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जेएनयू प्रकरणः वकीलों में गुस्सा
अमर उजाला ब्यूरो /महराजगंज
Updated Wed, 17 Feb 2016 12:18 AM IST
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जेएनयू में अफजल गुरू की बरसी पर देश विरोधी नारेबाजी का मामला जिले में गरमा गया है। पहले अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने पुतला जलाकर प्रदर्शन किया। तो मंगलवार को अधिवक्ताओं ने काली पट्टी बांधकर घटना का विरोध जताया। देश द्रोहियों की फांसी की मांग की।
सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिरुद्ध प्रसाद पटेल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने दीवानी न्यायालय परिसर में काली पट्टी बांध कर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। कहा कि जेएनयू के छात्र नेता द्वारा देश के खिलाफ नारेबाजी की गई। ऐसे लोगों को फांसी दी जाए। ऐसे छात्रों को देश के किसी भी यूनिवर्सिटी या शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश न लिया जाए जो समर्थन में नारेबाजी की थी।
अभिजीत सिंह ने कहा कि इस तरह के कृत्य करने वालों को देश से बाहर निकाल दिया जाए। जिससे लोग देश की बुराई न कर सकें। तमाम अधिवक्ताओं ने काली पट्टी बांध कर विरोध प्रकट कर नारे बाजी की। राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्र विरोधी घटनाएं देश की राजधानी दिल्ली में घटित हो रही हैं और कुछ राजनैतिक दल इसका समर्थन कर रहे हैं।
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ऐसे दलों को जनता के बीच वोट मांगने का अधिकार नहीं बनता है। मंत्री विजय प्रकाश यादव, साधूशरण मिश्र, विभूति यादव, सुधीर शुक्ल, अशोक जायसवाल, योगेन्द्र श्रीवास्तव, विजेन्द्र मणि त्रिपाठी, हरिलाल राही आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
नौतनवा प्रतिनिधि के अनुसार रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया और राष्ट्र विरोधियों के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान अधिवक्ताओं ने सांकेतिक हड़ताल कर न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया।
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सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिरुद्ध प्रसाद पटेल के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने दीवानी न्यायालय परिसर में काली पट्टी बांध कर नारेबाजी व प्रदर्शन किया। कहा कि जेएनयू के छात्र नेता द्वारा देश के खिलाफ नारेबाजी की गई। ऐसे लोगों को फांसी दी जाए। ऐसे छात्रों को देश के किसी भी यूनिवर्सिटी या शिक्षण संस्थाओं में प्रवेश न लिया जाए जो समर्थन में नारेबाजी की थी।
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अभिजीत सिंह ने कहा कि इस तरह के कृत्य करने वालों को देश से बाहर निकाल दिया जाए। जिससे लोग देश की बुराई न कर सकें। तमाम अधिवक्ताओं ने काली पट्टी बांध कर विरोध प्रकट कर नारे बाजी की। राजेश श्रीवास्तव ने कहा कि राष्ट्र विरोधी घटनाएं देश की राजधानी दिल्ली में घटित हो रही हैं और कुछ राजनैतिक दल इसका समर्थन कर रहे हैं।
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ऐसे दलों को जनता के बीच वोट मांगने का अधिकार नहीं बनता है। मंत्री विजय प्रकाश यादव, साधूशरण मिश्र, विभूति यादव, सुधीर शुक्ल, अशोक जायसवाल, योगेन्द्र श्रीवास्तव, विजेन्द्र मणि त्रिपाठी, हरिलाल राही आदि अधिवक्ता मौजूद रहे।
नौतनवा प्रतिनिधि के अनुसार रेवेन्यू बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन किया और राष्ट्र विरोधियों के खिलाफ नारे लगाए। इस दौरान अधिवक्ताओं ने सांकेतिक हड़ताल कर न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया।