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श्मशान की भूमि को लेकर दो वर्ग आमने-सामने
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 01 Nov 2017 12:00 AM IST
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कोहडवल गांव में भूमि के विवाद लगी ग्रामीणो की भीड़।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूूराो
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निचलौल। थाना क्षेत्र के कोहड़वल के श्मशान की विवादित भूमि में मंगलवार की सुबह चहारदीवारी को लेकर विवाद हो गया। दो वर्गों के लोग आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों में कहासुनी से गांव का माहौल तनावपूर्ण हो गया। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस स्थिति गंभीर देख मामले से अधिकारियों को अवगत कराया।
थोड़ी ही देर में गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मौके पर पहुंचे एसडीएम व सीओ ने काम रोकवा दिया और दोनों पक्षों को बगैर किसी आदेश के निर्माण कार्य नहीं कराने की सख्त हिदायत दी। निचलौल तहसील के ग्राम कोहड़वल में 50 डिसमिल भूमि शवदाह स्थल के रूप में दर्ज है। इसका वर्षों पूर्व सीमांकन भी हो चुका है।
इधर, गांव का ही एक परिवार उस भूमि पर अपना दावा पेश करते हुए एसडीएम कोर्ट में वाद कायम करा दिया। इस मामले में एसडीएम कोर्ट ने पिछले साल 17 अगस्त को श्मशान को खारिज कर रास्ता दर्ज करने का आदेश पारित किया। इस आदेश की भनक लगते ही ग्राम सभा ने 3 सितंबर 2016 को कायमी दाखिल की जिसकी सुनवाई के बाद 30 दिसंबर 2016 को उस भूमि पर एसडीएम ने पुन: श्मशान दर्ज करने का आदेश दिया।
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इसके बाद दूसरे पक्ष ने फिर कायमी दी। एसडीएम कोर्ट फिर आदेश को पलट दिया और श्मसान इंद्राज खारिज कर रास्ता भूमि दर्ज करने का आदेश दे दिया। जब तब बदलते एसडीएम कोर्ट के फैसले को लेकर गांव में लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है। पिछले सितंबर में उसी भूमि में शव दफनाने को लेकर बवाल हुआ था। आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसील परिसर का घेराव कर धरने पर बैठ गए थे।
उसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस ने शव को दफन कराया था। इस मामले में तीन लोगों के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज हुआ था। यह मामला अभी चल ही रहा था कि मंगलवार को कुछ लोगों ने चहारदीवारी निर्माण शुरू करा दिया। दूसरे पक्ष ने निर्माण कार्य को रोक दिया। इससे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह बीच बचाव कर मामले को शांत कराना चाहा लेकिन ग्रामीण उग्र हो गए।
थानाध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह ने मामले से एसडीएम, सीओ आदि अधिकारियों कोे अवगत कराया। तीन थानों की पुलिस फोर्स के साथ एसडीएम देवेश गुप्ता व सीओ रणविजय सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने निर्माण कार्य को बंद करा दिया। एसडीएम और सीओ ने ग्रामीणों को शांत कराया और बगैर किसी आदेश के निर्माण कार्य न करने कराने की हिदायत दी। देर शाम तक गांव पुलिस छावनी में तब्दील रहा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात रही।v
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थोड़ी ही देर में गांव पुलिस छावनी में तब्दील हो गया। मौके पर पहुंचे एसडीएम व सीओ ने काम रोकवा दिया और दोनों पक्षों को बगैर किसी आदेश के निर्माण कार्य नहीं कराने की सख्त हिदायत दी। निचलौल तहसील के ग्राम कोहड़वल में 50 डिसमिल भूमि शवदाह स्थल के रूप में दर्ज है। इसका वर्षों पूर्व सीमांकन भी हो चुका है।
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इधर, गांव का ही एक परिवार उस भूमि पर अपना दावा पेश करते हुए एसडीएम कोर्ट में वाद कायम करा दिया। इस मामले में एसडीएम कोर्ट ने पिछले साल 17 अगस्त को श्मशान को खारिज कर रास्ता दर्ज करने का आदेश पारित किया। इस आदेश की भनक लगते ही ग्राम सभा ने 3 सितंबर 2016 को कायमी दाखिल की जिसकी सुनवाई के बाद 30 दिसंबर 2016 को उस भूमि पर एसडीएम ने पुन: श्मशान दर्ज करने का आदेश दिया।
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इसके बाद दूसरे पक्ष ने फिर कायमी दी। एसडीएम कोर्ट फिर आदेश को पलट दिया और श्मसान इंद्राज खारिज कर रास्ता भूमि दर्ज करने का आदेश दे दिया। जब तब बदलते एसडीएम कोर्ट के फैसले को लेकर गांव में लंबे समय से तनाव की स्थिति बनी हुई है। पिछले सितंबर में उसी भूमि में शव दफनाने को लेकर बवाल हुआ था। आक्रोशित ग्रामीणों ने तहसील परिसर का घेराव कर धरने पर बैठ गए थे।
उसके बाद कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच पुलिस ने शव को दफन कराया था। इस मामले में तीन लोगों के विरुद्ध मुकदमा भी दर्ज हुआ था। यह मामला अभी चल ही रहा था कि मंगलवार को कुछ लोगों ने चहारदीवारी निर्माण शुरू करा दिया। दूसरे पक्ष ने निर्माण कार्य को रोक दिया। इससे दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। सूचना पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह बीच बचाव कर मामले को शांत कराना चाहा लेकिन ग्रामीण उग्र हो गए।
थानाध्यक्ष सर्वेश कुमार सिंह ने मामले से एसडीएम, सीओ आदि अधिकारियों कोे अवगत कराया। तीन थानों की पुलिस फोर्स के साथ एसडीएम देवेश गुप्ता व सीओ रणविजय सिंह भी पहुंच गए। उन्होंने निर्माण कार्य को बंद करा दिया। एसडीएम और सीओ ने ग्रामीणों को शांत कराया और बगैर किसी आदेश के निर्माण कार्य न करने कराने की हिदायत दी। देर शाम तक गांव पुलिस छावनी में तब्दील रहा। चप्पे-चप्पे पर पुलिस फोर्स तैनात रही।v