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नेपाल बंद के दौरान तोड़फोड़ रास्ता जाम
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 14 Nov 2016 12:29 AM IST
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नेपाल के भैरहवां में बंद से सूनी पड़ी सड़क।
- फोटो : अमर उजाला
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सोनौली। रविवार की दोपहर संविधान संशोधन के खिलाफ माओवादी कार्यकर्ता सड़क पर उतर गए और इक्का दुक्का खुली दुकानें भी बंद करवा दी। भारत से नेपाल जाने वाले बसे और मालवाहक ट्रक सरहद पर खड़े रहे। भैरहवा से लुंबिनी रोड पर कुछ वाहनों में तोड़फोड़ की खबर है। वहीं भैरहवा और बुटवल में सड़क पर धरना और जाम कर रहे 22 माओवादी कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार किया हैं। बंदी के उल्लंघन में कुछ मालवाहक ट्रकों में तोड़फोड़ की भी खबरें हैं।
नेपाल मधेसियों की प्रमुख मांग सीमा विभाजन जिसे तराई से पहाड़ क्षेत्र को अलग करने के लिए मधेशी एक साल से आंदोलित हैं। मधेशियों की प्रमुख मांगों में सीमा बंटवारा एक है। मधेशी समुदाय पहाड़ से तराई को जोड़ने का विरोध कर रहे हैं। संविधान में संशोधन के लिए एक वर्ष से अधिक का समय बीत गया लेकिन बात नहीं बनी। नई सरकार द्वारा मधेशियों के हित को देखते हुए सकारात्मक पहल की गई।
प्रचंड की सरकार में मधेशियों को कुछ अच्छे संकेत मिले तो माओवादी पार्टी इसके विरोध में सड़क पर आ गई। संविधान संशोधन का विप्लव माओवादी गुट विरोध कर रहा है। सरकार पर दबाव बनाने के लिए दो दिन के लिए नेपाल बंदी का ऐलान किया है। कुछ गैरमधेशियों ने माओवादियों का समर्थन किया। बंदी से सड़कों पर सन्नाटा रहा। वाहन नहीं चले, लोग घरों में दुबके रहे।
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नेपाल मधेसियों की प्रमुख मांग सीमा विभाजन जिसे तराई से पहाड़ क्षेत्र को अलग करने के लिए मधेशी एक साल से आंदोलित हैं। मधेशियों की प्रमुख मांगों में सीमा बंटवारा एक है। मधेशी समुदाय पहाड़ से तराई को जोड़ने का विरोध कर रहे हैं। संविधान में संशोधन के लिए एक वर्ष से अधिक का समय बीत गया लेकिन बात नहीं बनी। नई सरकार द्वारा मधेशियों के हित को देखते हुए सकारात्मक पहल की गई।
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प्रचंड की सरकार में मधेशियों को कुछ अच्छे संकेत मिले तो माओवादी पार्टी इसके विरोध में सड़क पर आ गई। संविधान संशोधन का विप्लव माओवादी गुट विरोध कर रहा है। सरकार पर दबाव बनाने के लिए दो दिन के लिए नेपाल बंदी का ऐलान किया है। कुछ गैरमधेशियों ने माओवादियों का समर्थन किया। बंदी से सड़कों पर सन्नाटा रहा। वाहन नहीं चले, लोग घरों में दुबके रहे।
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