समिति को खोलने का निर्देश हैं। गड़बड़ी पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
विज्ञापन
नए नियमों से बढ़ा पंजीकरण का रुझान : खाद वितरण में लागू नई प्रणाली के बाद किसानों में सदस्यता और पंजीकरण को लेकर अभूतपूर्व उत्साह देखा जा रहा है। जनसेवा केंद्रों और समितियों पर किसानों की लंबी कतारें लग रही हैं।
विज्ञापन