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नेटवर्किंग धंधे के प्रशिक्षण के दौरान 102 लोग गिरफ्तार
Updated Wed, 14 Jun 2017 12:24 AM IST
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नेटवर्किंग के प्रशिक्षण में 102 लोग गिरफ्तार
प्रतिबंध के बावजूद नेपाल में फल-फूल रहा है गोरखधंधा
सोनौली। मलेशिया और भारत के बैंगलोर शहर से ऑनलाइन संपर्क में आए नेपाली युवाओं को क्यू नेट नेटवर्किंग का प्रशिक्षण दे रहे सरगनाओं के साथ 102 लोगों को नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनमेें 29 युवतियां भी शामिल हैं। मंगलवार की दोपहर काठमांडू के बनेस्वर में क्यू नेट नेटवर्किंग कंपनी की सदस्यता और प्रशिक्षण की जानकारी मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस ने सभा हाल में उपस्थित सभी को गिरफ्तार कर लिया।
एएसपी शेर बहादुर बस्नेत ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2003 से ही नेटवर्किंग को प्रतिबंध कर रखा है। इसके बावजूद कुछ लोगों की वजह से यह गोरखधंधा नेपाल में आज भी फल फूल रहा है। देश के कोने-कोने से बेरोजगार युवाओं को इन लोगों ने सदस्यता और प्रशिक्षण के लिए बुलाया था। पूछताछ में पता चला है कि एक व्यक्ति से सदस्यता के लिए 3.5 लाख रुपये लिए जाते हैं और आगे सदस्य बनाने पर कमीशन के रूप में मोटी रकम दी जाती है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह ऑनलाइन धंधा विदेशी मुद्रा में भी हो रहा है। इसके बदले युवाओं को एक लाख से पंद्रह लाख रुपये महीना कमाने का लालच भी दिया जा रहा है।
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प्रतिबंध के बावजूद नेपाल में फल-फूल रहा है गोरखधंधा
सोनौली। मलेशिया और भारत के बैंगलोर शहर से ऑनलाइन संपर्क में आए नेपाली युवाओं को क्यू नेट नेटवर्किंग का प्रशिक्षण दे रहे सरगनाओं के साथ 102 लोगों को नेपाल पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनमेें 29 युवतियां भी शामिल हैं। मंगलवार की दोपहर काठमांडू के बनेस्वर में क्यू नेट नेटवर्किंग कंपनी की सदस्यता और प्रशिक्षण की जानकारी मिलते ही सक्रिय हुई पुलिस ने सभा हाल में उपस्थित सभी को गिरफ्तार कर लिया।
एएसपी शेर बहादुर बस्नेत ने बताया कि सरकार ने वर्ष 2003 से ही नेटवर्किंग को प्रतिबंध कर रखा है। इसके बावजूद कुछ लोगों की वजह से यह गोरखधंधा नेपाल में आज भी फल फूल रहा है। देश के कोने-कोने से बेरोजगार युवाओं को इन लोगों ने सदस्यता और प्रशिक्षण के लिए बुलाया था। पूछताछ में पता चला है कि एक व्यक्ति से सदस्यता के लिए 3.5 लाख रुपये लिए जाते हैं और आगे सदस्य बनाने पर कमीशन के रूप में मोटी रकम दी जाती है। सबसे बड़ी बात यह है कि यह ऑनलाइन धंधा विदेशी मुद्रा में भी हो रहा है। इसके बदले युवाओं को एक लाख से पंद्रह लाख रुपये महीना कमाने का लालच भी दिया जा रहा है।
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