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मैनेज का गेम खेलने वाले चर्चित थानेदार पर कार्रवाई क्यों नहीं ?
Updated Fri, 21 Jul 2017 12:43 AM IST
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महराजगंज। कोल्हुई थाना क्षेत्र के टेढ़ी जंगल में दलित किशोरी के साथ दरिंदगी के मामले में साख पर बट्टा लगा चुकी पुलिस अब डैमेज कंट्रोल में जुट गई है। बृहस्पतिवार को चौकी इंचार्ज समेत छह पुलिस कर्मियों को तो निलंबित कर दिया गया लेकिन इंसानियत को शर्मसार करने वाली इस घटना को मैनेज करने में जुटे थानेदार पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्र में चर्चा का बाजार है। दोनों आरोपियों के खिलाफ रासुका की तैयारी शुरू कर दी गई है। आईजी की मॉनिटरिंग से पुलिस की करतूतों का राज परत दर परत खुलने लगा है।
कोल्हुई क्षेत्र के जंगल में हुई दलित किशोरी से दरिंदगी का वायरल वीडियो तो सप्ताह पूर्व ही पुलिस के हाथ लग गया था और मुड़िला चौकी का एक सिपाही गांव के चौकीदार को साथ लेकर लड़की के घर भी गया था। लड़की के भाई से उसकी पहचान करा कर नाम आदि पूछ कर लौट गया। इसके बाद लड़की का भाई पुलिस चौकी भी पहुंचा लेकिन हलके के सिपाही ने ढांढस बंधाकर उसे वापस कर दिया। इस दौरान पुलिस आरोपियों की तलाश कर ली और उन्हें बारी-बारी पुलिस चौकी पर भी लाया था। सूत्र बताते हैं कि मोटी रकम ऐंठने के बाद उन्हें छोड़ दिया था। कहा तो यहां तक जा रहा है कि पुलिस ने लड़की के प्रेमी के घर भी पहुंची और उससे भी वसूली की। धीरे-धीरे मामला थाने पहुंचा लेकिन यहां भी पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के बजाय पुलिस ‘मैनेज’ के ही खेल में उलझ गई। सिपाही से लगायत थानेदार तक सब अपने ‘हिस्से’ का हिसाब लगाने लगे।
चौकी से लेकर थाने तक के पुलिस वालों का ‘खेल’ तब बिगड़ गया जब वीडियो आईजी जोन के वाट्सप पर पहुंच गया। इसके बाद एकाएक पुलिस की कार्यप्रणाली बदल गई। आईजी जोन मोहित अग्रवाल के कडे़ निर्देश के बाद पुलिस कप्तान खुद मोर्चे पर आ गए और तत्काल युवकों की गिरफ्तारी के साथ ही बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे घटना क्रम की जानकारी दी। लेकिन उस दिन भी वह पुलिस कर्मियों की कार्यप्रणाली पर पर्दा डालते रहे।
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लेकिन देर से ही सही दोषी और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गांज आखिरकार गिर ही गयी। यही नहीं वीडियो को वायरल करने वाले युवक पर भी पुलिस आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश तेज कर दी है। सूत्र बताते हैं कि वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस कुछ और लोगों पर भी कार्रवाई की तैयारी में है। किशोरी से हैवानियत करने वाले दोनों अभियुक्तों पर रासुका लगाने की भी तैयारी चल रही है।
एएसपी ने थानेदार को दी क्लीनचिट
महराजगंज। गुरुवार को कार्यालय कक्ष में पत्रकारों से बातचीत में एएसपी आशुतोष शुक्ल ने कोल्हुई थानेदार के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर सटीक जवाब नहीं दिया। बोले कि उनकी लापरवाही इस प्रकरण में सामने नहीं आई है। मामला संज्ञान के आते ही उन्होंने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। बचाव करते हुए उन्होंने थानेदार कोल्हुई को क्लीनचिट दे दी।
कार्रवाई के बजाय मनोरंजन में जुटी रही पुलिस
लक्ष्मीपुर। टेढ़ी जंगल में दलित किशोरी के साथ दरिंदगी का वीडियो मई का बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि यह वीडियो करीब एक माह पहले ही कोल्हुई थाना के दर्जन भर पुलिस कर्मियों के मोबाइल में पहुंच गया था। लेकिन पुलिस उसे गंभीरता से लेने के बजाय वीडियो क्लिप को अपने मनोरंजन का साधन मान बैठी। पुलिस के इस रवैए के चलते आरोपियों का मनोबल बढ़ता गया और वीडियो वायरल होता रहा। जिसका नतीजा यह रहा कि हैवानियत दौड़ती रही और आबरू शर्मसार होती रही। आरोपियों ने वीडियो को गांव के दर्जनों लोगों को दिखाया। इसके बाद से वीडियो को शेयरइट के माध्यम से अपने दोस्तों के मोबाइल में भेज दिया। जहां से मुड़िला चौराहे के एक मोबाइल शॉप संचालक के हाथ लग गया। उसने इस वीडियो को मनोरंजन का साधन बना लोगों के मोबाइल में भेजता रहा। इसी क्रम में मुकामी थाना के कुछ पुलिसकर्मियों ने भी वीडियो को देखा।
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कोल्हुई क्षेत्र के जंगल में हुई दलित किशोरी से दरिंदगी का वायरल वीडियो तो सप्ताह पूर्व ही पुलिस के हाथ लग गया था और मुड़िला चौकी का एक सिपाही गांव के चौकीदार को साथ लेकर लड़की के घर भी गया था। लड़की के भाई से उसकी पहचान करा कर नाम आदि पूछ कर लौट गया। इसके बाद लड़की का भाई पुलिस चौकी भी पहुंचा लेकिन हलके के सिपाही ने ढांढस बंधाकर उसे वापस कर दिया। इस दौरान पुलिस आरोपियों की तलाश कर ली और उन्हें बारी-बारी पुलिस चौकी पर भी लाया था। सूत्र बताते हैं कि मोटी रकम ऐंठने के बाद उन्हें छोड़ दिया था। कहा तो यहां तक जा रहा है कि पुलिस ने लड़की के प्रेमी के घर भी पहुंची और उससे भी वसूली की। धीरे-धीरे मामला थाने पहुंचा लेकिन यहां भी पीड़ित परिवार को इंसाफ दिलाने के बजाय पुलिस ‘मैनेज’ के ही खेल में उलझ गई। सिपाही से लगायत थानेदार तक सब अपने ‘हिस्से’ का हिसाब लगाने लगे।
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चौकी से लेकर थाने तक के पुलिस वालों का ‘खेल’ तब बिगड़ गया जब वीडियो आईजी जोन के वाट्सप पर पहुंच गया। इसके बाद एकाएक पुलिस की कार्यप्रणाली बदल गई। आईजी जोन मोहित अग्रवाल के कडे़ निर्देश के बाद पुलिस कप्तान खुद मोर्चे पर आ गए और तत्काल युवकों की गिरफ्तारी के साथ ही बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस कर पूरे घटना क्रम की जानकारी दी। लेकिन उस दिन भी वह पुलिस कर्मियों की कार्यप्रणाली पर पर्दा डालते रहे।
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लेकिन देर से ही सही दोषी और लापरवाह पुलिसकर्मियों पर भी कार्रवाई की गांज आखिरकार गिर ही गयी। यही नहीं वीडियो को वायरल करने वाले युवक पर भी पुलिस आईटी एक्ट की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर तफ्तीश तेज कर दी है। सूत्र बताते हैं कि वीडियो वायरल करने के मामले में पुलिस कुछ और लोगों पर भी कार्रवाई की तैयारी में है। किशोरी से हैवानियत करने वाले दोनों अभियुक्तों पर रासुका लगाने की भी तैयारी चल रही है।
एएसपी ने थानेदार को दी क्लीनचिट
महराजगंज। गुरुवार को कार्यालय कक्ष में पत्रकारों से बातचीत में एएसपी आशुतोष शुक्ल ने कोल्हुई थानेदार के खिलाफ कार्रवाई के सवाल पर सटीक जवाब नहीं दिया। बोले कि उनकी लापरवाही इस प्रकरण में सामने नहीं आई है। मामला संज्ञान के आते ही उन्होंने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी। बचाव करते हुए उन्होंने थानेदार कोल्हुई को क्लीनचिट दे दी।
कार्रवाई के बजाय मनोरंजन में जुटी रही पुलिस
लक्ष्मीपुर। टेढ़ी जंगल में दलित किशोरी के साथ दरिंदगी का वीडियो मई का बताया जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि यह वीडियो करीब एक माह पहले ही कोल्हुई थाना के दर्जन भर पुलिस कर्मियों के मोबाइल में पहुंच गया था। लेकिन पुलिस उसे गंभीरता से लेने के बजाय वीडियो क्लिप को अपने मनोरंजन का साधन मान बैठी। पुलिस के इस रवैए के चलते आरोपियों का मनोबल बढ़ता गया और वीडियो वायरल होता रहा। जिसका नतीजा यह रहा कि हैवानियत दौड़ती रही और आबरू शर्मसार होती रही। आरोपियों ने वीडियो को गांव के दर्जनों लोगों को दिखाया। इसके बाद से वीडियो को शेयरइट के माध्यम से अपने दोस्तों के मोबाइल में भेज दिया। जहां से मुड़िला चौराहे के एक मोबाइल शॉप संचालक के हाथ लग गया। उसने इस वीडियो को मनोरंजन का साधन बना लोगों के मोबाइल में भेजता रहा। इसी क्रम में मुकामी थाना के कुछ पुलिसकर्मियों ने भी वीडियो को देखा।