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अबैध सम्बंध के कारण हुई हत्या के मामले में आजीवन सश्रम कारावास
Updated Sat, 26 Aug 2017 12:16 AM IST
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महराजगंज। पनियरा थाना क्षेत्र के कमासिन खुर्द गांव के पारस गिरी की ट्रक से कुचलकर हत्या के मामले में गांव के ही इंद्रदेव यादव को दोषी पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ललित नारायण झा ने आजीवन सश्रम कारावास के साथ ही बारह हजार रुपये अर्थ दंड लगाया है।
पनियरा थाना क्षेत्र के कमासिन खुर्द निवासी पारस गिरी के दोनों पुत्र गणेश और रामप्रवेश जम्मू में कार्य करते थे। घर पर पारस अपनी दो बहुओं के साथ रहते थे। पारस गिरी की मित्रता गांव के ही ट्रक ड्राइवर इंद्रदेव यादव से थी। इंद्रदेव के कारण पारस गिरी के परिवार में तकरार बढ़ गई तो पारस गिरी ने इंद्रदेव यादव को घर आने-जाने से मना कर दिया। इससे नाराज अभियुक्त बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया और 13 अगस्त 2012 की रात ट्रक से कुचलकर हत्या कर लाश छिपा दी थी। पारस के पुत्र राम प्रवेश ने पिता की लाश की पहचान की। राम प्रवेश की सूचना पर थाना पनियरा में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले में न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता विरेंद्र कुमार यादव ने एक दर्जन गवाहों की गवाही कराकर सजा की मांग की जिसमें न्यायालय ने अपने तीस पृष्ठीय विस्तृत फैसले में पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर यह सजा सुनाई है।
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पनियरा थाना क्षेत्र के कमासिन खुर्द निवासी पारस गिरी के दोनों पुत्र गणेश और रामप्रवेश जम्मू में कार्य करते थे। घर पर पारस अपनी दो बहुओं के साथ रहते थे। पारस गिरी की मित्रता गांव के ही ट्रक ड्राइवर इंद्रदेव यादव से थी। इंद्रदेव के कारण पारस गिरी के परिवार में तकरार बढ़ गई तो पारस गिरी ने इंद्रदेव यादव को घर आने-जाने से मना कर दिया। इससे नाराज अभियुक्त बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया और 13 अगस्त 2012 की रात ट्रक से कुचलकर हत्या कर लाश छिपा दी थी। पारस के पुत्र राम प्रवेश ने पिता की लाश की पहचान की। राम प्रवेश की सूचना पर थाना पनियरा में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने मामले में न्यायालय में आरोप पत्र प्रेषित किया। सहायक शासकीय अधिवक्ता विरेंद्र कुमार यादव ने एक दर्जन गवाहों की गवाही कराकर सजा की मांग की जिसमें न्यायालय ने अपने तीस पृष्ठीय विस्तृत फैसले में पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर यह सजा सुनाई है।
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