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फरेंदा में तेंदुए के हमले में आठ जख्मी
ब्यूरो/अमर उजाला, महराजगंज
Updated Fri, 22 Apr 2016 12:38 AM IST
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आठ को घायल करने वाला तेंदुआ पकड़ा गया।
- फोटो : प्रदीप अग्रहरि
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बृहस्पतिवार को आबादी तक पहुंचे तेंदुए ने हमले में आठ लोग घायल हो गए। लगभग साढ़े चार घंटे की धमाचौकड़ी के बाद हमलावर तेंदुआ सरकारी जाल में जा फंसा। वन विभाग की टीम ने उसे मधवलिया रेंज के जंगल में ले जाकर आजाद कर दिया।
तेंदुए के आतंक से जूझे पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के देवपुर गांव के लोग। सुबह करीब छह बजे घर से निकले सुखराज का सामना तेंदुए ने हुआ। वह समझ या संभल पाते हुए उससे पहले तेंदुए ने हमला करके जख्मी कर दिया। सुखराज के चिल्लाने पर बचाने की नीयत से आए सुभाष, पिन्टू, विद्यासागर, लवकुश, सूरज भी तेंदुए के हमले से घायल हो गए।
इस बीच जुटे और गांव वालों ने शोरशराबा किया तो तेंदुआ भागकर विजय के घर में जा घुसा। यहां से दौड़ाने की कोशिश पर बाग की तरफ भागा लेकिन जल्द ही दोबारा गांव का रुख करते हुए सामने नजर आए रमेश पर हमला कर रामसकल के घर में घुस गया।
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सुबह करीब 7.30 बजे पुरंदरपुर पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ देर बाद रेंजर लक्ष्मीपुर सीताराम अहिरवार भी पिंजरे और टीम के साथ पहुंच गए। पिंजरे में बकरी बांधकर तेंदुए को उस ओर उकसाने की कोशिश की तो दौड़ते समय उसने रास्ते में मौजूद विपिन को घायल कर दिया। पिंजरे से बच निकलने और कई लोगों पर हमला कर देने से तेंदुए को लेकर बढ़ते आक्रोश के बीच लोग पुलिस और वन विभाग की टीम को कोसने लगे। सीओ फरेंदा रचना मिश्रा ने काबू करने के लिए तेंदुए के पैर को निशाना बनाकर गोली चलाने के निर्देश पुलिस वालों को दिए। इस बीच कुछ दूरी पर वन विभाग की तरफ से बिछाए गए जाल से बांधी गई बकरी को शिकार बनाने की नीयत से आगे बढ़ा तेंदुआ जा फंसा।
फॉरेस्टर अवधकिशोर तिवारी, राजेंद्र यादव व अन्य वनकर्मियों की देखरेख में उसे लक्ष्मीपुर रेंज ले जाया गया। डीएफओ शिवाजी राय ने बताया कि बाद में तेंदुए को मधवलिया रेंज के जंगल में छोड़ दिया गया। इस बीच घायलों सीएचसी बनकटी में इलाज दिलाया गया, जहां सुखराज की हालत गंभीर है।
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तेंदुए के आतंक से जूझे पुरंदरपुर थाना क्षेत्र के देवपुर गांव के लोग। सुबह करीब छह बजे घर से निकले सुखराज का सामना तेंदुए ने हुआ। वह समझ या संभल पाते हुए उससे पहले तेंदुए ने हमला करके जख्मी कर दिया। सुखराज के चिल्लाने पर बचाने की नीयत से आए सुभाष, पिन्टू, विद्यासागर, लवकुश, सूरज भी तेंदुए के हमले से घायल हो गए।
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इस बीच जुटे और गांव वालों ने शोरशराबा किया तो तेंदुआ भागकर विजय के घर में जा घुसा। यहां से दौड़ाने की कोशिश पर बाग की तरफ भागा लेकिन जल्द ही दोबारा गांव का रुख करते हुए सामने नजर आए रमेश पर हमला कर रामसकल के घर में घुस गया।
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सुबह करीब 7.30 बजे पुरंदरपुर पुलिस मौके पर पहुंची। कुछ देर बाद रेंजर लक्ष्मीपुर सीताराम अहिरवार भी पिंजरे और टीम के साथ पहुंच गए। पिंजरे में बकरी बांधकर तेंदुए को उस ओर उकसाने की कोशिश की तो दौड़ते समय उसने रास्ते में मौजूद विपिन को घायल कर दिया। पिंजरे से बच निकलने और कई लोगों पर हमला कर देने से तेंदुए को लेकर बढ़ते आक्रोश के बीच लोग पुलिस और वन विभाग की टीम को कोसने लगे। सीओ फरेंदा रचना मिश्रा ने काबू करने के लिए तेंदुए के पैर को निशाना बनाकर गोली चलाने के निर्देश पुलिस वालों को दिए। इस बीच कुछ दूरी पर वन विभाग की तरफ से बिछाए गए जाल से बांधी गई बकरी को शिकार बनाने की नीयत से आगे बढ़ा तेंदुआ जा फंसा।
फॉरेस्टर अवधकिशोर तिवारी, राजेंद्र यादव व अन्य वनकर्मियों की देखरेख में उसे लक्ष्मीपुर रेंज ले जाया गया। डीएफओ शिवाजी राय ने बताया कि बाद में तेंदुए को मधवलिया रेंज के जंगल में छोड़ दिया गया। इस बीच घायलों सीएचसी बनकटी में इलाज दिलाया गया, जहां सुखराज की हालत गंभीर है।