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गोरखपुर जेल पर अमन मणि ने किया हंगामा
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Sat, 04 Feb 2017 12:28 AM IST
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एसडीएम कोर्ट में पेश हुए अमन मणि त्रिपाठी समर्थकों से मिलते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
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गोरखपुर(ब्यूरो)। फर्जी तरीके से स्थानीय वोटर लिस्ट में नामजदगी के आरोप की सुनवाई में शुक्रवार को गाजियाबाद जेल से नौतनवां एसडीएम कोर्ट लाए गए अमन मणि त्रिपाठी ने बीच में रुककर गोरखपुर कारागार पर जमकर हंगामा किया। जेल में बंद पिता अमर मणि त्रिपाठी से मुलाकात की ख्वाहिश मुलाकात का सही समय न होने के कारण पूरी नहीं हुई तो हंगामा शुरू कर दिया।
पत्नी सारा की हत्या के आरोप में गाजियाबाद जेल में बंद अमन मणि को गाजियाबाद पुलिस की निगरानी में लाया गया था। बताते हैं कि नौतनवां के सफर के बीच शुक्रवार सुबह छह बजे गोरखपुर से गुजरते वक्त अमन मणि ने नहाने की इच्छा व्यक्त की। पुलिस उन्हें गोरखपुर जेल ले गई।
कहा जा रहा है कि नहाने के बहाने जेल में दाखिल होते ही अमन मधुमिता हत्याकांड की सजा काट रहे पिता पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी की बैरक की ओर बढ़ने लगे। इससे रोकने पर हंगामा शुरू कर दिया। जेल अधीक्षक ने मिलाई के वक्त और तरीके के नियमों का हवाला देकर रोकने के लिए कहा तो बिफर पड़े। कारागार के सूत्र बताते हैं कि गुमराह करने के लिए अमन मणि ने एक दिन गोरखपुर जेल में रुकने की अनुमति पास होने की बात कही। चेकिंग में ऐसा कोई कागज उनके पास नहीं मिला। जिद और हंगामा देख अमर मणि की बैरक पर सुरक्षा बढ़ा दी गई।
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यही नहीं करीब घंटाभर बाद अमन के जेल से बाहर हो जाने के बाद ही कैदी-बंदियों के बैरक के दरवाजे खोले गए। हालांकि जेल प्रशासन का दावा है कि अमन को जेल में दाखिल नहीं होने दिया। बाहर ही रोकने पर कुछ देर हंगामा करके वह गाजियाबाद की फोर्स के साथ नौतनवां चले गए।
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पत्नी सारा की हत्या के आरोप में गाजियाबाद जेल में बंद अमन मणि को गाजियाबाद पुलिस की निगरानी में लाया गया था। बताते हैं कि नौतनवां के सफर के बीच शुक्रवार सुबह छह बजे गोरखपुर से गुजरते वक्त अमन मणि ने नहाने की इच्छा व्यक्त की। पुलिस उन्हें गोरखपुर जेल ले गई।
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कहा जा रहा है कि नहाने के बहाने जेल में दाखिल होते ही अमन मधुमिता हत्याकांड की सजा काट रहे पिता पूर्व मंत्री अमर मणि त्रिपाठी की बैरक की ओर बढ़ने लगे। इससे रोकने पर हंगामा शुरू कर दिया। जेल अधीक्षक ने मिलाई के वक्त और तरीके के नियमों का हवाला देकर रोकने के लिए कहा तो बिफर पड़े। कारागार के सूत्र बताते हैं कि गुमराह करने के लिए अमन मणि ने एक दिन गोरखपुर जेल में रुकने की अनुमति पास होने की बात कही। चेकिंग में ऐसा कोई कागज उनके पास नहीं मिला। जिद और हंगामा देख अमर मणि की बैरक पर सुरक्षा बढ़ा दी गई।
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यही नहीं करीब घंटाभर बाद अमन के जेल से बाहर हो जाने के बाद ही कैदी-बंदियों के बैरक के दरवाजे खोले गए। हालांकि जेल प्रशासन का दावा है कि अमन को जेल में दाखिल नहीं होने दिया। बाहर ही रोकने पर कुछ देर हंगामा करके वह गाजियाबाद की फोर्स के साथ नौतनवां चले गए।