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दूसरे दिन भी भैरहवां बंद
अमर उजाला ब्यूराे
Updated Fri, 02 Dec 2016 12:26 AM IST
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सोनौली। नेपाल में संविधान संशोधन के विरोध में गैर मधेशी दलों ने दूसरे दिन भी दुकानें बंद कराईं। भैरहवां और बुटवल में बृस्पतिवार को भी लोग चाय-पान के लिए तरस गए। सड़कों पर सन्नाटा रहा। आंदोलनकारियों ने संशोधन वापस लिए जाने की मांग कर रहे हैं।
भैरहवा बुद्ध चौक पर चक्का जाम के दौरान एमाले नेता हेतराज पंथी ने कहा कि संविधान में संशोधन कर प्रचंड सरकार हम लोगों को बांटना चाहती हैं। प्रदेश नंबर 5 के जिला अर्घाखांची गुल्मी प्यूठान पाल्पा रोल्पा और रूकुम के कुछ हिस्से को 5 नंबर प्रदेेश से अलग कर 4 नंबर में समायोजन करने के खिलाफ इन जिलों की जनता सड़क पर उतर आई है। इसे वापस लिए जाने तक बंदी का ऐलान किया गया है।
यह एक सांकेतिक हड़ताल है। अगर सरकार इसे हल्के में लेगी तो उग्र और वृहद आंदोलन छेड़ा जाएगा। उसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन और प्रचंड सरकार की होगी। सरकार देश को बांटना चाहती है। जनता आपस में मेलमिलाप से रह रही थी इसे अलग किए जाने से भड़क गई है।
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बंद के दौरान भैरहवा में बाइक और रिक्शा तो सड़क पर दिखे मगर बुटवल में बंद का व्यापक असर रहा। लोग चाय पानी के लिए भी तरस गए। बीती रात एक बजे रुपन्देही जिले की पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच जाम में फंसे भारतीय वाहनों को सरहद तक पहुंचाया। किसी अनहोनी आशंका में भारत से जाने वाले पर्यटक सीमा से ही वापस लौट गए।
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भैरहवा बुद्ध चौक पर चक्का जाम के दौरान एमाले नेता हेतराज पंथी ने कहा कि संविधान में संशोधन कर प्रचंड सरकार हम लोगों को बांटना चाहती हैं। प्रदेश नंबर 5 के जिला अर्घाखांची गुल्मी प्यूठान पाल्पा रोल्पा और रूकुम के कुछ हिस्से को 5 नंबर प्रदेेश से अलग कर 4 नंबर में समायोजन करने के खिलाफ इन जिलों की जनता सड़क पर उतर आई है। इसे वापस लिए जाने तक बंदी का ऐलान किया गया है।
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यह एक सांकेतिक हड़ताल है। अगर सरकार इसे हल्के में लेगी तो उग्र और वृहद आंदोलन छेड़ा जाएगा। उसकी सारी जिम्मेदारी प्रशासन और प्रचंड सरकार की होगी। सरकार देश को बांटना चाहती है। जनता आपस में मेलमिलाप से रह रही थी इसे अलग किए जाने से भड़क गई है।
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बंद के दौरान भैरहवा में बाइक और रिक्शा तो सड़क पर दिखे मगर बुटवल में बंद का व्यापक असर रहा। लोग चाय पानी के लिए भी तरस गए। बीती रात एक बजे रुपन्देही जिले की पुलिस ने कड़ी सुरक्षा के बीच जाम में फंसे भारतीय वाहनों को सरहद तक पहुंचाया। किसी अनहोनी आशंका में भारत से जाने वाले पर्यटक सीमा से ही वापस लौट गए।