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हरदीडाली में करंट से युवक की मौत
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Wed, 13 Jul 2016 12:57 AM IST
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छत से गिर कर युवक के मौत के बाद रोते-बिलखते परिजन।
- फोटो : अमर उजाला
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फरेंदा। हरदीडाली गांव में छत पर चढ़ कर बिजली के खंभे से तार जोड़ते समय करंट के झटके से युवक छत से नीचे गिर गया। इससे परिवार वालों में कोहराम मच गया। घर वाले युवक को सीएचसी बनकटी ले गए। जहां पर चिकित्सक ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
फरेंदा थाना के परसाबेनी निवासी बाबूराम चौरसिया की फरेंदा-सोनौली मार्ग पर परसा महंत चौराहे पर लाइट हाउस है। मंगलवार को निरनाम पूर्वी गांव के जनकजोत हरदीडाली में एक शादी समारोह में लाइट लगाने गए थे। दोपहर एक बजे के करीब छत पर चढ़ कर बिजली के खंभे से तार जोड़ रहे थे। उसी दौरान करंट से वे छत से नीचे गिर गए। सूचना मिलने पर घर के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए।
युवक को जिंदा समझ कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी ले गए। वहां डाक्टर हीरालाल, फार्मासिस्ट प्रमोद पांडेय ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। पत्नी सरोज और मां गुजराती देवी के साथ ही बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल था। पत्नी रोते-रोते बेहोश हो जा रही थी। लोग पानी के छींटे मार कर उनको होश में लाने का प्रयास कर रहे थे। फरेंदा पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज दिया।
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परिवार पर वज्रपातः फरेंदा। लाइट हाउस सेे आजीविका चलाने वाले बाबूराम चौरसिया अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। तीनों अलग रह रहे थे। बाबूराम की मौत से परिवार के लोगों पर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा है। बाबूराम की तीन संतानों में में बड़ी बेटी किरन, पुत्र करन और अकुंर के अलावा पत्नी सरोज हैं। पति के शव को बार-बार निहार कर सरोज अपने नसीब को कोस रही थी। वृद्ध मां गुजराती देवी दहाड़ मार कर रो रही थी। पथराई आंख से आंसू भी नहीं निकल रहे थे। पड़ोस की महिलाएं मां व पत्नी को समझाने का प्रयास कर रही थीं।
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फरेंदा थाना के परसाबेनी निवासी बाबूराम चौरसिया की फरेंदा-सोनौली मार्ग पर परसा महंत चौराहे पर लाइट हाउस है। मंगलवार को निरनाम पूर्वी गांव के जनकजोत हरदीडाली में एक शादी समारोह में लाइट लगाने गए थे। दोपहर एक बजे के करीब छत पर चढ़ कर बिजली के खंभे से तार जोड़ रहे थे। उसी दौरान करंट से वे छत से नीचे गिर गए। सूचना मिलने पर घर के लोग घटनास्थल पर पहुंच गए।
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युवक को जिंदा समझ कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बनकटी ले गए। वहां डाक्टर हीरालाल, फार्मासिस्ट प्रमोद पांडेय ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत के बाद घर में कोहराम मच गया। पत्नी सरोज और मां गुजराती देवी के साथ ही बच्चों का रो-रो कर बुरा हाल था। पत्नी रोते-रोते बेहोश हो जा रही थी। लोग पानी के छींटे मार कर उनको होश में लाने का प्रयास कर रहे थे। फरेंदा पुलिस ने शव को पीएम के लिए भेज दिया।
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परिवार पर वज्रपातः फरेंदा। लाइट हाउस सेे आजीविका चलाने वाले बाबूराम चौरसिया अपने तीन भाइयों में सबसे छोटे थे। तीनों अलग रह रहे थे। बाबूराम की मौत से परिवार के लोगों पर मुसीबत का पहाड़ टूट पड़ा है। बाबूराम की तीन संतानों में में बड़ी बेटी किरन, पुत्र करन और अकुंर के अलावा पत्नी सरोज हैं। पति के शव को बार-बार निहार कर सरोज अपने नसीब को कोस रही थी। वृद्ध मां गुजराती देवी दहाड़ मार कर रो रही थी। पथराई आंख से आंसू भी नहीं निकल रहे थे। पड़ोस की महिलाएं मां व पत्नी को समझाने का प्रयास कर रही थीं।