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नियमों की धज्जियां उड़ा रहे डग्गामार वाहन
महराजगंज (ब्यूरो)
Updated Mon, 01 Oct 2018 12:17 AM IST
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नियमों की धज्जियां उड़ा रहे डग्गामार वाहन
- फोटो : अमर उजाला
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महराजगंज। सुबह छह बजे से ही रोडवेज बस स्टेशन के सामने डग्गामार वाहनों का जमावड़ा लग जाता है। नियम-कानून दरकिनार कर सड़क पर डग्गामार वाहन खड़ी कर संचालक उसमें सवारी बैठवाने लगते हैं। इससे जहां यातायात नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ रही हैं, वहीं निचलौल डिपो को हर माह 12 से 15 लाख रुपये राजस्व नुकसान उठाना पड़ रहा है। डग्गामार वाहनों पर नियंत्रण न होने से परिवहन निगम की व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
लोगों का कहना है कि डग्गामार वाहन संचालकों का हौसला इस कदर बुलंद है कि सवारी भरने रोडवेज परिसर के पास खड़े यात्रियों को भी बुलाकर बैठाते हैं। ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी भी चुप्पी साधे रहते हैं।
नियम एवं कानून तोड़कर खुलेआम रोडवेज बसों में सवार होने वाली सवारियों को डग्गामार वाहन संचालक अपने वाहनों में बैठवाते हैं। इससे रोडवेज को हर माह लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। दवा व्यापारी संजीव कश्यप ने बताया कि एआरटीओ व पुलिस प्रशासन इस दिशा में ध्यान नहीं दे रहा है। डग्गामार वाहनों की धरपकड़ न होने से सड़कों पर यातायात जाम की समस्या तो पैदा होती ही है, साथ ही अधिकांश मामलों में हादसों की वजह भी डग्गामार वाहन ही रहते हैं। क्योंकि अधिक आमदनी के लालच में क्षमता से अधिक सवारी लादकर तेज और अनियंत्रित रफ्तार में फर्राटा भरना डग्गामार वाहन चालकों की आदत में शुमार हो गया है। गणेश श्रीवास्तव ने बताया कि डग्गामार वाहनों के संचालन से सरकारी राजस्व को क्षति पहुंच रही है, क्योंकि जल्दबाजी के चक्कर में यात्री रोडवेज बसों की बजाए डग्गामार वाहनों में सवार होकर समय बचाना चाहते हैं जबकि उनका समय भी नहीं बच पाता है। एआरएम रोडवेज भुनेश्वर प्रसाद ने बताया कि बस स्टेशन के पास प्राइवेट वाहनों को हटवाने के लिए प्रयास किया जाता है लेकिन वह झगड़ा करना शुरू कर देते हैं। बस अड्डा के पास प्राइवेट वाहनों में सवारी भरे जाने से राजस्व को नुकसान हो रहा है। एआरटीओ आरसी भारती ने बताया कि समय - समय पर छापेमारी कर कार्रवाई की जाती है। जल्द ही डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
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लोगों का कहना है कि डग्गामार वाहन संचालकों का हौसला इस कदर बुलंद है कि सवारी भरने रोडवेज परिसर के पास खड़े यात्रियों को भी बुलाकर बैठाते हैं। ड्यूटी पर तैनात पुलिस कर्मी भी चुप्पी साधे रहते हैं।
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नियम एवं कानून तोड़कर खुलेआम रोडवेज बसों में सवार होने वाली सवारियों को डग्गामार वाहन संचालक अपने वाहनों में बैठवाते हैं। इससे रोडवेज को हर माह लाखों का नुकसान उठाना पड़ रहा है। दवा व्यापारी संजीव कश्यप ने बताया कि एआरटीओ व पुलिस प्रशासन इस दिशा में ध्यान नहीं दे रहा है। डग्गामार वाहनों की धरपकड़ न होने से सड़कों पर यातायात जाम की समस्या तो पैदा होती ही है, साथ ही अधिकांश मामलों में हादसों की वजह भी डग्गामार वाहन ही रहते हैं। क्योंकि अधिक आमदनी के लालच में क्षमता से अधिक सवारी लादकर तेज और अनियंत्रित रफ्तार में फर्राटा भरना डग्गामार वाहन चालकों की आदत में शुमार हो गया है। गणेश श्रीवास्तव ने बताया कि डग्गामार वाहनों के संचालन से सरकारी राजस्व को क्षति पहुंच रही है, क्योंकि जल्दबाजी के चक्कर में यात्री रोडवेज बसों की बजाए डग्गामार वाहनों में सवार होकर समय बचाना चाहते हैं जबकि उनका समय भी नहीं बच पाता है। एआरएम रोडवेज भुनेश्वर प्रसाद ने बताया कि बस स्टेशन के पास प्राइवेट वाहनों को हटवाने के लिए प्रयास किया जाता है लेकिन वह झगड़ा करना शुरू कर देते हैं। बस अड्डा के पास प्राइवेट वाहनों में सवारी भरे जाने से राजस्व को नुकसान हो रहा है। एआरटीओ आरसी भारती ने बताया कि समय - समय पर छापेमारी कर कार्रवाई की जाती है। जल्द ही डग्गामार वाहनों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
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