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मारपीट में दो और का समर्पण
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Thu, 12 Jan 2017 12:23 AM IST
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लक्ष्मीपुर। 15 नवंबर 2014 को पुरंदरपुर थाना के रानीपुर निवासी एडवोकेट दुर्गेश जायसवाल के घर में घुस कर मारपीट के मामले में फरार चल रहे दो अभियुक्तों ने कोर्ट के समक्ष आत्म समर्पण कर दिया। न्यायिक मजिस्ट्रेट फरेंदा शीलवन्त ने आठ के विरुद्ध गैर जमानती वारंट जारी किया था। 6 अभियुक्तों ने 5 जनवरी को समर्पण कर दिया था। जबकि दो फरार चल रहे थे।
न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि उक्त तिथि को सुबह दुर्गेश जायसवाल के घर के सामने आवाज सुनाई दी। आवाज जानी पहचानी लगने के कारण उन्होंने ज्यों ही अपना दरवाजा खोला कि संजय जायसवाल उर्फ गुड्डू, अजय जायसवाल, मनोज जायसवाल, प्रमोद जायसवाल, रामनाथ जायसवाल, दीपक जायसवाल, सागर जायसवाल व कृष्ण मोहन निवासी मानीराम थाना चिलुआताल जनपद गोरखपुर व तौलन जायसवाल निवासी सिधवारी टोला पोखरियापुर थाना फरेंदा जनपद महराजगंज घर में घुस गए।
विरोध करने पर उपरोक्त अधिवक्ता को मारने पीटने लगे तथा उनके घर में तोड़ फोड़ भी किए। आवाज सुनकर मौके पर कुछ ग्रामीणों को आते देख सभी दुर्गेश व उनके परिजनों की हत्या कर देने की धमकी देते हुए भाग निकले।घायलावस्था में अधिवक्ता को परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी में भर्ती कराया। स्वस्थ्य होने के बाद दुर्गेश की तहरीर पर पुरंदरपुर थाने में 24 नवंबर 2014 को नौ हमलावरों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत हुआ।
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मामले में विवेचक राम सहाय चौहान ने एफआर लगा दी।पुलिस कार्रवाई से व्यथित दुर्गेश ने अपने वरिष्ठ अधिवक्ता ज्वाला मणि त्रिपाठी के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट फरेंदा के कोर्ट में प्रोटेस्ट दाखिल किया जिसके बाद न्यायालय ने मामलें की गंभीरता को देखते हुए परिवादी दुर्गेश व सात गवाहों का बयान दर्ज करते हुए 24 दिसंबर को आठ के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। जिसमे विगत 5 जनवरी को रामनाथ, संजय, अजय, मनोज, प्रमोद व कृष्णमोहन ने न्यायालय के समक्ष समर्पण कर दिया था। जबकि दीपक व सागर फरार चल रहे थे किन्तु पुलिस द्वारा लगातार दबिश के कारण मंगलवार को दीपक व सागर भी न्यायालय में समर्पण कर दिया।
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न्यायालय ने अपने आदेश में कहा है कि उक्त तिथि को सुबह दुर्गेश जायसवाल के घर के सामने आवाज सुनाई दी। आवाज जानी पहचानी लगने के कारण उन्होंने ज्यों ही अपना दरवाजा खोला कि संजय जायसवाल उर्फ गुड्डू, अजय जायसवाल, मनोज जायसवाल, प्रमोद जायसवाल, रामनाथ जायसवाल, दीपक जायसवाल, सागर जायसवाल व कृष्ण मोहन निवासी मानीराम थाना चिलुआताल जनपद गोरखपुर व तौलन जायसवाल निवासी सिधवारी टोला पोखरियापुर थाना फरेंदा जनपद महराजगंज घर में घुस गए।
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विरोध करने पर उपरोक्त अधिवक्ता को मारने पीटने लगे तथा उनके घर में तोड़ फोड़ भी किए। आवाज सुनकर मौके पर कुछ ग्रामीणों को आते देख सभी दुर्गेश व उनके परिजनों की हत्या कर देने की धमकी देते हुए भाग निकले।घायलावस्था में अधिवक्ता को परिजनों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी में भर्ती कराया। स्वस्थ्य होने के बाद दुर्गेश की तहरीर पर पुरंदरपुर थाने में 24 नवंबर 2014 को नौ हमलावरों के विरुद्ध मुकदमा पंजीकृत हुआ।
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मामले में विवेचक राम सहाय चौहान ने एफआर लगा दी।पुलिस कार्रवाई से व्यथित दुर्गेश ने अपने वरिष्ठ अधिवक्ता ज्वाला मणि त्रिपाठी के माध्यम से न्यायिक मजिस्ट्रेट फरेंदा के कोर्ट में प्रोटेस्ट दाखिल किया जिसके बाद न्यायालय ने मामलें की गंभीरता को देखते हुए परिवादी दुर्गेश व सात गवाहों का बयान दर्ज करते हुए 24 दिसंबर को आठ के खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी कर दिया। जिसमे विगत 5 जनवरी को रामनाथ, संजय, अजय, मनोज, प्रमोद व कृष्णमोहन ने न्यायालय के समक्ष समर्पण कर दिया था। जबकि दीपक व सागर फरार चल रहे थे किन्तु पुलिस द्वारा लगातार दबिश के कारण मंगलवार को दीपक व सागर भी न्यायालय में समर्पण कर दिया।