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कमांडो भर्ती में फर्जी सर्टिफिकेट: पूर्व सिपाही और इंस्टीट्यूट निदेशक पर केस
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फिलहाल आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं, पुलिस तलाश में जुटी
अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। कमांडो भर्ती में फर्जी सर्टिफिकेटों के इस्तेमाल के गंभीर मामले में पुलिस ने दो आरोपियों पर मामला दर्ज किया है। इनमें हरियाणा के पूर्व सिपाही गुरदीप सिंह और साई इंस्टीट्यूट के निदेशक सीता राम शामिल हैं। मामले में अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई।
गुरदीप सिंह ने कमांडो विंग में भर्ती होने के लिए कुछ शिक्षण और तकनीकी सर्टिफिकेट जमा किए थे। भर्ती प्रक्रिया के बाद विभागीय नियमों के मुताबिक तैनात कर्मचारियों के सर्टिफिकेटों की विशेष जांच हुई। इस जांच में गुरदीप सिंह के सर्टिफिकेट संदिग्ध पाए गए। संबंधित संस्थानों से दोबारा सत्यापन करने पर वे पूरी तरह से फर्जी निकले। जांच में सामने आया कि ये फर्जी सर्टिफिकेट साई इंस्टीट्यूट के निदेशक सीता राम ने गैर-कानूनी तरीके से बनाए थे। नौकरी पाने के लिए फर्जी सर्टिफिकेटों का उपयोग सरासर धोखाधड़ी है। दूसरी कमांडेंट बटालियन बहादुरगढ़ पटियाला के डीएसपी की शिकायत पर पटियाला के सदर थाने में केस दर्ज हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी सर्टिफिकेटों को असली के तौर पर इस्तेमाल करने की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
आगे की जांच
पुलिस ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी सरकारी रिकॉर्ड और फर्जी सर्टिफिकेट जब्त कर लिए हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या इस इंस्टीट्यूट ने अन्य उम्मीदवारों के लिए भी ऐसे फर्जी सर्टिफिकेट बनाए थे। साथ ही इस जाल में शामिल अन्य लोगों का भी पता लगाया जाएगा। आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
पटियाला। कमांडो भर्ती में फर्जी सर्टिफिकेटों के इस्तेमाल के गंभीर मामले में पुलिस ने दो आरोपियों पर मामला दर्ज किया है। इनमें हरियाणा के पूर्व सिपाही गुरदीप सिंह और साई इंस्टीट्यूट के निदेशक सीता राम शामिल हैं। मामले में अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हुई।
गुरदीप सिंह ने कमांडो विंग में भर्ती होने के लिए कुछ शिक्षण और तकनीकी सर्टिफिकेट जमा किए थे। भर्ती प्रक्रिया के बाद विभागीय नियमों के मुताबिक तैनात कर्मचारियों के सर्टिफिकेटों की विशेष जांच हुई। इस जांच में गुरदीप सिंह के सर्टिफिकेट संदिग्ध पाए गए। संबंधित संस्थानों से दोबारा सत्यापन करने पर वे पूरी तरह से फर्जी निकले। जांच में सामने आया कि ये फर्जी सर्टिफिकेट साई इंस्टीट्यूट के निदेशक सीता राम ने गैर-कानूनी तरीके से बनाए थे। नौकरी पाने के लिए फर्जी सर्टिफिकेटों का उपयोग सरासर धोखाधड़ी है। दूसरी कमांडेंट बटालियन बहादुरगढ़ पटियाला के डीएसपी की शिकायत पर पटियाला के सदर थाने में केस दर्ज हुआ। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जी सर्टिफिकेटों को असली के तौर पर इस्तेमाल करने की धाराओं में मामला दर्ज किया है।
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पुलिस ने भर्ती प्रक्रिया से जुड़े सभी सरकारी रिकॉर्ड और फर्जी सर्टिफिकेट जब्त कर लिए हैं। पुलिस यह जांच कर रही है कि क्या इस इंस्टीट्यूट ने अन्य उम्मीदवारों के लिए भी ऐसे फर्जी सर्टिफिकेट बनाए थे। साथ ही इस जाल में शामिल अन्य लोगों का भी पता लगाया जाएगा। आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए दबिश दी रही है।
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